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हजरत इमाम हुसैन की शहादत को किया याद

Fri, 20 Aug 2021 11:09 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 20 Aug 2021 11:09 PM IST
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Remembering the martyrdom of Hazrat Imam Hussain
मंगलौर में इमामबाड़े में मोहर्रम पर मातम करते अजादार। - फोटो : ROORKEE
मंगलौर। हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में मनाए जाने वाले मोहर्रम पर इस बार कोई भव्य कार्यक्रम नहीं हुआ। लोगों ने कोविड की गाइडलाइन का पालन करते हुए सांकेतिक रूप में मोहर्रम मनाया। साथ ही हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों को श्रद्धासुमन अर्पित कर खुदा की बारगाह में कोरोना संक्रमण से देश व दुनिया को निजात दिए जाने की दुआ की गई।
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शुक्रवार को मोहर्रम महीने की दस तारीख पर हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया गया। साथ उन तमाम शहीदों को भी याद किया गया, जिन्होंने कर्बला के मैदान में राह-ए-खुदा में कुर्बानी पेश की थी। कोविड गाइडलाइन को देखते हुए किसी भी प्रकार का कार्यक्रम, जुलूस आदि नहीं निकाला गया। लोगों ने इमामबाड़ा पहुंचकर हजरत इमाम हुसैन और उनके जांनिसार साथियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। साथ ही धार्मिक रीतिरिवाज के अनुसार, गरीबों को खाना खिलाया। इस अवसर पर मौलाना सैयद शमशाद अहमद रिजवी, मौलाना सिब्ते हसन, मौलाना शाह अब्बास ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हजरत इमाम हुसैन को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम सब उनके बताए मार्ग पर चलें।
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उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से हजरत इमाम हुसैन ने सच्चाई, ईमानदारी और इंसानियत के लिए अपने प्राणों की कुर्बानी दी, उसी प्रकार हमें भी उनका अनुसरण करना चाहिए। एक-दूसरे से मोहब्बत रखें और पड़ोसी का ख्याल रखें। भले ही वह किसी भी धर्म या जाति का क्यों न हो। अनेक उलेमाओं ने यही संदेश दिया है। बड़े इमामबाड़े के प्रबंधक अमीर हैदर जैदी, दरबार-ए-हुसैन के प्रबंधक अली मेहंदी जैदी, बाबुल मुराद के प्रबंधक रजब अली आरफी, बारगाह-ए-जैनबिया के प्रबंधक अकील अहमद ने इमामबाड़ा पहुंचकर खुदा की बारगाह में कोरोना संक्रमण से देश व दुनिया को मुक्त करने की दुआ की।
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कोरोना के चलते घरों में ही रहे ताजिए
पिरान कलियर। क्षेत्र में मोहर्रम की दस तारीख को इमाम हुसैन की याद में अकीदतमंदों ने कोरोना महामारी के चलते घरों में ही ताजिए निकाले। पूरी रात मजलिसें पढ़ीं और लंगर बांटा।

कोरोना महामारी के चलते इस बार भी मोहर्रम सादगी और गाइडलाइन के साथ मनाया गया। लोग अखाड़े और जुलूस नहीं निकाले गए। घरों में मजलिस और इमाम हुसैन को याद कर मोहर्रम मनाया गया। उलेमाओं ने रातभर जिक्र-ए-इमाम हुसैन किया। अकीदतमंदों ने देश की अखंडता, एकता, भाईचारे और कोरोना महामारी से निजात की दुआ मांगी। ताजिया कमेटी के इंतजामिया शफीक साबरी, राजी मियां, खालिद साबरी, असलम ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोरोना गाइडलाइन के चलते मोहर्रम का एहतमाम सादगी से किया गया है। उधर, थानाध्यक्ष धर्मेंद्र राठी ने बताया कि कलियर क्षेत्र में मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण तरीके से मनाया गया। संवाद
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