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चकबंदी नहीं, ‘गड़बड़बंदी’ कहिए जनाब
ब्यूूराो/ अमर उजाला रुड़की
Updated Fri, 24 Jun 2016 12:15 AM IST
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समस्या के समाध्ाान काे प्रदश्ाऱ्र्शन करते ग्रामीण्ा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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रुड़की। चकबंदी विभाग में किस कदर अनियमितताएं की जा रही हैं इसका उदाहरण बेहड़ेकी सैदाबाद गांव में देखने को मिल रहा है। यहां धरातल से लेकर कागजों तक में भारी गड़बड़ियां की गई हैं। एक जमीन को दो-दो किसानों के नाम दिखाया गया है। परेशान किसानों ने बृहस्पतिवार को गड़बड़ियां जल्द ठीक करने की मांग को लेकर एसओसी कार्यालय पर हंगामा कर प्रदर्शन किया।
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सरकार की ओर से किसानों के बिखरे खेतों को एक जगह लगाकर अच्छी और व्यवस्थित खेती करने के लिए चकबंदी विभाग का गठन किया गया है। इसके अलावा इसका मकसद किसानों के खेतों में जाने के लिए चकरोड एवं सिंचाई के लिए नालियां की जगह भी सुनिश्चित करना है। लेकिन इस समय बेहड़ेकी सैदाबाद गांव में विभागीय कर्मचारी और अधिकारी किसानों को फायदा कम नुकसान ज्यादा पहुंचा रहे हैं। यहां के किसी किसान की जमीन को मौके पर कम कर दिया गया है तो किसी की जमीन कागजों में कम दर्शा दी गई है। हाईवे पर निकलने वाली चकरोड़ को छोटी करने की बजाय डेढ़ किलोमीटर कर दिया गया है। कहीं एक जमीन को दो-दो किसानों के नाम कर दिया गया है तो किसी की जमीन को तालाब, गोहर में दर्शाया गया है। परेशान किसानों ने एसओसी डीएस नेगी से मुलाकात कर गड़बड़ियां जल्द सही करवाने की मांग की है।
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केस-एक
उनके भाई पंकज के नाम कुल 13 बीघा जमीन है। पहले यह जमीन दो जगह थी। लेकिन अधिकारियों ने एक चक और बनाकर जमीन को तीन जगह कर दिया गया है। इससे खेतीबाड़ी करने में पहले की बजाय और दिक्कत होगी।-आशुतोष
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केस-दो
तीन भाइयों के नाम 32 बीघा जमीन है। मौके पर नापकर भी इतनी दी गई। उन्हें चक नंबर 914 भी दिया गया था। लेकिन अब किसी अन्य किसान को भी उनकी जमीन का चक नंबर कागजों में दर्शाया गया है। ऐसे में उनकी जमीन पर वह किसान हक जता सकता है। -रामकुमार
केस-तीन
उनके नाम 50 बीघा जमीन थी। नक्शा 23 में भी जमीन सही है। लेकिन जब चकबंदी फाइनल करके सजरा जारी किया गया तो उसमें पौने एक बीघा जमीन कम दर्ज कर दी गई है। सजरा देखा तो उन्हें इसका पता चला। -राजकुमार
केस-चार
चकबंदी विभाग ने एक आबादी की जमीन को भी चकबंदी प्रक्रिया में ले लिया है। जबकि आबादी की जमीन को चकबंदी प्रक्रिया में नहीं लेना चाहिए था। हैरत की बात तो यह है कि एक जमीन को तालाब, गोहर और एक व्यक्ति के नाम कागजों में दिखाया गया है।-निरंकार
अन्य भी परेशान
गांव के सुरेश और विपिन दो भाइयों के नाम करीब 40 बीघा जमीन है। लेकिन आधा बीघा जमीन को करीब एक किमी दूर डेलना की सरहद पर दिया गया है। दूसरे गांव में करीब एक किमी की सिंचाई विभाग की नालियां कागजों में दिखा दी हैं। जबकि मौके पर न पहले नालियां थीं और न अब चकबंदी विभाग ने छोड़ी है। किसानों ने बताया कि नक्शा 23 में सब कुछ सही था। उसके बाद संदर्भ के दौरान और फिर सजरा तैयार करने के दौरान यह गलतियां की गई हैं।
इनका कहना है
बेहड़ेकी सैदाबाद के किसान आए थे। उनकी शिकायतों का समाधान करने के लिए कानूनगो और लेखपालों को गांव में दोबारा से भेजा जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो वह स्वयं भी जाएंगे। सभी समस्याओं को दूर किया जाएगा।
डीएस नेगी, एसओसी, चकबंदी विभाग