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हरियाली तीज को लेकर दिलों में उत्साह, बाजार सुने
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हरियाली तीज का हर नवविवाहिता को बेसब्री से इंतजार रहता है, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते इस समय बाजार पूरी तरह से सुस्त पड़ा हुआ है। कोरोना काल में हरियाली तीज पर आने वाली कोथली की रस्म भी प्रभावित हो रही है।
सावन के महीने में हरियाली तीज पर मायके से ससुराल में विवाहिता की कोथली भेजे जाने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इसमें भाई अपनी बहन के लिए मेहंदी, चूड़ियां, घेवर मिठाई व अन्य उपहार लेकर जाता है। इसका हर बहन को बेसब्री से इंतजार रहता है, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते इस बार बहुत कम लोग ही कोथली लेकर जा रहे हैं। कस्बे के मिठाई व्यापारी नाथीराम कश्यप, बिट्टू व राकेश शर्मा आदि का कहना है कि इस बार कोरोना संक्रमण के चलते घेवर का व्यापार पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। इस समय तक घेवर की काफी बिक्री होती थी। वहीं दूसरी ओर महिलाओं के सौंदर्य प्रसाधन का सामान बेचने वाले दुकानदार संजय प्रजापति व सन्नी आदि का कहना है कि कोरोना संक्रमण के चलते इस बार हरियाली तीज पर महिलाएं बाजार में नहीं पहुंच रही हैं। इसकी वजह से दुकानदारी प्रभावित हो रही है। महिलाएं भी पहले की तरह बाजार में तीज की खरीदारी करने नहीं निकल रही हैं। जबकि हर साल तीन का त्योहार नजदीक आते ही बाजार में खरीदारी को महिलाएं उमड़ पड़ती थी। वहीं नहीं सामाजिक संगठनों की ओर से भी तीज को लेकर अनेक कार्यक्रम आयोजित होते थे। इस बार यह सब फीका पड़ा हुआ है।
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ऑनलाइन मनाई जा रही तीज
इस बार कोरोना काल में अधिकतर कामकाम ऑनलाइन हो गए हैं। हमेशा ऑफिस जाकर निपटने वाले काम भी ऑनलाइन ही घर बैठे हो रहे हैं। इस ऑनलाइन प्रक्रिया से तीज त्योहार भी अछूता नहीं रह गया है। इस बार भाई कोथली की रस्म भी ऑनलाइन निभा रहे हैं। कस्बे की महिला तनु शर्मा व अंजू देवी ने बताया कि इस बार उन्होंने अपने भाई को तिलक आदि ऑनलाइन ही किया है। वहीं माजरी निवासी योगेश सैनी और पनियाला निवासी रवि पुंडीर का कहना है कि कोरोना संक्रमण के दौरान अपनों के घर जाना उन्हें मुसीबत में डालना जैसा है। इसलिए इस बार तीज का तिलक बहन से ऑनलाइन ही करवाएंगे। उन्हें तीज का शगुन भी ऑनलाइन ही भेजने की तैयारी है ताकि अपने साथ-साथ उनका परिवार भी सुरक्षित रहे।
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सावन के महीने में हरियाली तीज पर मायके से ससुराल में विवाहिता की कोथली भेजे जाने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इसमें भाई अपनी बहन के लिए मेहंदी, चूड़ियां, घेवर मिठाई व अन्य उपहार लेकर जाता है। इसका हर बहन को बेसब्री से इंतजार रहता है, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते इस बार बहुत कम लोग ही कोथली लेकर जा रहे हैं। कस्बे के मिठाई व्यापारी नाथीराम कश्यप, बिट्टू व राकेश शर्मा आदि का कहना है कि इस बार कोरोना संक्रमण के चलते घेवर का व्यापार पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। इस समय तक घेवर की काफी बिक्री होती थी। वहीं दूसरी ओर महिलाओं के सौंदर्य प्रसाधन का सामान बेचने वाले दुकानदार संजय प्रजापति व सन्नी आदि का कहना है कि कोरोना संक्रमण के चलते इस बार हरियाली तीज पर महिलाएं बाजार में नहीं पहुंच रही हैं। इसकी वजह से दुकानदारी प्रभावित हो रही है। महिलाएं भी पहले की तरह बाजार में तीज की खरीदारी करने नहीं निकल रही हैं। जबकि हर साल तीन का त्योहार नजदीक आते ही बाजार में खरीदारी को महिलाएं उमड़ पड़ती थी। वहीं नहीं सामाजिक संगठनों की ओर से भी तीज को लेकर अनेक कार्यक्रम आयोजित होते थे। इस बार यह सब फीका पड़ा हुआ है।
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ऑनलाइन मनाई जा रही तीज
इस बार कोरोना काल में अधिकतर कामकाम ऑनलाइन हो गए हैं। हमेशा ऑफिस जाकर निपटने वाले काम भी ऑनलाइन ही घर बैठे हो रहे हैं। इस ऑनलाइन प्रक्रिया से तीज त्योहार भी अछूता नहीं रह गया है। इस बार भाई कोथली की रस्म भी ऑनलाइन निभा रहे हैं। कस्बे की महिला तनु शर्मा व अंजू देवी ने बताया कि इस बार उन्होंने अपने भाई को तिलक आदि ऑनलाइन ही किया है। वहीं माजरी निवासी योगेश सैनी और पनियाला निवासी रवि पुंडीर का कहना है कि कोरोना संक्रमण के दौरान अपनों के घर जाना उन्हें मुसीबत में डालना जैसा है। इसलिए इस बार तीज का तिलक बहन से ऑनलाइन ही करवाएंगे। उन्हें तीज का शगुन भी ऑनलाइन ही भेजने की तैयारी है ताकि अपने साथ-साथ उनका परिवार भी सुरक्षित रहे।
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