फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   Harvest the crop of votes, Netaji walks

चुनावी फंडा: लग्जरी गाड़ी छोड़ पैदल हुए %नेताजी%

Sat, 22 Jan 2022 08:15 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jan 2022 08:15 PM IST
विज्ञापन
Harvest the crop of votes, Netaji walks
पांच साल तक लग्जरी गाड़ी में घूमने वाले नेताजी चुनाव आते ही पैदल हो गए हैं। जी हां, यहां बात हो रही है नेताजी के चुनाव प्रचार की। दरअसल, कोरोना की वजह से रैली, जनसभा आदि प्रतिबंधित होने के चलते इस बार सोशल मीडिया के अलावा डोर-टु-डोर प्रचार का ही सहारा है। लिहाजा नेताजी अपने चंद समर्थकों के साथ घर-घर वोट मांगने के लिए मैराथन दौड़ लगा रहे हैं। नेताजी के समर्थक भी उन्हीं की राह पर निकल पड़े हैं। वे भी जनता के बीच पैदल ही पहुंचकर वोट की अपील कर रहे हैं।
विज्ञापन

ये किसी से छिपा नहीं है कि चुनाव आते ही नेताजी पहनावे से लेकर बोलचाल, और खानपान के तरीके भी बदल देते हैं। पांच साल तक लग्जरी गाड़ियों में समर्थकों के साथ काफिलों में घूमने वाले नेताजी चुनाव आते ही पैदल हो जाते हैं। वहीं, इस बार कोरोना के बढ़ते संक्रमण ने भी नेताओं की चालढाल बदल दी है। चुनाव आयोग ने तीसरी लहर को देखते हुए रोड शो, रैली और जनसभा पर फिलहाल प्रतिबंध लगा दिया है। ऐेसे में प्रचार के लिए सोशल मीडिया और चंद लोगों के साथ डोर-टु-डोर संपर्क का ही सहारा है।
विज्ञापन

नतीजतन, गली-मोहल्लों में घर-घर पहुंचने के लिए चुनाव प्रचार में लगे घोषित प्रत्याशी से लेकर दावेदारों तक ने लग्जरी गाड़ी का मोह छोड़ दिया है। चुनाव प्रचार के लिए गली-मोहल्ले में पैदल ही घूमकर वोट मांग रहे हैं। गांव तक अपनी पकड़ बनाने के लिए बाहर ही गाड़ी से उतर जाते हैं और पैदल ही गांव में घूमकर वोट की अपील में जुट जाते हैं। चुनाव प्रचार के दौरान नेताजी मतदान की तारीख का विशेष ध्यान रख रहे हैं। इसलिए वह घर-घर जाने के लिए मैराथन दौड़ भी लगा रहे हैं। समर्थक भी भागते-दौड़ते चुनाव प्रचार में जुटे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

आग का दरिया है और डूब के जाना है...
शहर और देहात में कई गली-मोहल्लों की सड़कें ऐसी हैं, जिनमें जलभराव की समस्या है। इस सड़कों से यहां रहने वाले लोग रोजाना गुजरते हैं। ये सड़कें चुनाव प्रचार में जुटे नेताजी के लिए ‘आग का दरिया है और डूब के जाना है’ कहावत चरितार्थ कर रही हैं। यानी नेताजी को चुनाव प्रचार के लिए इन सड़कों से होकर गुजरने में अब कोई गुरेज नहीं है। वह जलभराव और कीचड़ के बीच से ही पैदल चुनाव प्रचार में लगे हैं।

मतदाता भी ले रहे चुटकी
जिन गांवों और गली-मोहल्लों में नेताजी ने पांच साल में कभी पैर नहीं रखा था, अब वहां जाकर वोट मांगने जा रहे हैं। ऐसे में मतदाता भी इनकी खूब चुटकी ले रहे हैं। मतदाता सीधे तौर पर नेताजी से पूछ रहे हैं कि आज वोट की जरूरत है तो पैदल ही कीचड़ और जलभराव की सड़कों से आ गए हैं। पिछले साल तक तो यहां का हाल तक नहीं जाना है। ऐसे में नेताजी को जवाब देते नहीं बन रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed