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Roorkee News: जर्जर एलआईयू कार्यालय की छत का प्लास्टर गिरा, कर्मी बाल-बाल बचा
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दरगाह के जर्जर आवासीय भवन में संचालित स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) कार्यालय में मंगलवार को बड़ा हादसा होने से टल गया। कार्यालय की छत के प्लास्टर की मोटी परत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। उस समय कार्यालय में मौजूद एलआईयू कर्मी बाल-बाल बच गया। गनीमत रही कि घटना के वक्त कोई फरियादी कार्यालय में मौजूद नहीं था।
हाल ही में धनौरी स्थित अमृत लॉ कॉलेज की इमारत का हिस्सा गिरने से पीएसी के एक जवान की मौत के बाद भी जर्जर भवनों में सरकारी कामकाज जारी रहने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बता दें कि कोतवाली पिरान कलियर के बराबर में स्थित दरगाह के आवासीय भवनों के कई कमरों का इस्तेमाल पुलिसकर्मियों के रहने, डाकघर और अन्य सरकारी कार्यों के लिए किया जा रहा है।
इन्हीं कमरों में एलआईयू कार्यालय भी संचालित है। बताया जा रहा है कि भवनों की हालत लंबे समय से जर्जर बनी हुई है। इसके बावजूद यहां सरकारी कामकाज जारी है। कर्मचारियों के साथ फरियादियों का भी नियमित रूप से आना-जाना लगा रहता है। जर्जर कमरों में पुलिसकर्मियों के रहने से उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। मंगलवार को एलआईयू कार्यालय की छत से प्लास्टर का भारी हिस्सा टूटकर नीचे गिरने से वहां अफरा-तफरी मच गई। अचानक हुए इस हादसे में कार्यालय में मौजूद कर्मी ने किसी तरह खुद को बचाया।
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जांच के बाद होगा निर्णय
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने बताया कि भवनों की स्थिति की जांच कराई जाएगी। जांच में भवन मरम्मत योग्य पाए जाने पर उनकी मरम्मत कराई जाएगी। यदि भवन सुरक्षित नहीं पाए जाते हैं, तो उनमें संचालित सरकारी कार्यालयों और आवासीय व्यवस्थाओं को सुरक्षा के मद्देनजर दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा।
फरियादियों की सुरक्षा पर भी सवाल
एलआईयू कार्यालय में विभिन्न कार्यों के सिलसिले में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में जर्जर छत के नीचे बैठकर काम करना कर्मचारियों और फरियादियों, दोनों के लिए खतरे से खाली नहीं है। सवाल यह है कि जर्जर हालत में पहुंच चुके भवन में सरकारी कार्यालय का संचालन आखिर कब तक जारी रहेगा।
धनौरी हादसे के बाद भी नहीं लिया सबक
गौरतलब है कि हाल ही में धनौरी स्थित अमृत लॉ कॉलेज की इमारत का हिस्सा गिरने से एक पीएसी जवान की मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद जर्जर इमारतों की सुरक्षा, नियमित निरीक्षण और समय पर मरम्मत की आवश्यकता फिर सामने आई थी। अब दरगाह के आवासीय भवन में छत की मोटी परत गिरने की घटना ने एक बार फिर संबंधित विभागों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन्हीं कमरों में पुलिसकर्मी रहते हैं और इसी में एलआईयू ऑफिस व डाकघर है। कभी भी जर्जर छत नीचे गिर सकती हैं जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। भवनों की की स्थिति की तत्काल जांच कराई जाए और कर्मचारियों व आम लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि किसी बड़े हादसे से पहले खतरे को टाला जा सके।
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हाल ही में धनौरी स्थित अमृत लॉ कॉलेज की इमारत का हिस्सा गिरने से पीएसी के एक जवान की मौत के बाद भी जर्जर भवनों में सरकारी कामकाज जारी रहने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बता दें कि कोतवाली पिरान कलियर के बराबर में स्थित दरगाह के आवासीय भवनों के कई कमरों का इस्तेमाल पुलिसकर्मियों के रहने, डाकघर और अन्य सरकारी कार्यों के लिए किया जा रहा है।
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इन्हीं कमरों में एलआईयू कार्यालय भी संचालित है। बताया जा रहा है कि भवनों की हालत लंबे समय से जर्जर बनी हुई है। इसके बावजूद यहां सरकारी कामकाज जारी है। कर्मचारियों के साथ फरियादियों का भी नियमित रूप से आना-जाना लगा रहता है। जर्जर कमरों में पुलिसकर्मियों के रहने से उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। मंगलवार को एलआईयू कार्यालय की छत से प्लास्टर का भारी हिस्सा टूटकर नीचे गिरने से वहां अफरा-तफरी मच गई। अचानक हुए इस हादसे में कार्यालय में मौजूद कर्मी ने किसी तरह खुद को बचाया।
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जांच के बाद होगा निर्णय
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने बताया कि भवनों की स्थिति की जांच कराई जाएगी। जांच में भवन मरम्मत योग्य पाए जाने पर उनकी मरम्मत कराई जाएगी। यदि भवन सुरक्षित नहीं पाए जाते हैं, तो उनमें संचालित सरकारी कार्यालयों और आवासीय व्यवस्थाओं को सुरक्षा के मद्देनजर दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा।
फरियादियों की सुरक्षा पर भी सवाल
एलआईयू कार्यालय में विभिन्न कार्यों के सिलसिले में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में जर्जर छत के नीचे बैठकर काम करना कर्मचारियों और फरियादियों, दोनों के लिए खतरे से खाली नहीं है। सवाल यह है कि जर्जर हालत में पहुंच चुके भवन में सरकारी कार्यालय का संचालन आखिर कब तक जारी रहेगा।
धनौरी हादसे के बाद भी नहीं लिया सबक
गौरतलब है कि हाल ही में धनौरी स्थित अमृत लॉ कॉलेज की इमारत का हिस्सा गिरने से एक पीएसी जवान की मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद जर्जर इमारतों की सुरक्षा, नियमित निरीक्षण और समय पर मरम्मत की आवश्यकता फिर सामने आई थी। अब दरगाह के आवासीय भवन में छत की मोटी परत गिरने की घटना ने एक बार फिर संबंधित विभागों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन्हीं कमरों में पुलिसकर्मी रहते हैं और इसी में एलआईयू ऑफिस व डाकघर है। कभी भी जर्जर छत नीचे गिर सकती हैं जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। भवनों की की स्थिति की तत्काल जांच कराई जाए और कर्मचारियों व आम लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि किसी बड़े हादसे से पहले खतरे को टाला जा सके।