{"_id":"63c036b1573dd0762315eb8f","slug":"na-roorkee-news-c-5-1-drn1030-50098","type":"story","status":"publish","title_hn":"Roorkee News: मकर संक्रांति को लेकर बन रहा संशय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Roorkee News: मकर संक्रांति को लेकर बन रहा संशय
Thu, 12 Jan 2023 10:04 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
Updated Thu, 12 Jan 2023 10:04 PM IST
विज्ञापन
इस बार मकर संक्रांति को लेकर संशय की स्थिति बन रही है। सूर्य 14 जनवरी को रात्रि लगभग 8:45 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे इसलिए इसका पुण्य काल अगले दिन यानी 15 जनवरी को विशेष प्रशस्त होगा। 15 जनवरी को महापुण्य कॉल सुबह 7:15 से 9:00 बजे के मध्य का होगा। इसके अलावा 9:00 बजे से लेकर शाम 5:45 बजे तक भी इसका पुण्य काल रहेगा।
पंडित राकेश शुक्ला ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार संक्रांति का पुण्य काल लगभग 16 घड़ी पूर्व और 16 घड़ी पश्चात तक माना गया है। 14 जनवरी को भी संक्रांति का पुण्य काल 2:20 से प्रारंभ हो जाएगा। रविवार को पड़ने से इस बार भगवान सूर्य की विशेष कृपा रहेगी।
वहीं इस बार 14 को शनिवार और 15 को रविवार होने से एक सुखद संयोग बन रहा है। मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान करने से अश्वमेध यज्ञ का पुण्य प्राप्त होता है। इसके अलावा इस दिन खिचड़ी, घी, गुड़, ऊनी वस्त्र, कंबल आदि दान करने का भी विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन खिचड़ी दान करना भी बहुत अधिक पुण्य कारक होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पंडित राकेश शुक्ला ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार संक्रांति का पुण्य काल लगभग 16 घड़ी पूर्व और 16 घड़ी पश्चात तक माना गया है। 14 जनवरी को भी संक्रांति का पुण्य काल 2:20 से प्रारंभ हो जाएगा। रविवार को पड़ने से इस बार भगवान सूर्य की विशेष कृपा रहेगी।
विज्ञापन
वहीं इस बार 14 को शनिवार और 15 को रविवार होने से एक सुखद संयोग बन रहा है। मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान करने से अश्वमेध यज्ञ का पुण्य प्राप्त होता है। इसके अलावा इस दिन खिचड़ी, घी, गुड़, ऊनी वस्त्र, कंबल आदि दान करने का भी विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन खिचड़ी दान करना भी बहुत अधिक पुण्य कारक होता है।
विज्ञापन