सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे को लेकर प्रदेश सरकार के बाद जिला प्रशासन भी सख्त हो गया है। जिला प्रशासन के आदेश के बाद उपजिलाधिकारी ने तहसील स्तर के सभी सरकारी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। एसडीएम ने निर्देश दिए कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले को पहले नोटिस दें। नोटिस के बाद भी कब्जा नहीं हटाने पर कानूनी कार्रवाई करें। एसडीएम ने कहा कि अगर प्रशासन को अवैध कब्जा हटाना पड़ा तो उसका पूरा खर्चा भी वसूल किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को उपजिलाधिकारी संगीता कनौजिया ने तहसील परिसर में सरकारी विभाग के सभी अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा कि समस्त विभागों की शासकीय भूमि संपत्ति का भू-अभिलेखों से मिलान कर संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जे को हटवाना है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले जिस भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा है। उसकी पूरी डिटेल उनके पास उपलब्ध कराएं। कब्जा हटाने के लिए आवश्यकता होने पर पुलिस की भी मदद लें। उपजिलाधिकारी संगीता कनौजिया ने कहा कि जिन भी लोगों ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा उसे तुरंत स्वयं ही हटा ले। बैठक के दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी बीएस चौहान, अधिशासी अधिकारी लोक निर्माण विभाग सत्यवीर सिंह, नगर पालिका से मोहम्मद गुलशेर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी लक्सर डॉ.अनिल वर्मा, बीआरसी राजवीर सिंह, बीईओ मोहम्मद सिराज अहमद, एडीओ ब्लॉक खानपुर बानेश कुमार, सहायक कृषि अधिकारी शेर पाल सिंह, कार्य लेखाकार शोभित सैनी, गन्ना विभाग से समय सिंह, जेई जल संस्थान दीपक भट्ट आदि थे। ऊर्जा निगम, खंड शिक्षा अधिकारी खानपुर, पशु चिकित्सा विभाग, विपणन निरीक्षक के विभाग से कोई भी मौजूद नहीं था। उपजिलाधिकारी ने आपत्ति जताते हुए बैठक में मौजूद नहीं होने की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है।