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दोस्ती का पैगाम लेकर लौटे पाक जायरीन
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Sun, 27 Dec 2015 11:53 PM IST
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पिरान कलियर। कलियर साबिर पाक के सालाना उर्स में शामिल होने आए पाक जायरीन रविवार रात दिलों में प्यार और दोस्ती का पैगाम लेकर अपने वतन लौट गए। स्थानीय लोगों ने फूल माला पहनाकर उन्हें विदाई दी। इस दौरान माहौल उस समय अश्रुपूर्ण हो गया जब कुछ जाते वक्त फफक-फफककर रो पड़े। कलियर से कड़ी सुरक्षा के बीच पाक जायरीनों को रुड़की रेलवे स्टेशन लाया गया। यहां से लाहौरी एक्सप्रेस में बैठकर पाक जायरीन रवाना हुए।
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पाकिस्तान के विभिन्न शहरों से 22 दिसंबर को 171 जायरीन साबिर पाक के सालाना उर्स में शामिल होने के लिए कलियर आए थे। उनके साथ पाक एंबेसी के दो सदस्य भी थे। भारतीयों से इन छह दिनों में उन्हें बेहद प्यार और अपनापन मिला। रविवार को जब वापस लौटने का वक्त आया तो सभी पाक जायरीन उदास थे। गले मिलकर पूरा दिन वे लोगों से पाकिस्तान आने का न्यौता व दोबारा आने के लिए दुआ के लिए कह रहे थे। शाम को जिस वक्त रुड़की रेलवे स्टेशन के लिए बस में बैठे तो सभी पाक जायरीनों की आंखें नम थी। लोगों ने उन्हें फूल मालाएं पहनाकर और गले मिलकर विदाई दी। पाक जत्थे के लीडर रियाज साबरी सहित सभी पाक जायरीनों ने प्रशासन पुलिस प्रशासन और लोगों का शुक्रिया अदा किया। इससे पहले मेला अधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने सभी पाक जायरीनों को प्रसाद और चादर भेंट की। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय शायर अफजल मंगलौरी, दरगाह लेखाकार आरिफ रशीद, इंतखाब आलम, राव शारिक आदि मौजूद रहे। रात को करीब 11 बजे सभी पाक जायरीन लाहौरी ट्रेन में बैठकर भारतीयों से गले मिलकर यादों को जेहन में लेकर अपने वतन को रवाना हो गए।
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