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किसान एटीएम से निकाल सकेंगे लोन की राशि
बसंत कुमार रुड़की।
Updated Fri, 17 Mar 2017 10:34 PM IST
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किसानों को अब सहकारी समितियों से मिलने वाले लोन की रकम लेने के लिए जिला सहकारी बैंक के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। किसान समिति की लोन राशि भी एटीएम से निकाल सकेंगे। सहकारिता विभाग की ओर से समितियों से जुड़े ऐसे 41 हजार किसानों को केसीसी रूपे कार्ड जारी करने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
जिले में 42 सहकारी समितियां किसानों के लिए काम करती हैं। इन समितियों से जिले के करीब 41 हजार किसान जुड़े हुए हैं। इनमें से करीब 28 हजार किसान ऐसे हैं जो हर साल लोन लेते हैं। समितियों से किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक, कृषि उपकरण आदि छूट पर दी जाती है। समितियों से किसानों को सालभर में दो बार रबी एवं खरीफ का छमाही लोन भी उपलब्ध कराया जाता है। इस लोन की रकम के लिए किसानों को पापड़ बेलने पड़ते हैं। समितियों की ओर से किसानों को लोन जारी करके उन्हें चेक जारी किए जाते हैं, जो जिला सहकारी बैंक की शाखाओं पर ही कैश हो पाते हैं। इस प्रक्रिया में किसानों का काफी समय जाया हो जाता है। अब किसानों को समितियों से मिलने वाले लोन का सीधा फायदा पहुंचाने के लिए केसीसी रूपे कार्ड जारी किए जाएंगे। इन कार्डों से किसान समिति से लोन होते ही एटीएम से लोन की रकम निकाल सकते हैं। सहकारिता विभाग की ओर से 25 मार्च तक सभी काश्तकारों को रूपे कार्ड जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।
लोन की नगदी का भी कर सकेंगे प्रयोग
अब तक अधिकांश किसान समितियों से मिलने वाली लोन की रकम से समिति से ही खाद, बीज, कीटनाशकों एवं कृषि उपकरणों में खर्च कर देते हैं। नगदी की बजाए किसान लोन की राशि के चेकों को भुनाने के चक्कर में न पड़कर खेतीबाड़ी की सामग्री ही उठा लेते हैं, लेकिन अब किसान रूपे कार्ड मिलने से बीज, कीटनाशक, खाद, कृषि उपकरण के साथ ही लोन के पैसे का अपने घरेलू खर्चों में भी प्रयोग कर सकेंगे।
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ये चल रही है प्रक्रिया
अब समितियों से जुड़े किसानों का जीरो बैलेंस पर सहकारी बैंकों में खाता खोला जा रहा है। जिससे समिति से मिलने वाली लोन की रकम को सीधे किसानों के खातों में भेजी जाएगी। इस बैंक खाते से किसान रूपे कार्ड के माध्यम से एटीएम से निकाल सकेंगे।
19 हजार के खुल चुके खाते
सहकारी समितियों एवं जिला सहकारी बैंक के कर्मचारियों की ओर से अभी तक जिले के करीब 19 हजार किसानों के सहकारी बैंकों में खाते खोले जा चुके हैं। इनमें से करीब 1600 किसानों को केसीसी रूपे कार्ड भी जारी किए जा चुके हैं।
कैंप लगाकर बांटे जा रहे हैं रूपे कार्ड
किसानों को रूपे कार्ड कैंप लगाकर बांटे जा रहे हैं। इसके लिए सहकारी बैंकों के कर्मचारियों के साथ ही समितियों के कर्मियों को भी लगाया गया है। शनिवार को बंजारेवाला, तेज्जूपुर, चौल्ली, भारापुर, मंगलौर पूर्वी, नगला इमरती, औरंगाबाद, पीतपुर, धनपुरा, मोहम्मदपुर बुजुर्ग, जवाहरखान, निरंजनपुर, गिद्दावली तथा रविवार को हबीबपुर, नन्हेड़ा अनंतपुर और बीस मार्च को खेलपुर, मंगलौर पश्चिमी, दौलतपुर, सलेमपुर, पथरी, मुंडाखेड़ा, बादशापुर, मोहनेवाला एवं 21 मार्च को डाडा जलालपुर, मेहवड़ खुर्द, ऐथल में कैंप लगाकर किसानों को रूपे कार्ड दिए जाएंगे।
किसानों को समितियों से मिलने वाले लोन का फायदा पहुंचाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। इससे किसानों को आने वाले समय में बेहद फायदा होगा।
सुभाषचंद्र गहतौड़ी, सहायक निबंधक, हरिद्वार
