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Roorkee News: लावारिस कुत्तों का आतंक, बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे ग्रामीण
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क्षेत्र के गांवों में लावारिस कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। गांवों के चौराहों और संपर्क मार्गों पर झुंड में बैठे कुत्ते ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। पिछले दो सप्ताह के भीतर क्षेत्र में कई हमलों से लाेग दहशत में हैं। सबसे अधिक चिंता स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर बनी हुई है। अभिभावक बच्चों को अकेले बाहर भेजने से कतरा रहे हैं। वहीं ग्रामीणों को सुबह-शाम उनकी सुरक्षा के लिए निगरानी करनी पड़ रही है।
क्षेत्र के सरठेड़ी शाहजहांपुर गांव में करीब दो सप्ताह पहले लावारिस कुत्तों के हमले में 30 से अधिक लोग घायल हो गए थे। घटना के बाद से ग्रामीणों में डर बना हुआ है। गांव निवासी सतेंद्र और बबलू ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए सुबह, शाम पहरेदारी करनी पड़ रही है। उन्हें इस बात की चिंता सताती रहती है कि कहीं बच्चे स्कूल जाते या घर के बाहर खेलते समय कुत्तों के हमले का शिकार न हो जाएं।
एक सप्ताह पहले मोहितपुर गांव में भी स्कूली बच्चों पर कुत्तों के हमले की बात सामने आई थी। वहीं, नन्हेड़ा अनंतपुर के ग्राम प्रधान अकरम जावेद ने बताया कि गांव के संपर्क मार्गों पर बड़ी संख्या में लावारिस कुत्ते दिखाई देते हैं। इनके कारण ग्रामीणों को रास्तों से गुजरते समय सतर्क रहना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि एक समय था जब घरों की सुरक्षा के लिए कुत्ते पाले जाते थे।
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अब हालात ऐसे हो गए हैं कि लावारिस कुत्तों से परिवार के सदस्यों, खासकर बच्चों को बचाने के लिए पहरा देना पड़ रहा है। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस समस्या का संज्ञान लेकर उचित कदम उठाएंगे ताकि गांवों में बच्चों और अन्य ग्रामीणों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
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क्षेत्र के सरठेड़ी शाहजहांपुर गांव में करीब दो सप्ताह पहले लावारिस कुत्तों के हमले में 30 से अधिक लोग घायल हो गए थे। घटना के बाद से ग्रामीणों में डर बना हुआ है। गांव निवासी सतेंद्र और बबलू ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए सुबह, शाम पहरेदारी करनी पड़ रही है। उन्हें इस बात की चिंता सताती रहती है कि कहीं बच्चे स्कूल जाते या घर के बाहर खेलते समय कुत्तों के हमले का शिकार न हो जाएं।
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एक सप्ताह पहले मोहितपुर गांव में भी स्कूली बच्चों पर कुत्तों के हमले की बात सामने आई थी। वहीं, नन्हेड़ा अनंतपुर के ग्राम प्रधान अकरम जावेद ने बताया कि गांव के संपर्क मार्गों पर बड़ी संख्या में लावारिस कुत्ते दिखाई देते हैं। इनके कारण ग्रामीणों को रास्तों से गुजरते समय सतर्क रहना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि एक समय था जब घरों की सुरक्षा के लिए कुत्ते पाले जाते थे।
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अब हालात ऐसे हो गए हैं कि लावारिस कुत्तों से परिवार के सदस्यों, खासकर बच्चों को बचाने के लिए पहरा देना पड़ रहा है। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस समस्या का संज्ञान लेकर उचित कदम उठाएंगे ताकि गांवों में बच्चों और अन्य ग्रामीणों को सुरक्षित माहौल मिल सके।