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आखिर तैराक कैसे खा गई मात
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Fri, 02 Sep 2016 11:34 PM IST
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नौकायन के दौरान राजशिखा की गंगनहर में डूबकर हुई मौत से दल में शामिल सभी छात्र-छात्राएं हैरान और दु:खी हैं। बेहद अच्छी कैनोइंग और तैराक होने के बावजूद वह गंगनहर में डूब गई। इस पर सभी सवाल उठा रहे हैं।
पंजाब विवि से छात्र-छात्राओं के दल के साथ आए कोच दीपक कुमार ने बताया कि राजशिखा मलिक बहुत अच्छी कैनोइंग करती थी। कैनोइंग करने वाले को स्वीमिंग अनिवार्य रूप से सिखाई जाती है। राजशिखा को इसमें भी महारत हासिल थी। पिछले एक माह से उनका दल रुड़की आया हुआ है। प्रतिदिन वह प्रैक्टिस कर रहा था। इससे राजशिखा की स्वीमिंग और कैनोइंग बहुत अच्छी हो गई थी। कैनोइंग के दौरान वह कैसे गिरी और तैरना जानते हुए भी कैसे डूबी इस बात को लेकर सभी हैरान हैं। माना यह भी जा रहा है कि शायद किसी कारण से राजशिखा को चक्कर आदि आया होगा। जिसके कारण वह बोट से गंगनहर में गिर गई होगी। कैनोइंग से थकान होने पर वह तैर नहीं पाई होगी और डूब गई होगी।
क्लब तो खोल दिया, सुरक्षा पर कौन देगा ध्यान
पुरानी गंगनहर में जिस तरह से कैनोइंग करते हुए राजशिखा की मौत हुई है। उसमें कैनोइंग सिखा रहे क्लब की लापरवाही साफतौर से सामने आई है। कैनोइंग की प्रैक्टिस करते समय दल के साथ कोई भी रेस्क्यू बोट नहीं थी। यदि बोट और उसके साथ टीम होती तो शायद राजशिखा को बचा लिया जाता। टीम के कोच दीपक कुमार का कहना है रेस्क्यू बोट होनी चाहिए थी। लेकिन यहां कोई रेस्क्यू टीम तक नहीं थी।
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पोंग डैम में होने वाली प्रतियोगिता के लिए हो रही थी प्रैक्टिस
पांच सितंबर से हिमाचल प्रदेश स्थित पौंग डैम में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी कैनोइंग चैंपियनशिप होनी है। इसके लिए ही प्रैक्टिस के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी से 40 छात्र-छात्राओं का दल रुड़की आया हुआ था। टीम के कोच दीपक कुमार ने बताया कि राज शिखा मलिक इस प्रतियोगिता को लेकर बेहद उत्साहित थी। लेकिन प्रतिभाग करने से पहले उसने दुनिया को अलविदा कह दिया।
पंजाब विवि से छात्र-छात्राओं के दल के साथ आए कोच दीपक कुमार ने बताया कि राजशिखा मलिक बहुत अच्छी कैनोइंग करती थी। कैनोइंग करने वाले को स्वीमिंग अनिवार्य रूप से सिखाई जाती है। राजशिखा को इसमें भी महारत हासिल थी। पिछले एक माह से उनका दल रुड़की आया हुआ है। प्रतिदिन वह प्रैक्टिस कर रहा था। इससे राजशिखा की स्वीमिंग और कैनोइंग बहुत अच्छी हो गई थी। कैनोइंग के दौरान वह कैसे गिरी और तैरना जानते हुए भी कैसे डूबी इस बात को लेकर सभी हैरान हैं। माना यह भी जा रहा है कि शायद किसी कारण से राजशिखा को चक्कर आदि आया होगा। जिसके कारण वह बोट से गंगनहर में गिर गई होगी। कैनोइंग से थकान होने पर वह तैर नहीं पाई होगी और डूब गई होगी।
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क्लब तो खोल दिया, सुरक्षा पर कौन देगा ध्यान
पुरानी गंगनहर में जिस तरह से कैनोइंग करते हुए राजशिखा की मौत हुई है। उसमें कैनोइंग सिखा रहे क्लब की लापरवाही साफतौर से सामने आई है। कैनोइंग की प्रैक्टिस करते समय दल के साथ कोई भी रेस्क्यू बोट नहीं थी। यदि बोट और उसके साथ टीम होती तो शायद राजशिखा को बचा लिया जाता। टीम के कोच दीपक कुमार का कहना है रेस्क्यू बोट होनी चाहिए थी। लेकिन यहां कोई रेस्क्यू टीम तक नहीं थी।
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पोंग डैम में होने वाली प्रतियोगिता के लिए हो रही थी प्रैक्टिस
पांच सितंबर से हिमाचल प्रदेश स्थित पौंग डैम में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी कैनोइंग चैंपियनशिप होनी है। इसके लिए ही प्रैक्टिस के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी से 40 छात्र-छात्राओं का दल रुड़की आया हुआ था। टीम के कोच दीपक कुमार ने बताया कि राज शिखा मलिक इस प्रतियोगिता को लेकर बेहद उत्साहित थी। लेकिन प्रतिभाग करने से पहले उसने दुनिया को अलविदा कह दिया।