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लंढौरा में तीसरे दिन खुली कुछ दुकानें, फ्लैग मार्च

Sat, 04 Jun 2016 11:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की Updated Sat, 04 Jun 2016 11:13 PM IST
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few shops opend in landhaura, police flag marched
लंढौरा में फ्लैगमार्च निकालती पुलिस और प्रशासन - फोटो : amarujala

 लंढौरा बवाल मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने  पूरे मामले का पटाक्षेप कर दिया है। पूछताछ में इन्होंने माना कि धार्मिक ग्रंथ के अपमान की बात झूठी है। जबकि इसकी अफवाह पर ही बवाल हुआ था। पुलिस अब इन पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। वहीं चैंपियन के ताऊ कृष्णकुमार को एसीजेएम कोर्ट से जमानत मिल गई। उधर, कस्बे में बवाल के चौथे दिन शनिवार को इक्का दुक्का दुकानें खुलने से तनाव में हल्की कमी आई। एहतियात के तौर पर फोर्स अभी भी तैनात हैं। शांति व्यवस्था के लिए लंढौरा, मंगलौर सहित आस पास के गांवों में फ्लैग मार्च निकाला गया।

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लंढौरा में बुधवार को एक दुकान खाली कराने के दौरान धर्मग्रंथ के अपमान की खबर पर बवाल हो गया था।तोड़फोड़,  पथराव व आगजनी में पुलिस अधिकारी व तमाम पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। मामले में दुकानदार महबूब की ओर से कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के ताऊ कृष्ण कुमार समेत दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले में पुलिस चैंपियन के ताऊ को गिरफ्तार कर चुकी है। शनिवार को ताऊ के फरार साथी ढंढेरा निवासी इस्लाम व इमरान को भी गिरफ्तार कर लिया गया। मंगलौर कोतवाली में पूरे मामले से पर्दा उठाते हुए एसपी देहात प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि इमरान की महबूब के साथ दुकान में साझेदारी थी। एक समझौते के तहत महबूब ने दुकान में अपनी हिस्सेदारी खत्म करते हुए एक जून को दुकान खाली करने का वादा किया था। मगर इमरान व उसका रिश्तेदार इस्लाम एक जून को दुकान खाली कराने पहुंचा तो महबूब ने मना कर दिया। इस पर इमरान ने दुकान मालिक व चैंपियन के ताऊ कृष्ण कुमार को मौके पर बुला लिया। 
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कृष्णपाल ने वहां आकर चारपाई को गिरा दिया, जिस पर कुछ किताबें रखी थी। इमरान व इस्लाम ने पूछताछ में बताया कि इन किताबों में धर्म ग्रंथ नहीं था। महबूब ने दुकान खाली नहीं करने के लिए ही धर्मग्रंथ के अपमान की अफवाह फैलाई और इसकी अफवाह फैलने पर ही बवाल पैदा हुआ। पुलिस अब दोनों आरोपियों और दुकानदार के बयानों की जांच में जुट गई है। इसके लिए दुकानदार महबूब को भी हिरासत में ले लिया गया है। जल्द ही दुकानदार पर भी शिकंजा कस सकता है। इस दौरान एएसपी लोकेश्वर सिंह व कोतवाल उत्तम सिंह जिमिवाल भी मौजूद रहे। उधर, लंढौरा में शनिवार को सुबह के समय कुछ सब्जी की दुकानें खुली। पुलिस अधिकारियों ने फोर्स के साथ कस्बे में पैदल और मंगलौर सहित आसपास के गांवों में वाहनों के साथ फ्लैग मार्च किया। 

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