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पीएम ने भारत-पाक दोस्ती का रचा इतिहास
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Sun, 27 Dec 2015 11:52 PM IST
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पिरान कलियर। जिला प्रशासन एवं वक्फ बोर्ड की ओर से आयोजित शायरी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पाकिस्तान सरकार में उच्चाधिकारी उमर ताहिर ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री ने दोस्ती का अनूठा इतिहास रचकर भारत-पाक दोस्ती को एक नया आयाम दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री ने अचानक पाकिस्तान का दौरा करके हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि पाकिस्तान की आवाम का भी दिल जीत लिया है।
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सालाना उर्स में शनिवार की शाम शायरी के दरमियान भारत-पाक के बीच दोस्ती की मिसाल देखने को मिली। पाक जायरीनों के स्वागत में शायरी की एक शाम, भारत-पाक दोस्ती के नाम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रशासन के अधिकारियों और पाक जायरीनों ने एक दूसरे के गले में शॉल पहनाकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। इस मौके पर जिलाधिकारी हरबंश सिंह चुघ ने कहा कि वह दिन अब जल्दी आने वाला है जब दोस्ती की पहल के आगे सभी बंदिशें टूट जाएंगी। एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्ण राज एस ने कहा कि पिरान कलियर सभी धर्म और जाति का संगम है। इस मौके पर आईएमएस के चेयरमैन इंजीनियर मुजीब मलिक, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मंगेश घिल्डियाल, एसडीएम मनीष कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी एसके चौधरी, शायर अफजल मंगलौरी, वक्फ बोर्ड के सीईओ अहमद अली, इंतखाब आलम, तंजीम अली, आरिफ रशीद, सलीम, जमशेद, इलियास साबरी, सिटू साबरी, इरफान व खालिद आदि मौजूद रहे।
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एक रिश्ता है ये भी कम तो नहीं
पिरान कलियर। शायरी की एक शाम, भारत-पाक दोस्ती के नाम आयोजित कार्यक्रम में फिल्म तलवार की कलाकार खुशबू शर्मा ने कहा कि चंद ऐसे भी अहले इमां है, अपना काबा न दैर रखते हैं, रोटियां खा रहे हैं उर्दू की, और उर्दू से बैर रखते हैं। लखनऊ से आए डा. निर्मल दर्शन ने कुछ यूं पढ़ा कि दुश्मनी ही सही मगर उससे, एक रिश्ता है ये भी कम तो नहीं। पंजाब से आए शायर सरदार पंछी ने कहा कि खून की एक बूंद भी नहीं गिरती, मेरा कातिल कमाल करता है, या तो हंस कर वो मार देता है, या नजर से हलाल करता है। शायर अंबर खरबंदा ने कहा कि रखता है बेवफाई का इलजाम मेरे सर, अब उसके पास कोई बहाना तो है नहीं। वहीं कानपुर से आई मशहूर शायरा चांदनी पांडे ने पढ़ा कि चटक गया है मेरे ऐतबार की शीशा, मगर इसी से नया आइना बनाऊंगी। पंजाब पटियाला से आए मशहूर शायर जितेंद्र परवाज ने कहा कि दिल्ली सुखनवारों का है मरकज मियां मगर, उर्दू के कुछ चराग तो पंजाब में भी है। इसके अलावा शायर डा. मुकेश दर्पण, क्षितिज श्रीवास्तव, नफीस देशभक्त, रौनक मुसव्विर, इमरान देशभक्त, पाकिस्तान के शायर इकरार उस्मानी, मौहम्मद शफी, रियाज अहमद साबरी ने भी कलाम पेश किए।
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