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देर रात समाप्त हुआ भाजपाइयों व पुलिस के बीच हुआ विवाद
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मंगलौर। 26 लाख की धोखाधड़ी में आरोपी के पक्ष में मंगलौर कोतवाली पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच विवाद बुधवार देर रात तक चला। झबरेड़ा विधायक के हस्तक्षेप के बाद सीओ लक्सर की ओर से खेद व्यक्त करने और मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने के आश्वासन के बाद भाजपाइयों ने धरना समाप्त किया।
बुधवार को बबीता सैनी ने पांच लोगों के खिलाफ 26 लाख की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। दोपहर में पुलिस ने एक आरोपी अमित सैनी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता सागर गोयल के नेतृत्व में मंगलौर कोतवाली पहुंचे। यहां भाजपाइयों और पुलिस के बीच विवाद हो गया था। भाजपाइयों ने कोतवाल पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया था। मामला बढ़ने पर देर रात पहुंचे झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल ने मोर्चा संभाला।
उन्होंने सीओ के साथ वार्ता की। इसके बाद सीओ लक्सर बीएस चौहान और सीओ रुड़की विमल शर्मा ने मौके पर पहुंचकर घटना को लेकर खेद प्रकट किया गया। साथ ही बबीता सैनी के पति उत्तम सैनी और गिरफ्तार किए गए अमित सैनी के परिजनों व सैनी समाज के बीच समझौता हो गया। पुलिस ने कुछ ही देर बाद अमित को जमानत भी दे दी। सीओ लक्सर ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने का आश्वासन दिया। देर रात करीब दो बजे भाजपाइयों ने धरना समाप्त कर दिया।
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आपस में ही उलझते रहे भाजपा कार्यकर्ता
पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठे भाजयुमो कार्यकर्ता अधिकतर समय आपस में ही झगड़ते रहे। कुछ कार्यकर्ता धरने का विरोध कर रहे थे तो कुछ विरोध करने वालों से उलझ रहे थे। यही नहीं, कार्यकर्ता आपस में एक-दूसरे को चुनाव में देख लेने तक की धमकी देते दिखाई दिए।
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अपनी ही सरकार की कराई किरकिरी
धरने पर बैठे भाजयुमो ने अपनी ही सरकार की किरकिरी करा दी। उन्होंने तालिबानी कानून मुर्दाबाद, तालिबानी कानून नहीं चलेगा... के नारे लगाकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। साथ ही पुलिस के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर सामूहिक इस्तीफे और कोतवाली के गेट पर आत्मदाह की चेतावनी भी दी गई। पुलिस ने उनके पास से डीजल की बोतलें बरामद कीं।
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खटाना के खिलाफ की नारेबाजी
विश्व हिंदू परिषद के नेता चौधरी संदीप खटाना और उनके साथी भी धरनास्थल पहुंचे। उन्होंने युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं से धरना समाप्त करने के लिए कहा। आरोप है कि इस पर कार्यकर्ता उनसे भिड़ गए और संदीप खटाना के खिलाफ की नारेबाजी करने लगे। नौबत गालीगलौज और मारपीट तक आ गई। पुलिस ने बमुश्किल मामला संभाला और संदीप खटाना को भीड़ से निकाला गया।
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सीओ लक्सर के आग्रह पर भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त किया है। साथ ही निष्पक्ष तरीके से मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
-सागर गोयल, भाजपा नेता
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जांच में स्पष्ट हो जाएगा कि भाजपाइयों ने अनावश्यक तरीके से आरोपी को छोड़ने का दबाव बनाया था और पुलिस के साथ अभद्रता भी की थी।
-यशपाल सिंह बिष्ट, कोतवाली प्रभारी
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बुधवार को बबीता सैनी ने पांच लोगों के खिलाफ 26 लाख की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। दोपहर में पुलिस ने एक आरोपी अमित सैनी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता सागर गोयल के नेतृत्व में मंगलौर कोतवाली पहुंचे। यहां भाजपाइयों और पुलिस के बीच विवाद हो गया था। भाजपाइयों ने कोतवाल पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया था। मामला बढ़ने पर देर रात पहुंचे झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल ने मोर्चा संभाला।
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उन्होंने सीओ के साथ वार्ता की। इसके बाद सीओ लक्सर बीएस चौहान और सीओ रुड़की विमल शर्मा ने मौके पर पहुंचकर घटना को लेकर खेद प्रकट किया गया। साथ ही बबीता सैनी के पति उत्तम सैनी और गिरफ्तार किए गए अमित सैनी के परिजनों व सैनी समाज के बीच समझौता हो गया। पुलिस ने कुछ ही देर बाद अमित को जमानत भी दे दी। सीओ लक्सर ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने का आश्वासन दिया। देर रात करीब दो बजे भाजपाइयों ने धरना समाप्त कर दिया।
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आपस में ही उलझते रहे भाजपा कार्यकर्ता
पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठे भाजयुमो कार्यकर्ता अधिकतर समय आपस में ही झगड़ते रहे। कुछ कार्यकर्ता धरने का विरोध कर रहे थे तो कुछ विरोध करने वालों से उलझ रहे थे। यही नहीं, कार्यकर्ता आपस में एक-दूसरे को चुनाव में देख लेने तक की धमकी देते दिखाई दिए।
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अपनी ही सरकार की कराई किरकिरी
धरने पर बैठे भाजयुमो ने अपनी ही सरकार की किरकिरी करा दी। उन्होंने तालिबानी कानून मुर्दाबाद, तालिबानी कानून नहीं चलेगा... के नारे लगाकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। साथ ही पुलिस के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर सामूहिक इस्तीफे और कोतवाली के गेट पर आत्मदाह की चेतावनी भी दी गई। पुलिस ने उनके पास से डीजल की बोतलें बरामद कीं।
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खटाना के खिलाफ की नारेबाजी
विश्व हिंदू परिषद के नेता चौधरी संदीप खटाना और उनके साथी भी धरनास्थल पहुंचे। उन्होंने युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं से धरना समाप्त करने के लिए कहा। आरोप है कि इस पर कार्यकर्ता उनसे भिड़ गए और संदीप खटाना के खिलाफ की नारेबाजी करने लगे। नौबत गालीगलौज और मारपीट तक आ गई। पुलिस ने बमुश्किल मामला संभाला और संदीप खटाना को भीड़ से निकाला गया।
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सीओ लक्सर के आग्रह पर भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त किया है। साथ ही निष्पक्ष तरीके से मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
-सागर गोयल, भाजपा नेता
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जांच में स्पष्ट हो जाएगा कि भाजपाइयों ने अनावश्यक तरीके से आरोपी को छोड़ने का दबाव बनाया था और पुलिस के साथ अभद्रता भी की थी।
-यशपाल सिंह बिष्ट, कोतवाली प्रभारी