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मानव तस्करों के निशाने पर है पिरान कलियर
ब्यूरो/अमर उजाला रुड़की
Updated Mon, 25 Apr 2016 12:00 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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रुड़की/पिरान कलियर। दरगाह साबिर पाक के लिए विश्व विख्यात पिरान कलियर मानव तस्करों के निशाने पर है। मासूम गायब होने का ये पहला मामला नहीं है। दो साल पहले भी बच्चे चोरी की तीन घटनाएं सामने आ चुकी हैं। आज तक उन मासूमों का पुलिस कुछ पता नहीं लगा पाई है। ताजा मामले में भी अपहरणकर्ताओं के तार मानव तस्कर गिरोह से जुड़े माने जा रहे हैं।
पिरान कलियर में सालाना उर्स व खास मौकों के अलावा जायरीनों का आना जाना साल भर रहता है। इसके अलावा तीर्थस्थल होने के चलते यहां रहने खाने की कोई समस्या न होने के कारण भी लोग कलियर का रुख करते हैं। भीड़ का फायदा अपराधिक प्रवृत्ति के लोग बखूबी उठाते हैं। आर्थिक हालात तंग होने के चलते कुलछत्तर का परिवार रात रुकने के लिए कलियर पहुंचा और खाना खाने के बाद हज हाउस के पास वाहन पार्किंग में कपड़ा बिछाकर सो गया। दुस्साहस की हद देखिये कि सुबह करीब तीन बजे दो बदमाश मां की गोद से ही बच्चे का अपहरण कर ले गए।
पिरान कलियर में किसी मासूम के अपहरण का ये पहला मामला नहीं है। दो साल पहले सालाना उर्स के दौरान दिल्ली का एक परिवार जायरीनों के लिए बने टीनशेड में सोया हुआ था। यहां तीन साल का बच्चा चोरी कर लिया गया था। वहीं इसी दौरान एक विक्षिप्त महिला के दो बच्चे अलग अलग समय में चोरी कर लिए गए थे। पुलिस ने दिल्ली यूपी समेत कई राज्यों में उनकी तलाश की, मगर अभी तक किसी भी मासूम के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया। माना जा रहा है कि मानव तस्करी से जुड़ा एक ही गिरोह पिरान कलियर में बार बार ऐसी घटनाएं कर रहा है।
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पीछा करने पर लड़खड़ा कर गिरी मां
एक मां के लिए इससे दुखदायक और क्या हो सकता है कि कोई उसकी गोद से ही बच्चे को जबरन छीनकर ले जाए। डेढ़ साल के सुदामा को झपटने पर चंदा घबरा गई। इसके बावजूद जिगर के टुकड़े को छुड़ाने के लिए वह शोर मचाते हुए बदमाशों के पीछे दौड़ पड़ी। मगर कुछ दूर भागने पर वह लड़खड़ाकर गिर पड़ी। इस पर परिवार के लोगों और आस पास सो रहे लोगों ने भी शोर मचाते हुए दौड़ लगाई।
हरिद्वार जीआरपी ने लौटाई थी खुशियां
पिरान कलियर के अलावा हरिद्वार में भी बच्चा चोरी के कई मामले सामने आ चुके हैं। वर्ष 2013-14 और 2015 में हरकी पैड़ी क्षेत्र के अलावा महिला अस्पताल और रेलवे स्टेशन से बच्चा चोरी करने के आधा दर्जन से ज्यादा मामले सामने आए। तत्कालीन हरिद्वार जीआरपी थाना प्रभारी नवीन चंद्र जुराल ने अलग अलग जगहों से बच्चे बरामद कराते हुए पूरे गिरोह का खुलासा किया था। वर्तमान में मंगलौर कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक नवीन जुराल का तमाम संगठनों ने सम्मान किया था। इन बच्चों को गिरोह ने दिल्ली व हरियाणा में निसंतान दंपतियों को लाखों रुपयों मेें बेचा था।
'बच्चा उठाने के मामले में हर एंगल से जांच करते हुए तलाश शुरू कर दी गई है, टीमों को बाहर भी भेजा रहा है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर बच्चा बरामद कर लिया जाएगा।' सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस
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पिरान कलियर में सालाना उर्स व खास मौकों के अलावा जायरीनों का आना जाना साल भर रहता है। इसके अलावा तीर्थस्थल होने के चलते यहां रहने खाने की कोई समस्या न होने के कारण भी लोग कलियर का रुख करते हैं। भीड़ का फायदा अपराधिक प्रवृत्ति के लोग बखूबी उठाते हैं। आर्थिक हालात तंग होने के चलते कुलछत्तर का परिवार रात रुकने के लिए कलियर पहुंचा और खाना खाने के बाद हज हाउस के पास वाहन पार्किंग में कपड़ा बिछाकर सो गया। दुस्साहस की हद देखिये कि सुबह करीब तीन बजे दो बदमाश मां की गोद से ही बच्चे का अपहरण कर ले गए।
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पिरान कलियर में किसी मासूम के अपहरण का ये पहला मामला नहीं है। दो साल पहले सालाना उर्स के दौरान दिल्ली का एक परिवार जायरीनों के लिए बने टीनशेड में सोया हुआ था। यहां तीन साल का बच्चा चोरी कर लिया गया था। वहीं इसी दौरान एक विक्षिप्त महिला के दो बच्चे अलग अलग समय में चोरी कर लिए गए थे। पुलिस ने दिल्ली यूपी समेत कई राज्यों में उनकी तलाश की, मगर अभी तक किसी भी मासूम के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया। माना जा रहा है कि मानव तस्करी से जुड़ा एक ही गिरोह पिरान कलियर में बार बार ऐसी घटनाएं कर रहा है।
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पीछा करने पर लड़खड़ा कर गिरी मां
एक मां के लिए इससे दुखदायक और क्या हो सकता है कि कोई उसकी गोद से ही बच्चे को जबरन छीनकर ले जाए। डेढ़ साल के सुदामा को झपटने पर चंदा घबरा गई। इसके बावजूद जिगर के टुकड़े को छुड़ाने के लिए वह शोर मचाते हुए बदमाशों के पीछे दौड़ पड़ी। मगर कुछ दूर भागने पर वह लड़खड़ाकर गिर पड़ी। इस पर परिवार के लोगों और आस पास सो रहे लोगों ने भी शोर मचाते हुए दौड़ लगाई।
हरिद्वार जीआरपी ने लौटाई थी खुशियां
पिरान कलियर के अलावा हरिद्वार में भी बच्चा चोरी के कई मामले सामने आ चुके हैं। वर्ष 2013-14 और 2015 में हरकी पैड़ी क्षेत्र के अलावा महिला अस्पताल और रेलवे स्टेशन से बच्चा चोरी करने के आधा दर्जन से ज्यादा मामले सामने आए। तत्कालीन हरिद्वार जीआरपी थाना प्रभारी नवीन चंद्र जुराल ने अलग अलग जगहों से बच्चे बरामद कराते हुए पूरे गिरोह का खुलासा किया था। वर्तमान में मंगलौर कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक नवीन जुराल का तमाम संगठनों ने सम्मान किया था। इन बच्चों को गिरोह ने दिल्ली व हरियाणा में निसंतान दंपतियों को लाखों रुपयों मेें बेचा था।
'बच्चा उठाने के मामले में हर एंगल से जांच करते हुए तलाश शुरू कर दी गई है, टीमों को बाहर भी भेजा रहा है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर बच्चा बरामद कर लिया जाएगा।' सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस