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Roorkee News: निजी कंपनी को जिम्मेदारी सौंपने पर भड़के कर्मचारी, नहीं उठाया कूड़ा
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नगर निगम क्षेत्र के पड़ाव में खड़े कूड़ा वाहन। सुधि पाठक
नगर निगम की कूड़ा गाड़ियों एवं उनके चालकों को मंगलवार शाम को एक निजी कंपनी को सौंपे जाने और बुधवार सुबह को पेट्रोल पंप के बजाय कंपनी की ओर से तेल दिए जाने पर कर्मचारी भड़क गए। कर्मचारियों ने वाहनों का चक्का जाम कर दिया जिससे शहर में कहीं भी कूड़ा नहीं उठा। कर्मचारियों ने निगम पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। निगम अधिकारियों ने कर्मचारियों से कूड़ा उठान शुरू करने की अपील की है।
अब तक निगम की कूड़ा गाड़ियों के चालक निर्धारित पेट्रोल पंप से तेल भरवाकर वार्डों के लिए रवाना होते थे लेकिन निगम ने अपनी योजना के अनुसार कूड़ा उठान की व्यवस्था को निजी कंपनी के हाथाें में सौंप दिया। इसके बाद बुधवार को कूड़ा गाड़ियों के सभी वाहन चालक कंपनी के अधीन हो गए। इसका पता कर्मचारियों को तब चला जब नगर निगम की पड़ाव स्थित भूमि में खड़े कूड़ा वाहनों को तेल दिया जाने लगा।
कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि अब पेट्रोल पंप से तेल नहीं मिलेगा बल्कि कंपनी निगरानी में सभी गाड़ियों में तेल भरा जाएगा। इस पर कर्मचारी आग बबूला हो गए और वाहनों का चक्का जाम करा दिया। कर्मचारी नेता नरेश घोघलिया ने बताया कि 9 से 14 मार्च तक कार्य बहिष्कार किया गया था जिसके बाद 14 मार्च को विधायक प्रदीप बत्रा की मौजूदगी में कार्य बहिष्कार को 11 दिन के लिए स्थगित किया गया था।
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इस दौरान आश्वस्त किया गया था कि कर्मचारियों को निजी कंपनी के हाथों नहीं सौंपा जाएगा लेकिन अब वादा खिलाफी हो रही है। वहीं कर्मचारियों ने नगर आयुक्त के सामने भी इसका विरोध जताया। नगर आयुक्त राकेश चंद्र तिवारी ने बताया कि कर्मचारियों को आश्वस्त किया गया था कि किसी कर्मचारी को नहीं हटाया जाएगा। इसी के अनुरूप प्राइवेट कंपनी में सभी पुराने कर्मचारी को लगाया गया है। रही बात गाड़ी में तेल डलवाने की तो इससे चालकों को कोई लेनादेना नहीं है कि उन्हें तेल पेट्रोल पंप से मिलेगा या फिर कंपनी कर्मचारियों की निगरानी में तेल दिया जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों से नियमित से काम करने की अपील की है।
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अब तक निगम की कूड़ा गाड़ियों के चालक निर्धारित पेट्रोल पंप से तेल भरवाकर वार्डों के लिए रवाना होते थे लेकिन निगम ने अपनी योजना के अनुसार कूड़ा उठान की व्यवस्था को निजी कंपनी के हाथाें में सौंप दिया। इसके बाद बुधवार को कूड़ा गाड़ियों के सभी वाहन चालक कंपनी के अधीन हो गए। इसका पता कर्मचारियों को तब चला जब नगर निगम की पड़ाव स्थित भूमि में खड़े कूड़ा वाहनों को तेल दिया जाने लगा।
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कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि अब पेट्रोल पंप से तेल नहीं मिलेगा बल्कि कंपनी निगरानी में सभी गाड़ियों में तेल भरा जाएगा। इस पर कर्मचारी आग बबूला हो गए और वाहनों का चक्का जाम करा दिया। कर्मचारी नेता नरेश घोघलिया ने बताया कि 9 से 14 मार्च तक कार्य बहिष्कार किया गया था जिसके बाद 14 मार्च को विधायक प्रदीप बत्रा की मौजूदगी में कार्य बहिष्कार को 11 दिन के लिए स्थगित किया गया था।
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इस दौरान आश्वस्त किया गया था कि कर्मचारियों को निजी कंपनी के हाथों नहीं सौंपा जाएगा लेकिन अब वादा खिलाफी हो रही है। वहीं कर्मचारियों ने नगर आयुक्त के सामने भी इसका विरोध जताया। नगर आयुक्त राकेश चंद्र तिवारी ने बताया कि कर्मचारियों को आश्वस्त किया गया था कि किसी कर्मचारी को नहीं हटाया जाएगा। इसी के अनुरूप प्राइवेट कंपनी में सभी पुराने कर्मचारी को लगाया गया है। रही बात गाड़ी में तेल डलवाने की तो इससे चालकों को कोई लेनादेना नहीं है कि उन्हें तेल पेट्रोल पंप से मिलेगा या फिर कंपनी कर्मचारियों की निगरानी में तेल दिया जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों से नियमित से काम करने की अपील की है।