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भारी पड़ी हाथी की सवारी, भाभी ने एक बार फिर मारी बाजी
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भगवानपुर विधानसभा में जहां देवर को हाथी की सवारी भारी पड़ी, वहीं एक बार फिर भाभी ने उन्हें शिकस्त दी है। यहां कांग्रेस प्रत्याशी ममता राकेश ने तीसरी बार जीत दर्ज करते हुए बसपा प्रत्याशी को दूसरी बार हराया है। इससे पहले चुनाव में भाजपा के सिंबल पर भी सुबोध राकेश को उनके सामने हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में पार्टी बदलकर चुनाव लड़ने का दांव सुबोध राकेश को जीत नहीं दिला पाया। वहीं भाजपा को तीसरे नंबर पर संतोष करना पड़ा है।
विगत विधानसभा चुनाव में जहां कांग्रेस से ममता राकेश चुनाव लड़ी थी। वहीं उनके सामने भाजपा के टिकट पर देवर सुबोध राकेश ने कड़ी टक्कर दी थी। इसमें सुबोध राकेश को करीब ढाई हजार वोट से हार का सामना करना पड़ा था। इस चुनाव में ममता राकेश कांग्रेस के सिंबल पर तीसरी बार मैदान में थीं वहीं उनके देवर सुबोध राकेश ने भाजपा का दामन छोड़ बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन इस बार उन्हें 5363 वोट से हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में सुुबोध राकेश पार्टी बदलने के बाद भी ममता राकेश को शिकस्त देने में कामयाब नहीं हो सके। खास बात ये है कि ममता राकेश को पिछले चुनाव में 44882 मत मिले थे, जबकि सुबोध राकेश को 42369 वोट हासिल हुए थे। इस बार ममता राकेश को पहले से 1657 वोट कम मिले हैं, जबकि सुबोध राकेश को पिछले चुनाव के मुकाबले 4507 वोट कम मिले हैं। ऐसे में दोनों ही प्रत्याशियों के वोट प्रतिशत कम हुए हैं लेकिन ज्यादा नुकसान सुबोध राकेश को उठाना पड़ा। इसका लाभ कांग्रेस प्रत्याशी को मिला। वहीं इस सीट पर भाजपा के मास्टर सत्यपाल को महज 11461 वोट ही मिल पाए।
पहले राउंड से ही ममता ने ली बढ़त
कांग्रेस प्रत्याशी ममता राकेश ने पहले राउंड से ही बढ़त बनानी शुरू कर दी थी। उन्हें 3470 और सुबोध को 1595 मत मिले। इसके बाद दूसरे, तीसरे, चौथे राउंड से लेकर पांचवें राउंड तक बढ़त जारी रही। छठे राउंड में सुबोध ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन लीड नहीं कर पाए। इसके बाद से आखिरी राउंड तक सुबोध राकेश पिछड़ते ही रहे। आखिरकार अंतिम 22वें राउंड में ममता राकेश 43225 मत हासिल कर जीत गईं।
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विगत विधानसभा चुनाव में जहां कांग्रेस से ममता राकेश चुनाव लड़ी थी। वहीं उनके सामने भाजपा के टिकट पर देवर सुबोध राकेश ने कड़ी टक्कर दी थी। इसमें सुबोध राकेश को करीब ढाई हजार वोट से हार का सामना करना पड़ा था। इस चुनाव में ममता राकेश कांग्रेस के सिंबल पर तीसरी बार मैदान में थीं वहीं उनके देवर सुबोध राकेश ने भाजपा का दामन छोड़ बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन इस बार उन्हें 5363 वोट से हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में सुुबोध राकेश पार्टी बदलने के बाद भी ममता राकेश को शिकस्त देने में कामयाब नहीं हो सके। खास बात ये है कि ममता राकेश को पिछले चुनाव में 44882 मत मिले थे, जबकि सुबोध राकेश को 42369 वोट हासिल हुए थे। इस बार ममता राकेश को पहले से 1657 वोट कम मिले हैं, जबकि सुबोध राकेश को पिछले चुनाव के मुकाबले 4507 वोट कम मिले हैं। ऐसे में दोनों ही प्रत्याशियों के वोट प्रतिशत कम हुए हैं लेकिन ज्यादा नुकसान सुबोध राकेश को उठाना पड़ा। इसका लाभ कांग्रेस प्रत्याशी को मिला। वहीं इस सीट पर भाजपा के मास्टर सत्यपाल को महज 11461 वोट ही मिल पाए।
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पहले राउंड से ही ममता ने ली बढ़त
कांग्रेस प्रत्याशी ममता राकेश ने पहले राउंड से ही बढ़त बनानी शुरू कर दी थी। उन्हें 3470 और सुबोध को 1595 मत मिले। इसके बाद दूसरे, तीसरे, चौथे राउंड से लेकर पांचवें राउंड तक बढ़त जारी रही। छठे राउंड में सुबोध ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन लीड नहीं कर पाए। इसके बाद से आखिरी राउंड तक सुबोध राकेश पिछड़ते ही रहे। आखिरकार अंतिम 22वें राउंड में ममता राकेश 43225 मत हासिल कर जीत गईं।
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