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गन्ने की नई प्रजाति करेगी किसानों की आर्थिकी दूर
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किसानों को कम लागत पर अधिक मुनाफा देने के लिए गन्ना चीनी मिलें उन्हें नई-नई प्रजाति के गन्ने का बीज उपलब्ध कराती रहती है। इस बार लिब्बरहेड़ी चीनी मिल ने किसानों को सीओके-15023 प्रजाति के गन्ने का बीज उपलब्ध कराया है। इस बार क्षेत्र में करीब 60 हेक्टेयर भूमि पर नई प्रजाति के इस बीज को उगाया गया है। हालांकि ये बीज लिब्बरहेड़ी और लक्सर चीनी मिल के क्षेत्र में ही उगाया जा रहा है।
हरिद्वार जिले में किसानों की मुख्य फसलों में गेहूं, चावल और गन्ना है। किसानों का गन्ना खरीदने के लिए सहकारी समितियां स्थापित की गई है। इन सहकारी समितियों और चीनी मिलों का प्रयास रहता है कि किसानों को समय-समय पर नई-नई प्रजाति का बीज उपलब्ध कराया जा सके ताकि किसानों को ज्यादा मुनाफा हो सके। इस बार लिब्बरहेड़ी चीनी मिल ने किसानों को सीओके-15023 नाम की नई प्रजाति का बीज उपलब्ध कराया है। हालांकि पहला साल होने के कारण ये प्रजाति कुछ ही किसानों को दी गई है। करीब 60 हेक्टेयर में इस प्रजाति को उगाया गया है। ये रकबा लिब्बहेड़ी और लक्सर चीनी मिल के क्षेत्र में उगाई गई है। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक दिग्विज सिंह ने बताया कि इस प्रजाति में गन्ने का वजन ज्यादा होता है। इसलिए किसान इससे ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। वहीं इसमें शुगर की मात्रा अन्य प्रजातियों से ज्यादा होती है। इसलिए मिल भी इस प्रजाति को लेने से नहीं झिझकता है।
इन दो प्रजातियों की भी ज्यादा डिमांड
इस समय हरिद्वार जिले में सीओएस-13235 और सीओके-14201 प्रजाति की सबसे ज्यादा डिमांड है। किसानों के पास भी इस समय इन्हीं प्रजातियों का गन्ना सबसे ज्यादा है। क्योंकि इन दोनों प्रजातियों में वजन ज्यादा होने के साथ ही चारा भी प्रबल मात्रा में होता है। इसलिए किसान इसे उगाकर चारे की भी व्यवस्था कर लेता है। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि सीओ 15023 किसानों के लिए तीसरा बेहतर विकल्प बनेगा।
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हरिद्वार जिले में किसानों की मुख्य फसलों में गेहूं, चावल और गन्ना है। किसानों का गन्ना खरीदने के लिए सहकारी समितियां स्थापित की गई है। इन सहकारी समितियों और चीनी मिलों का प्रयास रहता है कि किसानों को समय-समय पर नई-नई प्रजाति का बीज उपलब्ध कराया जा सके ताकि किसानों को ज्यादा मुनाफा हो सके। इस बार लिब्बरहेड़ी चीनी मिल ने किसानों को सीओके-15023 नाम की नई प्रजाति का बीज उपलब्ध कराया है। हालांकि पहला साल होने के कारण ये प्रजाति कुछ ही किसानों को दी गई है। करीब 60 हेक्टेयर में इस प्रजाति को उगाया गया है। ये रकबा लिब्बहेड़ी और लक्सर चीनी मिल के क्षेत्र में उगाई गई है। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक दिग्विज सिंह ने बताया कि इस प्रजाति में गन्ने का वजन ज्यादा होता है। इसलिए किसान इससे ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। वहीं इसमें शुगर की मात्रा अन्य प्रजातियों से ज्यादा होती है। इसलिए मिल भी इस प्रजाति को लेने से नहीं झिझकता है।
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इन दो प्रजातियों की भी ज्यादा डिमांड
इस समय हरिद्वार जिले में सीओएस-13235 और सीओके-14201 प्रजाति की सबसे ज्यादा डिमांड है। किसानों के पास भी इस समय इन्हीं प्रजातियों का गन्ना सबसे ज्यादा है। क्योंकि इन दोनों प्रजातियों में वजन ज्यादा होने के साथ ही चारा भी प्रबल मात्रा में होता है। इसलिए किसान इसे उगाकर चारे की भी व्यवस्था कर लेता है। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि सीओ 15023 किसानों के लिए तीसरा बेहतर विकल्प बनेगा।
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