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बारिश से फिर उभान पर नदियां, दहशत में ग्रामीण
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खानपुर क्षेत्र के शेरपुर बेला गांव के पास खेतों में भरा बाढ़ का पानी।
- फोटो : ROORKEE
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पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से क्षेत्र की नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है और ग्रामीणों में दहशत है। प्रशासन नदियों के जलस्तर पर नजर रख रहा है। साथ ही ग्रामीणों से नदियों के आसपास न जाने की अपील की है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा, सोलानी और बाणगंगा नदियों का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। बुधवार को तीन बजे गंगा का जलस्तर सामान्य से बढ़कर 292.25 मीटर पहुंच गया। तीन जगह से टूटे तंटबधों से बाढ़ का पानी क्षेत्र के डुमनपुरी, कलसिया, बालावाली, गिद्धावाली, पोडोवाली, डेरियो, मोहनावाला, बादशाहपुर, खानपुर, इदरीशपुर ,शेरपुर बेला, चंद्रपुरी कलां, चंद्रपुरी खुर्द और उत्तर प्रदेश के रामसहारवाला व हिम्मतपुर बेला आदि गांवों की हजारों बीघा कृषि भूमि में पानी फैल गया है। गन्ने, धान और हरे चारे की फसलें जलमग्न हो गई हैं। वहीं, बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात कर्मचारी लगातार जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। एसडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
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गन्ना विभाग ने किसानों को दिया प्रशिक्षण
लक्सर/खानपुर। गन्ना विभाग की ओर से लक्सर क्षेत्र के किसानों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें आधुनिक तकनीक अपनाकर कम लागत में गन्ने की उन्नत खेती से ज्यादा पैदावार लेने का प्रशिक्षण दिया गया।
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बुधवार को लक्सर गन्ना समिति के अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र नागर ने भोवापुर गांव में प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ करते हुए कहा कि लक्सर क्षेत्र में किसान अधिकांश गन्ने की खेती करते हैं। किसानों को आधुनिक तकनीक से गन्ने की खेती कर अधिक मुनाफा कमाना चाहिए। गन्ना परिषद के एससीडीआई प्रदीप वर्मा ने कहा कि गन्ने की बुवाई ट्रेंच विधि से करनी चाहिए। समिति के प्रभारी सचिव सूरजभान सिंह ने कहा कि आधुनिक तकनीक से गन्ना बुवाई करना चाहिए ताकि गन्ने की फसल से अधिक पैदावार मिल सके। इफ्को के मुख्य प्रबंधक डॉ. रामभजन सिंह ने किसानों को गन्ने की फसल में खाद और उर्वरक डालने का तरीका बताया। इस दौरान भोपाल सिंह, हरी सिंह, कर्म सिंह, कालूराम मौजूद रहे। संवाद
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पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा, सोलानी और बाणगंगा नदियों का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। बुधवार को तीन बजे गंगा का जलस्तर सामान्य से बढ़कर 292.25 मीटर पहुंच गया। तीन जगह से टूटे तंटबधों से बाढ़ का पानी क्षेत्र के डुमनपुरी, कलसिया, बालावाली, गिद्धावाली, पोडोवाली, डेरियो, मोहनावाला, बादशाहपुर, खानपुर, इदरीशपुर ,शेरपुर बेला, चंद्रपुरी कलां, चंद्रपुरी खुर्द और उत्तर प्रदेश के रामसहारवाला व हिम्मतपुर बेला आदि गांवों की हजारों बीघा कृषि भूमि में पानी फैल गया है। गन्ने, धान और हरे चारे की फसलें जलमग्न हो गई हैं। वहीं, बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात कर्मचारी लगातार जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। एसडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
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गन्ना विभाग ने किसानों को दिया प्रशिक्षण
लक्सर/खानपुर। गन्ना विभाग की ओर से लक्सर क्षेत्र के किसानों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें आधुनिक तकनीक अपनाकर कम लागत में गन्ने की उन्नत खेती से ज्यादा पैदावार लेने का प्रशिक्षण दिया गया।
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बुधवार को लक्सर गन्ना समिति के अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र नागर ने भोवापुर गांव में प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ करते हुए कहा कि लक्सर क्षेत्र में किसान अधिकांश गन्ने की खेती करते हैं। किसानों को आधुनिक तकनीक से गन्ने की खेती कर अधिक मुनाफा कमाना चाहिए। गन्ना परिषद के एससीडीआई प्रदीप वर्मा ने कहा कि गन्ने की बुवाई ट्रेंच विधि से करनी चाहिए। समिति के प्रभारी सचिव सूरजभान सिंह ने कहा कि आधुनिक तकनीक से गन्ना बुवाई करना चाहिए ताकि गन्ने की फसल से अधिक पैदावार मिल सके। इफ्को के मुख्य प्रबंधक डॉ. रामभजन सिंह ने किसानों को गन्ने की फसल में खाद और उर्वरक डालने का तरीका बताया। इस दौरान भोपाल सिंह, हरी सिंह, कर्म सिंह, कालूराम मौजूद रहे। संवाद