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दो साल बाद बच्चों को मिलेगा पका भोजन

Tue, 08 Mar 2022 08:07 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 08 Mar 2022 08:07 PM IST
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From today, children will get cooked food in school
जिले के सरकारी स्कूलों में बुधवार से बच्चों को मिड-डे मील मिलने लगेगा। बच्चों को सूखा राशन देने की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। कोरोना के कारण जिले के सभी स्कूलों में वर्ष 2020 से मिड-डे मील बंद था। इसके बदले बच्चों को सूखे राशन के तौर पर चावल दिए जाते थे। साथ ही छात्रों के खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए जाते थे। हालांकि कुछ अन्य प्रदेशों में मिड-डे मील की व्यवस्था एक मार्च से ही शुरू कर दी गई थी।
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कोरोना के कारण वर्ष 2020 में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिड-डे मील का लाभ पहुंचाने के लिए विभाग ने इन्हें सूखा राशन देने की व्यवस्था शुरू की। इसमें भी छात्रों को चावल और कुछ नकद भुगतान किया जाता था। महीने के हिसाब से छात्रों को एक बार चावल देकर और भुगतान उनके खातों में ट्रांसफर किया जाने लगा। इसके बाद अब धीरे-धीरे सभी कक्षाओं का संचालन होने लगा है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने स्कूलों में मिड-डे मील देने की व्यवस्था शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत यानी बुधवार से कक्षा एक से आठवीं तक के स्कूलों में मिड-डे मील देना शुरू किया जाएगा। मिड डे मील शुरू होने की सूचना से ही बच्चों के चेहरे आज खिल उठे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी शिव प्रसाद सेमवाल का कहना है कि सभी उप शिक्षा अधिकारियों को नई व्यवस्था के तहत मिड डे मील देने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। वहीं एक से आठ मार्च तक की अवधि की व्यवस्था पहले की तरह ही रहेगी यानी बच्चों को आठ दिन का चावल और पैसे दिए जाएंगे।
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भोजनमाता को देना होगा स्वास्थ्य प्रमाणपत्र
स्कूलों में मिड-डे मील बांटते समय कोरोना महामारी के सभी नियमों का पालन करना होगा। नई व्यवस्था के तहत हर स्कूल में भोजनमाता को उसके और परिवार के कोरोना संक्रमित नहीं होने का स्वयं का घोषणापत्र देना होगा। स्कूल पहुंचने पर हाथ सैनिटाइज करने होंगे। भोजन बनाते समय मास्क पहनना अनिवार्य होगा। भोजनमाता को खाना बनाते समय किसी भी प्रकार का गहना पहनने की अनुमति नहीं होगी। रसोईघर को हर दिन सैनिटाइज करना होगा। रसोईघर में इस्तेमान होने वाले बर्तनों को अच्छी तरह से साफ करने हैं। बच्चों को भोजन खिलाते समय उनमें उचित दूरी होनी जरूरी है। बच्चों को भोजन कराने के बाद बर्तनों को धोकर उन्हें धूप में सुखाना है। इसके बाद रसोई में रखे जाने हैं।
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