फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   farmers forcibly opened the water

आक्रोशित किसानों ने जबरन खोला पानी

Fri, 29 Apr 2016 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला रुड़की Updated Fri, 29 Apr 2016 12:07 AM IST
विज्ञापन

रुड़की। सिंचाई के संकट से जूझ रहे किसानों का बृहस्पतिवार को सब्र का बांध टूट पड़ा। गुस्साए किसानों ने नहर के रेगुलेटर पर कब्जा कर जबरन पानी खोल दिया। बाद में एक सप्ताह तक लगातार पानी ब्रांच में छोड़े जाने पर समझौता हुआ। इससे पूर्व किसानों ने पानी खोलने के लिए आसफनगर झाल पर जमकर हंगामा काटा। इस दौरान किसानों की यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ खूब तू-तू मैं भी हुई।

विज्ञापन


उत्तरीखंड गंगनहर से आसफनगर झाल से निकाली गई देवबंद ब्रांच से तांशीपुर, मन्नाखेड़ी, टिकौला, नगला सलारू, शेरपुर, नारसन कलां, ठसका, झबीरन, गदरजुड्डा आदि लगभग 70 गांवों के हजारों किसानों के खेतों की सिंचाई होती है। किसान बाकायदा ब्रांच से सिंचाई करने का शुल्क यूपी सिंचाई विभाग को देते हैं। 20 अप्रैल से ब्रांच बंद थी। एक सप्ताह से किसान यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों से इसे खुलवाए जाने की मांग कर रहे थे। बुधवार की रात में अधिकारियों ने ब्रांच में पानी छोड़े जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन ब्रांच में पानी नहीं आया।
विज्ञापन


काफी इंतजार के बाद भी जब राजवाहों में पानी नहीं आया तो किसान देवबंद ब्रांच पहुंच गए। ब्रांच को सूखा पड़ा देख किसान भड़क गए। गुस्साए किसानों ने उत्तराखंड किसान मजदूर रक्षा दल के अध्यक्ष रामपाल सिंह एवं प्रवक्ता राकेश लौहान के नेतृत्व में आसफनगर झाल पर पहुंचकर रेगुलेटर पर कब्जा कर लिया और देवबंद ब्रांच का पानी खोल दिया। यूपी सिंचाई विभाग ने रेगुलेटर पर कब्जा होने पर मौके पर पुलिस बुला ली। कई घंटे की जद्दोजहद के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। तब तक पुलिस मौके पर ही मौजूद रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
अब एक हफ्ते लगातार मिलेगा पानी
करीब दो घंटे तक चले हंगामे के दौरान मौके पर पहुंचे एएसडीएम गोपाल सिंह चौहान, यूपी सिंचाई विभाग के एसडीओ आरसी पांडे तथा किसानों के बीच तय हुआ कि एक सप्ताह तक किसानों को देवबंद ब्रांच से पानी मिलता रहेगा। इसके बाद ब्रांच को दो सप्ताह के लिए बंद कर दिया जाएगा। फिर चौथे सप्ताह से बारी-बारी से एक-एक सप्ताह देवबंद्र ब्रांच एवं इसके समानांतर ब्रांच में पानी छोड़ा जाएगा।

समानांतर देवबंद ब्रांच एवं लिब्बरहेड़ी सरकी बंद
किसानों की ओर से देवबंद ब्रांच को तो खुद खोलकर चालू कर दिया गया, लेकिन किसानों के जाते ही अब समानांतर देवबंद ब्रांच तथा लिब्बरहेड़ी सरकी राजवाहे को बंद कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि गंगनहर में बेहद कम पानी आने से यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के आदेशों पर ब्रांच एवं सरकी को बंद किया गया है जिससे देवबंद ब्रांच से जुड़े किसानों को तो एक सप्ताह तक पानी मिलता रहेगा, लेकिन अब समानांतर देवबंद शाखा तथा लिब्बरहेड़ी सरकी राजवाहे से सिंचाई करने वाले किसानों के सामने पानी का संकट खड़ा हो जाएगा।

उत्तराखंड से आ रहे पानी को यूपी भेजा जा रहा है जिसे अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर ब्रांचों, राजवाहों को बेवजह बंद किया गया तो किसान कुछ भी करने को मजबूर हो जाएंगे।
राकेश लौहान, प्रवक्ता, उत्तराखंड किसान मजदूर रक्षा दल

गंगनहर में पानी की मात्रा बेहद कम हो जाने से ब्रांचों में सिंचाई के लिए पानी छोड़ने में दिक्कतें आ रही हैं। हालांकि उनकी ओर से किसी भी ब्रांच को स्वयं बंद एवं खोला नहीं जाता, सबकुछ उच्चाधिकारियों के आदेशों पर ही किया जाता है। फिर भी उनका प्रयास रहता है कि किसानों को अधिक से अधिक पानी दिया जाए।
-आरसी पांडे, एसडीओ, यूपी सिंचाई विभाग
किसानों कब्जाया रेगूलेटर, खुद खोला पानी फाइल संख्या दस की खबर को जोड़

तार बाबू को बनाया बंधक
सिंचाई के संकट से तिलमिलाए किसानों ने आसफनगर झाल पर तैनात तार बाबू अशोक अग्रवाल को कुछ देर के लिए धूप में बंधक बना लिया, लेकिन किसानों ने थोड़ी देर बंधक बनाकर तार बाबू को छोड़ दिया। इसके बाद वार्ता के दौरान कई बार किसानों ने एसडीएओ आरसी पांडे समेत कई अधिकारियों को बंधक बनाने का प्रयास किया, लेकिन एएसडीएम गोपाल सिंह चौहान एवं पुलिस किसानों को समझा-बुझाकर शांत करती रही।


गन्ने की बुआई हो रही थी प्रभावित
गेहूं काटने के बाद किसान खाली हुए खेतों में गन्ने की बुआई की तैयारी कर रहे हैं। जिससे किसानों को खाली हुए खेतों की जुताई करने के लिए सिंचाई करनी पड़ रही, लेकिन देवबंद ब्रांच में पानी नहीं छोड़े जाने से किसान न तो खेतों की सिंचाई कर पा रहे थे और गन्ने की बुआई कर पा रहे थे। जिससे किसानों की गन्ने की बुआई पूरी तरह प्रभावित हो रही थी। इस कारण किसानों को मजबूरी में स्वयं ब्रांच को खोलना पड़ा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed