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Roorkee News: लंढौरा में चार अस्पताल और एक अल्ट्रासाउंड सेंटर सील
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लंढौरा में बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे निजी नर्सिंग होम की जांच करते अधिकारी। स्त्रोत स्वयं
क्षेत्र में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने निजी अस्पतालों में औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान कई अस्पतालों में बिना चिकित्सकों और प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ के इलाज व डिलीवरी कराए जाने का मामला सामने आया। गंभीर अनियमितताओं के कारण चार अस्पतालों और एक अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया गया।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार डॉ. रमेश कुंवर के नेतृत्व में टीम ने भारत हेल्थ केयर, सुपर हेल्थ केयर, निर्मला मेटरनिटी होम, ग्लोबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल और इंडियन नर्सिंग होम का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि अस्पतालों में नैदानिक स्थापना अधिनियम के तहत निर्धारित न्यूनतम मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। कई स्थानों पर योग्य डॉक्टरों की अनुपस्थिति में मरीजों का उपचार किया जा रहा था जबकि डिलीवरी जैसी संवेदनशील सेवाएं भी बिना प्रशिक्षित स्टाफ के कराई जा रही थीं।
निरीक्षण के दौरान मेडिकल वेस्ट निस्तारण व्यवस्था और अग्निशमन सुरक्षा मानकों में भी गंभीर खामियां पाई गईं। अस्पतालों में आवश्यक सुरक्षा उपकरण और रिकॉर्ड भी अधूरे मिले। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक का आर्थिक दंड निर्धारित किया है। साथ ही संबंधित अस्पतालों के पंजीकरण और लंबित आवेदनों को निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
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जांच के दौरान ग्लोबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में बिना डॉक्टर की मौजूदगी के अल्ट्रासाउंड किए जाने का मामला भी सामने आया। इस पर टीम ने अल्ट्रासाउंड कक्ष को तत्काल सील कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण टीम में डॉ. हेमंत खरकवाल, अवनीश कुमार तथा पुलिस विभाग से महेश चंद और दिनेश शर्मा मौजूद रहे।
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अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार डॉ. रमेश कुंवर के नेतृत्व में टीम ने भारत हेल्थ केयर, सुपर हेल्थ केयर, निर्मला मेटरनिटी होम, ग्लोबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल और इंडियन नर्सिंग होम का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि अस्पतालों में नैदानिक स्थापना अधिनियम के तहत निर्धारित न्यूनतम मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। कई स्थानों पर योग्य डॉक्टरों की अनुपस्थिति में मरीजों का उपचार किया जा रहा था जबकि डिलीवरी जैसी संवेदनशील सेवाएं भी बिना प्रशिक्षित स्टाफ के कराई जा रही थीं।
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निरीक्षण के दौरान मेडिकल वेस्ट निस्तारण व्यवस्था और अग्निशमन सुरक्षा मानकों में भी गंभीर खामियां पाई गईं। अस्पतालों में आवश्यक सुरक्षा उपकरण और रिकॉर्ड भी अधूरे मिले। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक का आर्थिक दंड निर्धारित किया है। साथ ही संबंधित अस्पतालों के पंजीकरण और लंबित आवेदनों को निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
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जांच के दौरान ग्लोबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में बिना डॉक्टर की मौजूदगी के अल्ट्रासाउंड किए जाने का मामला भी सामने आया। इस पर टीम ने अल्ट्रासाउंड कक्ष को तत्काल सील कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण टीम में डॉ. हेमंत खरकवाल, अवनीश कुमार तथा पुलिस विभाग से महेश चंद और दिनेश शर्मा मौजूद रहे।