डेढ़ माह बाद भी लक्सर गन्ना विकास समिति के किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल सकी है। हालांकि लक्सर गन्ना समिति गोदाम पर खाद के बोरे पहुंचे जरूर हैं, लेकिन वह महज पांच सौ किसानों को ही उपलब्ध हो सका। ऐसे में बाकी किसान खाद नहीं मिलने से निराश होकर लौटे।
लक्सर गन्ना विकास समिति से लगभग 42 हजार किसान जुड़े हुए हैं। लगभग डेढ़ माह से लक्सर गन्ना समिति के गोदाम व इससे जुड़े गोदामों पर खाद न होने की वजह से किसानों को परेशानी हो रही है। ज्वालापुर रेलवे ट्रैक पर काम होने के चलते वहां पर खाद की रैक नहीं लग पा रही थी। बृहस्पतिवार को रुड़की में रैक लगने के बाद लक्सर गन्ना विकास समिति के गोदाम पर खाद पहुंच गया है, लेकिन वह किसानों की जरूरत के लिहाज से बेहद ही कम है। अभी समिति में केवल 27 सौ बोरे खाद पहुंचे हैं, जो लगभग पांच बोरे प्रति किसान के हिसाब से पांच सौ किसानों को ही वितरित हो पाया। बाकी किसान खाद न मिलने की वजह से निराश होकर लौटे। उधर, इस बारे में किसान नेता सतबीर प्रधान, कालूराम चौधरी और सुशील चौधरी आदि का कहना है कि किसानों को काफी समय से उनकी जरूरत के लिए खाद नहीं मिल रही है। गन्ना समिति के विशेष सचिव गौतम सिंह नेगी का कहना है कि समिति पर साढ़े छह हजार खाद के बोरे आने थे, लेकिन रैक ज्वालापुर के बजाय रुड़की में लगने की वजह से ठेकेदारों को इसकी ढुलाई पर दस रुपये प्रति बोरे अधिक पड़े हैं। इसके चलते ठेकेदारों ने केवल छह खाद की गाड़ियां ही लोड की है। अगली बार रैक लगने पर समिति पर जरूरत के हिसाब से खाद मंगवाई जाएगी।