रूपे कार्ड जारी करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों- कर्मचारियों को 25 मार्च तक सौ प्रतिशत काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे आने वाले सत्र से किसान रूपे कार्ड का प्रयोग कर सकें।
वंदना श्रीवास्तव, महाप्रबंधक, जिला सहकारी बैंक
जिले में 42 सहकारी समितियां किसानों के लिए काम करती हैं। इन समितियों से जिले के करीब 41 हजार किसान जुड़े हुए हैं। इनमें से करीब 28 हजार किसान ऐसे हैं जो हर साल लोन लेते हैं। समितियों से किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक, कृषि उपकरण आदि छूट पर दी जाती है। समितियों से किसानों को सालभर में दो बार रबी एवं खरीफ का छमाही लोन भी उपलब्ध कराया जाता है। इस लोन की रकम के लिए किसानों को पापड़ बेलने पड़ते हैं। समितियों की ओर से किसानों को लोन जारी करके उन्हें चेक जारी किए जाते हैं, जो जिला सहकारी बैंक की शाखाओं पर ही कैश हो पाते हैं। इस प्रक्रिया में किसानों का काफी समय जाया हो जाता है। अब किसानों को समितियों से मिलने वाले लोन का सीधा फायदा पहुंचाने के लिए केसीसी रूपे कार्ड जारी किए जाएंगे। इन कार्डों से किसान समिति से लोन होते ही एटीएम से लोन की रकम निकाल सकते हैं। सहकारिता विभाग की ओर से 25 मार्च तक सभी काश्तकारों को रूपे कार्ड जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।
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लोन की नगदी का भी कर सकेंगे प्रयोग
अब तक अधिकांश किसान समितियों से मिलने वाली लोन की रकम से समिति से ही खाद, बीज, कीटनाशकों एवं कृषि उपकरणों में खर्च कर देते हैं। नगदी की बजाए किसान लोन की राशि के चेकों को भुनाने के चक्कर में न पड़कर खेतीबाड़ी की सामग्री ही उठा लेते हैं, लेकिन अब किसान रूपे कार्ड मिलने से बीज, कीटनाशक, खाद, कृषि उपकरण के साथ ही लोन के पैसे का अपने घरेलू खर्चों में भी प्रयोग कर सकेंगे।
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ये चल रही है प्रक्रिया
अब समितियों से जुड़े किसानों का जीरो बैलेंस पर सहकारी बैंकों में खाता खोला जा रहा है। जिससे समिति से मिलने वाली लोन की रकम को सीधे किसानों के खातों में भेजी जाएगी। इस बैंक खाते से किसान रूपे कार्ड के माध्यम से एटीएम से निकाल सकेंगे।
19 हजार के खुल चुके खाते
सहकारी समितियों एवं जिला सहकारी बैंक के कर्मचारियों की ओर से अभी तक जिले के करीब 19 हजार किसानों के सहकारी बैंकों में खाते खोले जा चुके हैं। इनमें से करीब 1600 किसानों को केसीसी रूपे कार्ड भी जारी किए जा चुके हैं।
कैंप लगाकर बांटे जा रहे हैं रूपे कार्ड
किसानों को रूपे कार्ड कैंप लगाकर बांटे जा रहे हैं। इसके लिए सहकारी बैंकों के कर्मचारियों के साथ ही समितियों के कर्मियों को भी लगाया गया है। शनिवार को बंजारेवाला, तेज्जूपुर, चौल्ली, भारापुर, मंगलौर पूर्वी, नगला इमरती, औरंगाबाद, पीतपुर, धनपुरा, मोहम्मदपुर बुजुर्ग, जवाहरखान, निरंजनपुर, गिद्दावली तथा रविवार को हबीबपुर, नन्हेड़ा अनंतपुर और बीस मार्च को खेलपुर, मंगलौर पश्चिमी, दौलतपुर, सलेमपुर, पथरी, मुंडाखेड़ा, बादशापुर, मोहनेवाला एवं 21 मार्च को डाडा जलालपुर, मेहवड़ खुर्द, ऐथल में कैंप लगाकर किसानों को रूपे कार्ड दिए जाएंगे।
किसानों को समितियों से मिलने वाले लोन का फायदा पहुंचाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। इससे किसानों को आने वाले समय में बेहद फायदा होगा।
सुभाषचंद्र गहतौड़ी, सहायक निबंधक, हरिद्वार
रूपे कार्ड जारी करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों- कर्मचारियों को 25 मार्च तक सौ प्रतिशत काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे आने वाले सत्र से किसान रूपे कार्ड का प्रयोग कर सकें।
वंदना श्रीवास्तव, महाप्रबंधक, जिला सहकारी बैंक