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ऊर्जा निगम का कंट्रोल रूम ‘फेल’
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Wed, 24 Feb 2016 12:02 AM IST
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रुड़की। बिजली से संबंधित शिकायतों की सुनवाई के लिए ऊर्जा निगम की ओर से करीब एक वर्ष पहले शुरू किया गया कंट्रोल रूम ‘फेल’ हो गया है। निगम महाप्रबंधक की ओर से इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है। इससे जहां बिजली उपभोक्ताओं को बिजली संबंधी समस्याओं की शिकायतें दर्ज कराने में दिक्कतें होंगी, वहीं कंट्रोल रूम में तैनात चार कर्मचारियों की नौकरी पर भी तलवार लटक गई है।
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ऊर्जा निगम ने एक साल पहले कंट्रोल रूम की स्थापना की थी। इसमें 24 घंटे में शिकायतों के समाधान का दावा किया गया था। इसके लिए उपनल के माध्यम से चार कर्मचारियों की भी नियुक्ति की थी, लेकिन अब ऊर्जा निगम के उपमहाप्रबंधक एमएल प्रसाद ने उपनल के माध्यम से नियुक्त चारों कर्मियों को अनुबंध पूरा होने का हवाला देते हुए छुट्टी करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे न सिर्फ कर्मियों की नौकरी पर तलवार लटकी है, बल्कि उपभोक्ताओं को भी बिजली की शिकायतें दर्ज कराने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इस संबंध में ऊर्जा निगम के उप महाप्रबंधक एमएल प्रसाद का कहना है कि कंट्रोल रूम में शिकायतों का अभाव था। जिसकी वजह से इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है।
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नौकरी मिलने पर की थी शादी
उपनल के माध्यम से नियुक्ति होने के बाद ईमलीखेड़ा निवासी अर्जुन ने शादी की थी, लेकिन अभी शादी की सालगिरह भी नहीं हुई कि नौकरी से छुट्टी की जा रही है। इसके अलावा ऊर्जा निगम में उपनल के माध्यम से तैनात बुग्गावाला निवासी भावना सैनी, अंकित कुमार और सोनू की नौकरी पर भी तलवार लटक रही है। सभी कर्मियों का कहना है यदि ऊर्जा निगम कंट्रोल रूम बंद कर रहा है तो उन्हें अन्य स्थान पर तैनाती दी जानी चाहिए। सेवा समाप्त करना गलत है।
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