{"_id":"5837329b4f1c1b8e4d13b2ca","slug":"police-banned-the-chehllum-procession-at-roorkee","type":"story","status":"publish","title_hn":"रुड़की में चेहल्लुम के जुलूस पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रुड़की में चेहल्लुम के जुलूस पर रोक
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Fri, 25 Nov 2016 12:04 AM IST
विज्ञापन
chehallum
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नए रूट से चेहल्लुम का जुलूस निकालने पर पुलिस ने आपत्ति जताते हुए रोक दिया। उन्होंने पुरानी चल रही परंपरा के अनुसार ही चेहल्लुम पर मातम करने के निर्देश दिए। दूसरी ओर लंढौरा के जैनपुर झंझेड़ी में सोगवारों ने मातमी जुलूस निकाला।
विज्ञापन
रुड़की में मच्छी मोहल्ला के समीप एकत्रित हुए सोगवारों ने चेहल्लुम का जुलूस निकालने की तैयारी की, लेकिन इससे पहले पुलिस से इजाजत नहीं ली गई थी। साथ ही सोगवार मच्छी मोहल्ला होते हुए अन्य स्थलों पर भी जुलूस निकालना चाहते थे। ऐसे में जानकारी मिलने पर पहुंची सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने सोगवारों को समझा बुझाकर जुलूस न निकालने की नसीहत दी। साथ ही पुरानी परंपरा के अनुसार ही मातम करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
इसके बाद सोगवारों ने मच्छी मोहल्ला के निर्धारित स्थल पर ही मातम किया। दूसरी ओर जैनपुर झंझेड़ी के इमाम बाड़ा में मजलिस का आयोजन किया गया। लखनऊ से आए मौलाना कमर गाजी ने इमाम हुसैन की शहादत बयां की। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन ने इस्लाम की रक्षा के लिए अपना सब त्याग दिया और अपने 72 जानिसारों के साथ कर्बला में शहादत दी। इसके बाद सोगवारों ने इमाम बाड़ा परिसर में जंजीरों से मातम किया गया। इस दौरान सोगवारों की जुबां पर जहां इमाम हुसैन की सदाएं थीं वहीं शरीर लहूलुहान हो गया था। इससे पहले मजलिस में इमाम हुसैन का घोड़ा बरामद किया गया। मौके पर कौशर अली, हसन रजा, अली अमीर, हसीन हैदर, लियाकत, सैदा हसन, शोएब आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन