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हकीमपुर में नासूर बन गया गांव का जलभराव
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भगवानपुर क्षेत्र के हकीमपुर तुर्रा गांव के लोग बरसात शुरू होने के बाद से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। गांव में जलभराव की समस्या इतनी गंभीर हो गई है कि लोगों का जीना मुहाल हो गया है। बादल गरजते ही गांव के लोग सहम जाते हैं। स्थिति ये है कि हल्की बारिश में ही गांव की सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं। ग्रामीणों में अब प्रशासन के खिलाफ गुस्सा पनपने लगा है।
भगवानपुर ब्लॉक के गांव हकीमपुर तुर्रा के लोगों ने करीब तीन दशक पहले जलभराव की समस्या देखी थी। इसके बाद कभी ऐसे हालत नहीं बने कि सड़कों पर जलभराव हो जाए, लेकिन इस साल बरसात शुरू होने के बाद से अब तक लोग जलभराव से आजिज आ चुके हैं। कुछ समय पहले गांव के पास स्थित तालाब की सफाई के बाद से पानी निकासी का रास्ता बंद है। ऐसे में बारिश का पानी बाहर नहीं निकल पाता और सड़कों पर ही भरा रहता है। समाजसेवी नीटू सिंह सैनी, अनुज, जबर सिंह, परीक्षित सैनी, मोहित, विकास, निर्भय सैनी, अंकुर, अंकित, शिवकुमार, आशु का कहना है कि गांव में करीब एक महीने से लगातार सड़कों पर पानी भरा है। सोमवार को जन्माष्टमी पर मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 300 मीटर तक पानी से होकर गुजरना पड़ा। लगातार पानी भरे रहने से घरों में जहरीले कीट और सांप घुसने लगे हैं। कई बार सांप बिस्तर तक पहुंच गए। ऐसे में बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। रात में गलियों से निकलना दूभर हो जाता है। प्रशासन से लेकर सीएम तक समस्या हल करवाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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मामला संज्ञान में है। गांव में जलभराव की समस्या को लेकर उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। साथ ही नाले का प्रस्ताव बनाकर भी भेजा गया है। बजट स्वीकृत होते ही काम शुरू करवा दिया जाएगा।
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-स्मृता परमार असवाल, एसडीएम, भगवानपुर
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भगवानपुर ब्लॉक के गांव हकीमपुर तुर्रा के लोगों ने करीब तीन दशक पहले जलभराव की समस्या देखी थी। इसके बाद कभी ऐसे हालत नहीं बने कि सड़कों पर जलभराव हो जाए, लेकिन इस साल बरसात शुरू होने के बाद से अब तक लोग जलभराव से आजिज आ चुके हैं। कुछ समय पहले गांव के पास स्थित तालाब की सफाई के बाद से पानी निकासी का रास्ता बंद है। ऐसे में बारिश का पानी बाहर नहीं निकल पाता और सड़कों पर ही भरा रहता है। समाजसेवी नीटू सिंह सैनी, अनुज, जबर सिंह, परीक्षित सैनी, मोहित, विकास, निर्भय सैनी, अंकुर, अंकित, शिवकुमार, आशु का कहना है कि गांव में करीब एक महीने से लगातार सड़कों पर पानी भरा है। सोमवार को जन्माष्टमी पर मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 300 मीटर तक पानी से होकर गुजरना पड़ा। लगातार पानी भरे रहने से घरों में जहरीले कीट और सांप घुसने लगे हैं। कई बार सांप बिस्तर तक पहुंच गए। ऐसे में बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। रात में गलियों से निकलना दूभर हो जाता है। प्रशासन से लेकर सीएम तक समस्या हल करवाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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मामला संज्ञान में है। गांव में जलभराव की समस्या को लेकर उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। साथ ही नाले का प्रस्ताव बनाकर भी भेजा गया है। बजट स्वीकृत होते ही काम शुरू करवा दिया जाएगा।
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-स्मृता परमार असवाल, एसडीएम, भगवानपुर