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आगजनी से निपटने को महकमा अलर्ट
ब्यूूराो/ अमर उजाला रुड़की
Updated Tue, 03 May 2016 12:05 AM IST
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रुड़की। आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए महकमा अलर्ट हो गया है। शासन की ओर से इस संबंध में फायर स्टेशन को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत अब फायर स्टेशन रुड़की को प्रत्येक दो घंटे में क्षेत्र की रिपोर्ट भेजनी होगी। यदि इस दौरान कहीं कोई आग लगती है तो उसका पूरा ब्योरा रिपोर्ट में शामिल करना होगा।
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रुड़की फायर स्टेशन क्षेत्र में बुग्गावाला और खानुपर रेंज के जंगल आते हैं। इन रेंजों में आए दिन छोटी-बड़ी आग की घटनाएं होती रहती हैं। इसे देखते हुए शासन ने फायर स्टेशन रुड़की को अलर्ट कर दिया है। जारी निर्देश के अनुसार फायर स्टेशन को अब प्रत्येक दो घंटे में एक रिपोर्ट मुख्य अग्निशमन अधिकारी हरिद्वार को भेजनी होगी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी इस रिपोर्ट को जिलाधिकारी को देंगे। जिलाधिकारी इस रिपोर्ट को शासन को भेजेंगे। इस रिपोर्ट में क्षेत्र में लगने वाली सभी छोटी-बड़ी आग लगने का ब्योरा रहेगा। जंगल में लगी आग की रिपोर्ट विशेष होगी। इसमें आग का कारण, आग से नुकसान, आग पर काबू पाया गया या नहीं, कितने क्षेत्र को नुकसान आदि का ब्योरा देना होगा। शासन का निर्देश मिलते ही फायर स्टेशन रुड़की ने प्रत्येक दो घंटे में रिपोर्ट देनी शुरू कर दी है।
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वनाग्नि के लिए रिजर्व की एक यूनिट
रुड़की। वनाग्नि की घटनाओं को देखते हुए शासन ने वनाग्नि के लिए एक यूनिट रिजर्व कर दी है। यह यूनिट 24 घंटे वनाग्नि पर काबू पाने के लिए तैयार रहेगी। यूनिट में चार फायरकर्मी, एक चालक, एक हवलदार रहेगा। इनके पास एक छोटे टैंक की गाड़ी रहेगी।
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फायर लाइन और फायर काउंटर रोकती है वनाग्नि
पानी न होने की स्थिति में वनाग्नि को रोकने में फायर लाइन और फायर काउंटर सबसे ज्यादा कारगर साबित होती है। फायर लाइन को आग लगने वाले स्थान से कुछ आगे बनाई जाती है। इसमें सारा घास और कबाड़ हटा दिया जाता है तो थोड़ा-थोड़ा घास भी खोद दिया जाता है। यह लाइन 15 फीट चौड़ी बनाई जाती है। जबकि फायर काउंटर को जिस दिशा में आग बढ़ रही होती है उससे आगे बढ़कर स्वयं लगाई जाती है। उसके बाद उसे तत्काल बुझा दी जाती है। ताकि जो आग आगे बढ़ रही है उसको फ्यूल या ईंधन न मिल सके।
केमिकल की आग पर काबू पाएगी टाटा जुनून
रुड़की। फैक्ट्रियों के कैमिकल में लगने वाली आग की घटनाओं से निपटने के लिए फायर स्टेशन रुड़की को टाटा जुनून नाम की एक गाड़ी मिल गई है। इस गाड़ी की खासियत यह है कि यह केमिकल की आग बुझाने के लिए पूरी तरह से सक्षम है। एफएसओ बीएल डबराल ने बताया कि इस गाड़ी में 50-50 लीटर के दो फोम टेंडर हैं। जिन्हें पंप की मदद से पानी के साथ केमिकल की आग पर डाला जाता है। इससे तुरंत आग बुझ जाती है। केमिकल में लगी आग साधहरण पानी से नहीं बुझती है। इसलिए उसके लिए फोम टेंडर का इस्तेमाल होता है।
इनका कहना है
वनाग्नि आदि की घटनाओं से निपटने के लिए फायर स्टेशन पूरी तरह मुस्तैद है। शासन की ओर से प्रत्येक दो घंटे में रिपोर्ट भेजने के लिए निर्देशित किया गया है। उसका पालन करना शुरू कर दिया है। साथ ही वनाग्नि के लिए एक फायर यूनिट भी बना दी गई है।
बीएल डबराल, एफएसओ, फायर स्टेशन रुड़की।