{"_id":"5738b0ac4f1c1bfa15ac71ac","slug":"officer-made-a-tremendous-assett-in-the-guise-of-consolidation","type":"story","status":"publish","title_hn":"चकबंदी की आड़ में बना ली अपार संपत्ति ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चकबंदी की आड़ में बना ली अपार संपत्ति
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Sun, 15 May 2016 10:56 PM IST
विज्ञापन
चकबंदी अधिकारी प्रदीप गर्ग की मलकपुर स्थित पिज्जा हट की दुकान
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार हुए प्रदीप गर्ग के कई पैरोकार सत्ता में विराजमान रहे हैं। यही वजह है कि यूपी कैडर का होने के बावजूद उसका अभी तक तबादला नहीं हुआ था। जमीन से जुड़ा महकमा होने के चलते किसानों में उसकी छवि भ्रष्ट अधिकारी की बनी हुई थी। रविवार को गिरफ्तारी के बाद अकूत संपत्ति का खुलासा होने से इसकी पुष्टि भी हो गई।
विज्ञापन
प्रदेश की विजिलेंस टीम ने चकबंदी अधिकारी प्रदीप गर्ग को रविवार को आय से अधिक संपत्ति के मामले में जादूगर रोड स्थित आलीशान कोठी से गिरफ्तार कर लिया। पड़ताल में सामने आया है कि उसने न सिर्फ जिले में 30 से ज्यादा प्रॉपर्टी खरीदी बल्कि 1.20 करोड़ में मलकपुर चुंगी के पास पिज्जा हट भी खरीदा। शिकायत होने पर कानून के शिकंजे से बचने के लिए उसने पत्नी के नाम से फर्जी कंपनी बनाकर कुछ संपत्तियां उसके नाम ट्रांसफर कर दी। मगर इस कंपनी का कोई टिन नंबर या रजिस्ट्रेशन तक विजिलेंस को नहीं मिला।
विज्ञापन
प्रदीप गर्ग अभी तक कानून की नजरों से कैसे बचता रहा, उसका 18 साल से तबादला क्यों नहीं हुआ। ऐसे कई सवालों के जवाब विजिलेंस को ढूंढने होंगे। बहरहाल प्रदीप गर्ग चकबंदी विभाग में आने वाले किसानों को जायज काम के लिए भी चक्कर कटवाता था। गिरफ्तारी के बाद उससे जुड़े कई बड़े भ्रष्टाचार भी निकलकर सामने आने की उम्मीद है।
विज्ञापन