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अब तो सड़कों की सुध लो सरकार!
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Tue, 18 Apr 2017 09:40 PM IST
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एक ओर उत्तर प्रदेश में जहां 15 जून तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने की तैयारी चल रही है दूसरी ओर उत्तराखंड में सड़कों की सुध नहीं ली जा रही है। यही कारण है कि शहर से देहात तक खस्ताहाल सड़कें लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही हैं।
नई सरकार का गठन हुए एक माह पूरा हो चुका है, लेकिन शहर से देहात तक क्षतिग्रस्त सड़कों की अभी तक किसी ने सुध नहीं ली। आलम यह है क्षेत्र के मुख्य और संपर्क मार्ग तो बदहाल हैं ही, नेशनल और स्टेट हाईवे भी गड्ढों से अछूते नहीं है। गड्ढे और उखड़ी बजरी के चलते सड़कों पर चलना तक मुश्किल हो गया है। रोजाना हो रही दुर्घटनाओं की वजह क्षतिग्रस्त सड़कें बन रही हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हाईवे के अलावा सबसे ज्यादा बुरा हाल रुड़की से लक्सर जाने वाले मुख्य मार्ग का है। यहां 30 किलोमीटर की दूरी पर गड्ढे अधिक सड़क कम दिखाई देती है।
हाईवे पर हर कदम पर गड्ढे
दिल्ली देहरादून हाईवे पर जहां शहर में मालवीय चौक से रामनगर चौक तक एडीबी की खुदाई के चलते हाईवे क्षतिग्रस्त है। वहीं रामपुर चुंगी और भगवानपुर से आगे मंडावर चेकपोस्ट तक सड़क पर हर कदम पर गड्ढे बने हुए हैं। कहीं गड्ढे हैं तो कहीं पर सड़क के ऊपर की बजरी उखड़ गई है। इनसे दोपहिया वाहन फिसल कर गिर रहे हैं। दिल्ली- हरिद्वार हाईवे पर भी कुछ ऐसा ही हाल है। यहां मलकपुर चुंगी से आगे सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। यहां सालोनी पुल से पहले और इसके बाद बड़े गड्ढे बने हैं। कई जगह सड़क की बजरी उखड़ चुकी है। यही हाल कोर कालेज तक की सड़क का है। इसके अलावा दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर मोहनपुरा से आगे मंगलौर तक जगह-जगह सड़क उखड़ी है। दोनों हाईवे पर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा सहित विभिन्न प्रदेशों के लोग सफर करते हैं। प्रत्येक शनिवार और रविवार को हाईवे से होकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार और अन्य तीर्थ स्थलों को रवाना होते हैं। बावजूद इसके गड्ढों की मरम्मत नहीं की जा रही है।
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रुड़की-लक्सर मार्ग गड्ढों में तब्दील
बुरा हाल रुड़की-लक्सर मार्ग का भी है। 25 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर गड्ढों में सड़क नजर आती है। रुड़की से निकलते ही क्षतिग्रस्त मार्ग शुरू हो जाता है। ढंडेरा फाटक क्रास करने पर करीब 400 मीटर की दूरी में सड़कों पर दो-दो फीट गड्ढे बने हुए हैं। लंढौरा तक जगह-जगह बजरी उखड़ी हुई है। सोलानी पुल से पहले कई जगह सड़क पूरी तरह खत्म हो चुकी है। इसके अलावा डोसनी फाटक पार करने के बाद बहादरपुर फाटक तक सड़क क्षतिग्रस्त है। लक्सर के पास रुड़की बस स्टैंड तक सड़क का यही हाल है। इसके अलावा लक्सर में हरिद्वार रोड भी जगह-जगह टूटी हुई है। यहां पीपली का पुल पार करने के बाद सुल्तानपुर तक सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त है, लेकिन दोनों मार्गों को ठीक कराने की कोई सुध नहीं ले रहा है।
झबरेड़ा क्षेत्र की सड़कों का नहीं पुरसाहाल
क्षेत्र में इकबालपुर से तांशीपुर तक जाने वाले मार्ग की लंबाई करीब 12 किलोमीटर है। इस मार्ग पर बने बड़े-बड़े गड्ढे हजारों लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। एक दर्जन से अधिक गांव के लोगों की आवाजाही इस मार्ग से होती है। रुड़की फाटक से झबरेड़ा जाने वाला करीब 12 किलोमीटर का मार्ग भी इसी हालत में है। यह सड़क भी कई सालों से बदहाल है। इस मार्ग पर भी दस अधिक गांवों के लोग गुजरते हैं। तांशीपुर से गंगनहर किनारे कोटवाल आलमपुर तक जाने वाले करीब 20 किलोमीटर का मार्ग भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। साथ ही आजादनगर से लाठरदेवा शेख के बीच करीब तीन किलोमीटर का टुकड़ा जगह-जगह से क्षतिग्रस्त पड़ा है। लाठरदेवा से झबरेड़ी के बीच करीब पांच किलोमीटर के हिस्से में भी सड़क बुरी तरह टूटी हुई। लेकिन इन सड़कों की मरम्मत नहीं कराई जा रही है।
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नई सरकार का गठन हुए एक माह पूरा हो चुका है, लेकिन शहर से देहात तक क्षतिग्रस्त सड़कों की अभी तक किसी ने सुध नहीं ली। आलम यह है क्षेत्र के मुख्य और संपर्क मार्ग तो बदहाल हैं ही, नेशनल और स्टेट हाईवे भी गड्ढों से अछूते नहीं है। गड्ढे और उखड़ी बजरी के चलते सड़कों पर चलना तक मुश्किल हो गया है। रोजाना हो रही दुर्घटनाओं की वजह क्षतिग्रस्त सड़कें बन रही हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हाईवे के अलावा सबसे ज्यादा बुरा हाल रुड़की से लक्सर जाने वाले मुख्य मार्ग का है। यहां 30 किलोमीटर की दूरी पर गड्ढे अधिक सड़क कम दिखाई देती है।
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हाईवे पर हर कदम पर गड्ढे
दिल्ली देहरादून हाईवे पर जहां शहर में मालवीय चौक से रामनगर चौक तक एडीबी की खुदाई के चलते हाईवे क्षतिग्रस्त है। वहीं रामपुर चुंगी और भगवानपुर से आगे मंडावर चेकपोस्ट तक सड़क पर हर कदम पर गड्ढे बने हुए हैं। कहीं गड्ढे हैं तो कहीं पर सड़क के ऊपर की बजरी उखड़ गई है। इनसे दोपहिया वाहन फिसल कर गिर रहे हैं। दिल्ली- हरिद्वार हाईवे पर भी कुछ ऐसा ही हाल है। यहां मलकपुर चुंगी से आगे सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। यहां सालोनी पुल से पहले और इसके बाद बड़े गड्ढे बने हैं। कई जगह सड़क की बजरी उखड़ चुकी है। यही हाल कोर कालेज तक की सड़क का है। इसके अलावा दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर मोहनपुरा से आगे मंगलौर तक जगह-जगह सड़क उखड़ी है। दोनों हाईवे पर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा सहित विभिन्न प्रदेशों के लोग सफर करते हैं। प्रत्येक शनिवार और रविवार को हाईवे से होकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार और अन्य तीर्थ स्थलों को रवाना होते हैं। बावजूद इसके गड्ढों की मरम्मत नहीं की जा रही है।
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रुड़की-लक्सर मार्ग गड्ढों में तब्दील
बुरा हाल रुड़की-लक्सर मार्ग का भी है। 25 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर गड्ढों में सड़क नजर आती है। रुड़की से निकलते ही क्षतिग्रस्त मार्ग शुरू हो जाता है। ढंडेरा फाटक क्रास करने पर करीब 400 मीटर की दूरी में सड़कों पर दो-दो फीट गड्ढे बने हुए हैं। लंढौरा तक जगह-जगह बजरी उखड़ी हुई है। सोलानी पुल से पहले कई जगह सड़क पूरी तरह खत्म हो चुकी है। इसके अलावा डोसनी फाटक पार करने के बाद बहादरपुर फाटक तक सड़क क्षतिग्रस्त है। लक्सर के पास रुड़की बस स्टैंड तक सड़क का यही हाल है। इसके अलावा लक्सर में हरिद्वार रोड भी जगह-जगह टूटी हुई है। यहां पीपली का पुल पार करने के बाद सुल्तानपुर तक सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त है, लेकिन दोनों मार्गों को ठीक कराने की कोई सुध नहीं ले रहा है।
झबरेड़ा क्षेत्र की सड़कों का नहीं पुरसाहाल
क्षेत्र में इकबालपुर से तांशीपुर तक जाने वाले मार्ग की लंबाई करीब 12 किलोमीटर है। इस मार्ग पर बने बड़े-बड़े गड्ढे हजारों लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। एक दर्जन से अधिक गांव के लोगों की आवाजाही इस मार्ग से होती है। रुड़की फाटक से झबरेड़ा जाने वाला करीब 12 किलोमीटर का मार्ग भी इसी हालत में है। यह सड़क भी कई सालों से बदहाल है। इस मार्ग पर भी दस अधिक गांवों के लोग गुजरते हैं। तांशीपुर से गंगनहर किनारे कोटवाल आलमपुर तक जाने वाले करीब 20 किलोमीटर का मार्ग भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। साथ ही आजादनगर से लाठरदेवा शेख के बीच करीब तीन किलोमीटर का टुकड़ा जगह-जगह से क्षतिग्रस्त पड़ा है। लाठरदेवा से झबरेड़ी के बीच करीब पांच किलोमीटर के हिस्से में भी सड़क बुरी तरह टूटी हुई। लेकिन इन सड़कों की मरम्मत नहीं कराई जा रही है।