फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   One and a half thousand applications gathering dust in Roorkee for two and a half months

ढाई माह से रुड़की ब्लॉक में धूल फांक रहे डेढ़ हजार आवेदन

Wed, 15 Jun 2022 08:30 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jun 2022 08:30 PM IST
विज्ञापन
One and a half thousand applications gathering dust in Roorkee for two and a half months
बिना प्रशासक और प्रधानों के चल रही ग्राम पंचायतों के लोगों के सामने समस्याएं हल नहीं होने का संकट खड़ा हो गया है। स्थिति ये है कि ढाई माह से रुड़की ब्लॉक में पेंशन शुरू करवाने के लिए आए करीब डेढ़ हजार आवेदन धूल फांक रहे हैं। बिना प्रधान या प्रशासक के हस्ताक्षर के इन आवेदनों को जमा नहीं किया जा सकता है। ऐसे में करीब आठ हजार लोग पेंशन शुरू करवाने के लिए ब्लॉकों के चक्कर लगा रहे हैं।
विज्ञापन

जिले में 29 मार्च 2020 को ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो गया था। इसके बाद ग्राम प्रधानों के बस्ते जमा होने पर हर ब्लॉक में छह महीने के लिए प्रशासकों की नियुक्ति कर दी गई थी। इन छह महीनों के अंदर पंचायत चुनाव नहीं होने पर अक्तूबर 2021 में प्रशासकों का समय पूरा हो गया। इसके बाद दोबारा प्रशासकों को नियुक्त कर दिया गया। 29 मार्च 2022 को प्रशासकों का कार्यकाल भी पूरा हो गया था। करीब ढाई महीने से गांव में न प्रधान है और न ही प्रशासक। ऐसे में ग्रामीणों के पास अपना दुखड़ा सुनाने के लिए कोई नहीं है। वहीं करीब तीन महीने पहले ही सरकार ने पति और पत्नी की एक साथ पेंशन शुरू किए जाने का प्रावधान किया है। इसके बाद से पेंशन के लिए आवेदन करने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि हर दिन ब्लॉक में 20 से 25 लोग पेंशन शुरू करवाने के लिए आवेदन लेकर पहुंच रहे हैं। हरिद्वार जिले के सभी छह ब्लॉकों में करीब आठ हजार लोग पेंशन शुरू करवाने के लिए विभागों के चक्कर लगा रहे हैं।
विज्ञापन

खातों में फंसा पड़ा है करोड़ों का बजट
वित्तीय वर्ष शुरू होने पर हर ग्राम पंचायत को बजट भी आवंटित हो चुका है। इस समय हरिद्वार में फंड का करीब 12 करोड़ रुपये पंचायतों के खातों में पड़ा है। इस फंड से ग्रामीण क्षेत्र में नालों की सफाई के साथ ही नए नालों का निर्माण होना था। इसके अलावा खराब पड़े हैंडपंप भी ठीक होने थे। बदहाल सड़कों की मरम्मत का काम भी इसी फंड से होना था लेकिन बजट खातों से नहीं निकल पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गांवों में जलभराव से होगी मुसीबत
बरसात से पहले नालों की सफाई नहीं होने से निकासी नहीं हो पाती है और यह पानी ओवरफ्लो होकर पहले सड़कों पर बहता है फिर घरों में प्रवेश करता है। इस बार अब तक नाले-नालियों की सफाई के कोई आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं। ऐसे में मानसूनी बारिश होने पर गांवों में पहले से ज्यादा जलभराव होना लाजिमी है। क्षेत्र में ऐसे कई गांव हैं जिनमें सामान्य दिनों में भी निकासी नहीं होने से गलियों में पानी भरा रहता है। ऐसे में जब भारी बारिश होगी तो लोगों को और ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।

अभी शासन स्तर से उनके पास चुनाव को लेकर कोई निर्देश नहीं है। बिना प्रधान और प्रशासक के पेंशन के आवेदन स्वीकार नहीं किए जा सकते हैं। - बनेश कुमार, एडीओ पंचायत
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed