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Roorkee News: बारिश में भी डटे रहे किसान, एसडीएम कार्यालय पर धरना जारी
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रुड़की। बारिश के बावजूद उत्तराखंड किसान मोर्चे का एसडीएम कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना रविवार को भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता सरदार अमृतपाल सिंह ने की, जबकि संचालन चौधरी सुरेंद्र लंबरदार ने किया। बारिश के दौरान भी किसान धरना स्थल पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
धरने को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलशन रोड़ ने कहा कि जिस तरह चीनी के रेट बढ़े हैं, उसका लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। पूरे देश में चीनी के बढ़ते दामों की चर्चा हो रही है, उसी तरह इकबालपुर शुगर मिल पर किसानों के बकाया गन्ना भुगतान की चर्चा भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके गन्ने का बकाया भुगतान दिलाने के साथ ही आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीनी के बढ़े हुए दामों का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचना जरूरी है।
किसान लगातार मेहनत कर गन्ने की फसल तैयार करता है, लेकिन भुगतान और उचित मूल्य के लिए उसे आंदोलन करना पड़ रहा है। किसान मोर्चे ने सरकार और प्रशासन से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की। बता दे कि उत्तराखंड किसान मोर्चा की ओर से 19 अगस्त से तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया था। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। धरने में दीपक पुंडीर, धर्मेंद्र चौधरी, मोहम्मद आजम, सरदार जसवीर सिंह, अनिल सैनी, सोनू, मोहम्मद इलियास, मोहम्मद नाजिम, शाहिद, सेवाराम और समीर आलम आदि मौजूद रहे।
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धरने को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलशन रोड़ ने कहा कि जिस तरह चीनी के रेट बढ़े हैं, उसका लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। पूरे देश में चीनी के बढ़ते दामों की चर्चा हो रही है, उसी तरह इकबालपुर शुगर मिल पर किसानों के बकाया गन्ना भुगतान की चर्चा भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके गन्ने का बकाया भुगतान दिलाने के साथ ही आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीनी के बढ़े हुए दामों का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचना जरूरी है।
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किसान लगातार मेहनत कर गन्ने की फसल तैयार करता है, लेकिन भुगतान और उचित मूल्य के लिए उसे आंदोलन करना पड़ रहा है। किसान मोर्चे ने सरकार और प्रशासन से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की। बता दे कि उत्तराखंड किसान मोर्चा की ओर से 19 अगस्त से तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया था। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। धरने में दीपक पुंडीर, धर्मेंद्र चौधरी, मोहम्मद आजम, सरदार जसवीर सिंह, अनिल सैनी, सोनू, मोहम्मद इलियास, मोहम्मद नाजिम, शाहिद, सेवाराम और समीर आलम आदि मौजूद रहे।
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