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Roorkee News: हजरत अली की विलादत अकीदत व एहतराम से मनाया
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अंजुमन गुलामाने मुस्तफा सोसाइटी की ओर से रुड़की के उमर एनक्लेव में इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार रजब माह की 13 तारीख, शनिवार को हजरत अली की विलादत बड़े ही अकीदत, मुहब्बत और खुलूस के साथ मनाया गया। मौके पर क्षेत्र में अकीदत, एहतराम और रूहानियत का माहौल देखने को मिला।
हजरत अली की याद में आम लंगर का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। लंगर के माध्यम से यह पैगाम दिया गया कि मौला अली किसी एक कौम या मजहब तक सीमित नहीं है बल्कि वह हर उस इंसान के रहनुमा हैं जो इंसाफ, हक, बराबरी और इंसानियत में यकीन रखता है। अंजुमन गुलामाने मुस्तुफा सोसाइटी के सचिव कुंवर शाहिद ने कहा कि मौला अली की तालीमात आज के दौर में भी पूरी इंसानियत के लिए मशाल-ए-राह हैं।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मकसद हजरत अली की शिक्षाओं, इंसाफ, इंसानियत, भाईचारा, सब्र और खिदमत-ए-खल्क को समाज के हर तबके तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि मौला अली एक अजीम शख्सियत थे जिन्हें इल्म का दरवाजा, इंसाफ की मिसाल और इंसानियत का रहनुमा माना जाता है। उनकी जिंदगी बहादुरी, सादगी, सब्र और हकपरस्ती का जीता-जागता उदाहरण है। इस लंगर को सफल बनाने में हर मजहब और समाज के लोगों ने अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम में राशिद अहमद, अमजद अली ठेकेदार, सुहैल खान, हैदर उर्फ आसिफ अली, साहिल मलिक, साकिब शहजाद, आदिल गौर आदि मौजूद रहे।
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हजरत अली की याद में आम लंगर का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। लंगर के माध्यम से यह पैगाम दिया गया कि मौला अली किसी एक कौम या मजहब तक सीमित नहीं है बल्कि वह हर उस इंसान के रहनुमा हैं जो इंसाफ, हक, बराबरी और इंसानियत में यकीन रखता है। अंजुमन गुलामाने मुस्तुफा सोसाइटी के सचिव कुंवर शाहिद ने कहा कि मौला अली की तालीमात आज के दौर में भी पूरी इंसानियत के लिए मशाल-ए-राह हैं।
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उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मकसद हजरत अली की शिक्षाओं, इंसाफ, इंसानियत, भाईचारा, सब्र और खिदमत-ए-खल्क को समाज के हर तबके तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि मौला अली एक अजीम शख्सियत थे जिन्हें इल्म का दरवाजा, इंसाफ की मिसाल और इंसानियत का रहनुमा माना जाता है। उनकी जिंदगी बहादुरी, सादगी, सब्र और हकपरस्ती का जीता-जागता उदाहरण है। इस लंगर को सफल बनाने में हर मजहब और समाज के लोगों ने अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम में राशिद अहमद, अमजद अली ठेकेदार, सुहैल खान, हैदर उर्फ आसिफ अली, साहिल मलिक, साकिब शहजाद, आदिल गौर आदि मौजूद रहे।
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