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खानपुर सीएचसी पर 48 गांव निर्भर, पर सुविधाएं नदारद

Tue, 25 May 2021 11:58 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 25 May 2021 11:58 PM IST
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Irony: Deployment Khanpur, giving away duty
खानपुर सीएचसी पर क्षेत्र के 48 गांव की लगभग 70 हजार आबादी निर्भर है, लेकिन यहां सुविधाएं नदारद हैं। अधिकांश चिकित्सकों और फार्मेसिस्टों ने अपनी तैनाती तो खानपुर में करा रखी है, लेकिन अटैचमेंट रुड़की, हरिद्वार और प्रदेश के अन्य जनपदों में है। इसके चलते खानपुर क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है और बीमारी में लोगों को शहरों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
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खानपुर विकासखंड क्षेत्र में लगभग 48 गांव आते हैं। कई वर्ष पहले विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने खानपुर में सीएचसी खुलवाया था ताकि क्षेत्र की जनता को अपने आसपास ही सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके, लेकिन सीएचसी में चिकित्सकों के 10 पदों में से चार पर ही चिकित्सकों की तैनाती है। चार चिकित्सकों की तैनाती के बाद भी एक ही चिकित्सक सेवाएं दे रहा है, जबकि तीन अन्य चिकित्सकों ने अपना अटैचमेंट रुड़की और हरिद्वार में करा लिया है। सीएचसी में बच्चों के विशेषज्ञ, जनरल सर्जन, ईएनटी विशेषज्ञ, जनरल फिजिशियन, महिला विशेषज्ञ के पद तो हैं, लेकिन तैनाती किसी की नहीं है। वहीं रेडियोलॉजिस्ट और एक्सरे टेक्शियन के एक-एक पद हैं, लेकिन तैनाती एक पद पर भी नहीं है। सीएचसी में दो फार्मेसिस्ट के पद हैं, लेकिन एक पर ही नियुक्ति है। वह भी लगभग एक साल से छुट्टी पर चल रही हैं। हालांकि लैब टेक्नीशियन है। तीन नर्सों के पद हैं, लेकिन तैनाती एक पद पर ही है। वार्ड ब्वाय के तीन पद हैं, लेकिन दो पदों पर ही तैनाती है। एएनएम के 10 पदों पर तैनाती है। चिकित्सकों के अभाव में स्थानीय लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं खानपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. विनीत कुमार का कहना है कि सीएचसी में चिकित्सकों की कमी है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर चिकित्सकों की तैनाती की मांग की गई है।
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सीएचसी में नहीं है अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधा
खानपुर। सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन का टोटा बना हुआ है। आधुनिक मशीनों के नाम पर यहां पर आज भी ऑक्सीजन सिलिंडर के अलावा कंसंट्रेटर और एक डेंटल चेयर है। डेंटल चेयर का भी पूरा सामान नहीं आया है। इसके चलते वह भी धूल फांक रही है। वहीं गर्भवती महिला की नॉर्मल डिलीवरी तो हो सकती है, लेकिन सिजेरियन केस को रुड़की और हरिद्वार ही रेफर करना पड़ता है।
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चंद्रपुरी पीएचसी वार्ड ब्वाय के भरोसे
क्षेत्र के चंद्रपुरी में पीएचसी बनाई गई है। इस पर क्षेत्र के आधा दर्जन से ज्यादा गांवों के लोगों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी है। यहां पर फिलहाल एक चिकित्सक एक फार्मेसिस्ट और एक वार्ड ब्वाय की तैनाती है, लेकिन चिकित्सक और फार्मेसिस्ट ने अपना अटैचमेंट जनपद के अन्य जगहों करवा लिया है। वार्ड ब्वाय की फिलहाल खानपुर सीएचसी में ड्यूटी चल रही है।
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खानपुर सीएचसी में महिला विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। इसके चलते क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्रसव कराने के लिए भी लक्सर, रुड़की और हरिद्वार तक की दौड़ लगानी पड़ रही है। इसमें क्षेत्र के गरीब लोगों का पैसा और समय दोनों नष्ट हो रहे हैं। -राजमोहिनी, निवर्तमान प्रधान, चंद्रपुरी खादर
सरकार ने लोगों को स्वास्थ्य लाभ देने के लिए क्षेत्र में सीएचसी खोली थी। विभाग की मनमर्जी के चलते चिकित्सकों की तैनाती यहां है। उनकी तनख्वाह क्षेत्र के नाम पर निकल रही, लेकिन वे अपनी सेवाएं अन्य जगहों पर दे रहे हैं। अटैचमेंट पर रोक लगानी चाहिए। -अरुण कुमार, खानपुर
चंद्रपुरी कला में पीएचसी पर चिकित्सक और एक फार्मेसिस्ट की तैनाती है, लेकिन वे स्वास्थ्य विभाग से सांठगांठ करके अपना अटैचमेंट अन्य जगह कराकर सेवा दे रहे हैं, जबकि क्षेत्र के नाम पर उनकी तनख्वाह निकल रही है। स्वास्थ्य विभाग को जब उनकी सेवा यहां नहीं दिलवानी है तो उनकी तैनाती यहां से हटा देनी चाहिए। -अमरीश गोयल, चंद्रपुरी कला

हमारे क्षेत्र में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कमी है। इसके चलते हर साल कई लोग असमय मौत का शिकार हो जाते हैं। उसके बाद भी शासन ने खानपुर सीएचसी में पर्याप्त चिकित्सकों की तैनाती नहीं कर रखी है। इससे साफ है कि सरकार और शासन ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए गंभीर नहीं है। -संगीता, प्रह्लादपुर
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