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गन्ना भुगतान के लिए किसानों ने की आवाज बुलंद
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लक्सर। उत्तराखंड किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने गन्ना भुगतान सहित अपनी कई मांगों को लेकर गन्ना समिति लक्सर में धरना दिया। गन्ना समिति के विशेष सचिव ने मोर्चा के पदाधिकारियों की मांगों को गन्ना आयुक्त तक भिजवाने का आश्वासन देकर धरना समाप्त करा दिया। इसके बाद पदाधिकारी वापस लौट गए।
मंगलवार को उत्तराखंड किसान मोर्चा के पदाधिकारी गन्ना समिति पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। पदाधिकारियों का कहना था कि जनपद के शुगर मिलों को बंद हुए कई माह बीत चुके हैं। शुगर मिले किसानों का बकाया भुगतान नहीं कर रही है। इसकी वजह से किसानों की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा रही है। इसके अलावा भी जनपद के गन्ना किसानों को उनकी जरूरत के लिहाज से यूरिया खाद नहीं मिल पा रहा है। इससे भी किसानों को अपनी फसलों की तरफ से चिंता सता रही है। किसानों का आरोप था कि गन्ना समिति में ऐसे लोगों को भी सदस्य बनाया गया है, जिनके पास जमीन भी नहीं है। वहीं उनका बेसिक कोटा भी अधिक बढ़ाया गया है। आरोप लगाया कि कई वर्षों पहले मर चुके किसानों के नाम पर अभी भी पर्चियां जारी की जा रही है। इसी बीच गन्ना समिति के विशेष सचिव गौतम सिंह नेगी धरना दे रहे पदाधिकारियों के पास पहुंचे। उन्होंने किसानों की सभी मांगों को गन्ना आयुक्त के पास भेजने का भरोसा दिया। इसके बाद पदाधिकारियों ने धरना समाप्त कर दिया। धरना देने वालों में सतवीर सिंह, दुष्यंत कुमार, सुधीर चौधरी, दीपक पुंडीर, सेवाराम, नरेंद्र चौधरी, महकार सिंह और आकिल हसन आदि शामिल थे।
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मंगलवार को उत्तराखंड किसान मोर्चा के पदाधिकारी गन्ना समिति पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। पदाधिकारियों का कहना था कि जनपद के शुगर मिलों को बंद हुए कई माह बीत चुके हैं। शुगर मिले किसानों का बकाया भुगतान नहीं कर रही है। इसकी वजह से किसानों की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा रही है। इसके अलावा भी जनपद के गन्ना किसानों को उनकी जरूरत के लिहाज से यूरिया खाद नहीं मिल पा रहा है। इससे भी किसानों को अपनी फसलों की तरफ से चिंता सता रही है। किसानों का आरोप था कि गन्ना समिति में ऐसे लोगों को भी सदस्य बनाया गया है, जिनके पास जमीन भी नहीं है। वहीं उनका बेसिक कोटा भी अधिक बढ़ाया गया है। आरोप लगाया कि कई वर्षों पहले मर चुके किसानों के नाम पर अभी भी पर्चियां जारी की जा रही है। इसी बीच गन्ना समिति के विशेष सचिव गौतम सिंह नेगी धरना दे रहे पदाधिकारियों के पास पहुंचे। उन्होंने किसानों की सभी मांगों को गन्ना आयुक्त के पास भेजने का भरोसा दिया। इसके बाद पदाधिकारियों ने धरना समाप्त कर दिया। धरना देने वालों में सतवीर सिंह, दुष्यंत कुमार, सुधीर चौधरी, दीपक पुंडीर, सेवाराम, नरेंद्र चौधरी, महकार सिंह और आकिल हसन आदि शामिल थे।
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