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चालान काटने पर भड़के अतिक्रमणकारी

Thu, 31 Mar 2016 11:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की Updated Thu, 31 Mar 2016 11:04 PM IST
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encrochers protested to challan, refused to pay
अतिक्रमणकारियों ने चालान करने पर काटा हंगामा - फोटो : amarujala

 सिविल लाइंस में नगर निगम की दुकानों के बाहर अस्थाई अतिक्रमण हटाने के दौरान जमकर हंगामा हुआ। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के निर्देश पर नगर निगम की टीम दुकानदारों से 10-10 हजार रुपये जुुर्माना वसूलने पहुंची थी। दुकानदारों ने कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी करते हुए जुर्माना देने से इनकार कर दिया। हंगामा बढ़ने पर नगर निगम की टीम करीब 30 दुकानदारों की सूची बनाकर बैरंग लौट आई। जुर्माने की वसूली अब कोर्ट के जरिये कराई जाएगी।

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शहर में अतिक्रमण की जबरदस्त समस्या है। सड़क किनारे खाली जगहों पर फड़ ठेलियां व खोखे रखे गए हैं। वहीं दुकानों के बाहर अतिक्रमण का हाल ये है कि जाम की समस्या बनी रहती है। खुद नगर निगम की दुकानें भी इससे अछूती नहीं है। बोट क्लब रोड पर गांधी वाटिका मार्केट में दुकानों के बाहर वाहनों की मरम्मत के नाम पर अतिक्रमण रहता है। बृहस्पतिवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मंगेश घिल्डियाल ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटवाया। साथ ही जुर्माना वसूलने के लिए नगर निगम की टीम को भी उन्होंने बुलवा लिया। सहायक नगर अधिकारी की अगुवाई की टीम ने जुर्माना मांगा तो दुकानदारों ने विरोध शुरू कर दिया। 
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उन्होंने नगर निगम मुर्दाबाद और तानाशाही नहीं चलेगी के नारे लगाए। इसी बीच ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को किसी दूसरे कार्य से जाना पड़ा। हंगामा बढ़ने पर नगर निगम की टीम ने भी दुकानदारों के नाम चिह्नित किए और वापस लौट आई। सहायक नगर अधिकारी उत्तम सिंह नेगी ने बताया कि दुकानों के बाहर अतिक्रमण करने वाले 30 दुकानदारों के नाम चिह्नित किए गए हैं। उनसे जुर्माना वसूलने के लिए चालान कोर्ट में भेजे जा रहे हैं।
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दुकानों में सामान, सड़क पर दुकान
शहर में दुकानों के बाहर अतिक्रमण का हाल कुछ ऐसा है कि दुकानों के अंदर सामान भर लिया जाता है और काम दुकान के बाहर सड़क पर किया जाता है। सड़क के दोनों तरफ अतिक्रमण होने से अक्सर जाम की समस्या बनी रहती है। ये समस्या सिर्फ सिविल लाइंस में ही नहीं। शहर के लगभग सभी बाजारों में है। 

 दुकानदारों ने मांगा विकल्प, लगाया शोषण का आरोप
अतिक्रमण हटाने और चालान कटने के बाद दुकानदारों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया। जिसमें उन्होंने बताया कि पूरी मार्केट में वाहनों के स्पेयर पार्टस व मरम्मत की दुकाने हैं। उनके बाहर ही ग्राहकों के वाहन खड़े होते हैं। दुकानदारों ने कहा कि इसका कोई स्थाई समाधान निकाला जाए। चालान काटकर शोषण न किया जाए। मांग करने वालों में मुसर्रत, गुलजार, अरविंद सैनी, तनवीर, आफाक, प्रविन्द्र, जावेद, इरशाद, कुलदीप सैनी, अफजाल आदि शामिल रहे।


 राष्ट्रपति शासन: अतिक्रमण मुक्ति का अच्छा मौका
शहर को जब जब अतिक्रमण से मुक्त कराने का प्रयास किया गया, अक्सर राजनीति भारी पड़ी है। पंचायत चुनाव से पहले शहर में जोरदार तरीके से अभियान छेड़ा गया। जिसका सकारात्मक असर भी शहर में दिखाई दिया। मगर कुछ लोगों को ये रास नहीं आया। उन्होंने मुख्यमंत्री तक जोर लगाया। राजनीति हावी होने पर आखिरकार अभियान दम तोड़ गया। इसमें पंचायत चुनाव की आचार संहिता का हवाला दिया गया। लेकिन चुनाव बीतने पर भी प्रशासन दोबारा पक्का अतिक्रमण हटवाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। अब प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगने के कारण फिलहाल अतिक्रमण हटाना ज्यादा बेहतर है। वहीं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि अतिक्रमण लगातार हटाया जा रहा है। अतिक्रमणकारियों पर जुर्माने की कार्रवाई भी की जा रही है। अभियान की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।

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