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माही को मिला दो साल बाद नया संसार
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Thu, 02 Mar 2017 10:26 PM IST
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दो साल से नारी निकेतन में जीवन यापन कर रही माही को नया संसार मिल गया है। तलाश कर रहे मौसा ने उसे अपना लिया है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के समक्ष माही एवं उसके मौसा ने एक दूसरे को पहचान लिया। बयानों के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने भी मौसा के साथ जाने के आदेश कर दिए।
वर्ष 2015 में अनाथ माही उर्फ मिशवा मंगलौर में लावारिस मिली थी। जिस पर मंगलौर पुलिस ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के समक्ष माही के बयान दर्ज कर उसे नारी निकेतन देहरादून भेज दिया था, तब से शिवपुरी इलाहाबाद यूपी निवासी माही पुत्री बचन सिंह नारी निकेतन में ही जीवन यापन कर रही थी, लेकिन यहां वह हर रोज अपनों के आने की प्रतीक्षा करती रहती थी। एक-एक दिन करके माही के दो साल नारी निकेतन में ही गुजर गए, पर उसे कोई लेने के लिए नहीं आया।
हालांकि उसकी तलाश में बुल्लेवाला तहसील नुकड़ जिला सहारनपुर यूपी निवासी उसके मौसा मित्रपाल पुत्र रकम सिंह भी लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। लाख प्रयास करने के बाद भी उसका कहीं कोई पता नहीं चल पा रहा था। अब उसका नारी निकतेन देहरादून में होने का पता चलने पर मित्रपाल ने उसे अपनाने का फैसला लिया। कानूनी कार्रवाई के लिए माही को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। जहां दोनों ने एक- दूसरे को पहचान लिया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित ने 18 वर्षीय माही को उसके बयानों के आधार पर मौसा के साथ जाने के आदेश जारी कर दिए। इससे माही को फिर से उसके मौसा ने एक नया संसार दे दिया।
वर्ष 2015 में अनाथ माही उर्फ मिशवा मंगलौर में लावारिस मिली थी। जिस पर मंगलौर पुलिस ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के समक्ष माही के बयान दर्ज कर उसे नारी निकेतन देहरादून भेज दिया था, तब से शिवपुरी इलाहाबाद यूपी निवासी माही पुत्री बचन सिंह नारी निकेतन में ही जीवन यापन कर रही थी, लेकिन यहां वह हर रोज अपनों के आने की प्रतीक्षा करती रहती थी। एक-एक दिन करके माही के दो साल नारी निकेतन में ही गुजर गए, पर उसे कोई लेने के लिए नहीं आया।
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हालांकि उसकी तलाश में बुल्लेवाला तहसील नुकड़ जिला सहारनपुर यूपी निवासी उसके मौसा मित्रपाल पुत्र रकम सिंह भी लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। लाख प्रयास करने के बाद भी उसका कहीं कोई पता नहीं चल पा रहा था। अब उसका नारी निकतेन देहरादून में होने का पता चलने पर मित्रपाल ने उसे अपनाने का फैसला लिया। कानूनी कार्रवाई के लिए माही को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। जहां दोनों ने एक- दूसरे को पहचान लिया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित ने 18 वर्षीय माही को उसके बयानों के आधार पर मौसा के साथ जाने के आदेश जारी कर दिए। इससे माही को फिर से उसके मौसा ने एक नया संसार दे दिया।
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