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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   Education department got enquiry report of teacher's document

शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच रिपोर्ट पहुंची

Mon, 24 Oct 2016 11:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की Updated Mon, 24 Oct 2016 11:31 PM IST
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शिक्षकों के फर्जीवाड़े में जांच के लिए भेजे गए 11 शिक्षकों के दस्तावेजों की रिपोर्ट विभाग को मिल गई है। हालांकि अभी रिपोर्ट का लिफाफा खोला नहीं गया है। विभाग अगली कार्रवाई से पहले इन शिक्षकों को अपना पक्ष रखने का मौका देगा। अगले दो-तीन दिन में शिक्षकों को इस बाबत पत्र भेजी जाएगी।

जिले के अलग-अलग ब्लॉक में तैनात 12 शिक्षकों को बीटीसी की मार्कशीट और डोमीसाइल फर्जी पाए जाने पर विभाग ने बर्खास्त किया हुआ है। दस्तावेज न दिखाने वाले आठ शिक्षकों को निलंबित करते हुए संदेह के दायरे में आए 11 शिक्षकों के दस्तावेज जांच के लिए इलाहाबाद भेजे गए थे। सप्ताहभर चली जांच के बाद सोमवार को जांच रिपोर्ट विभाग को मिली। लेकिन विभागीय व्यस्तता के चलते रिपोर्ट खोली नहीं गई। डीईओ बेसिक रामेंद्र कुशवाहा के मुताबिक अगले दो तीन दिन में रिपोर्ट का विश्लेषण किया जाएगा। उसके बाद शिक्षकों को उनका पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। उसके बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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रामनगर बोर्ड करेगा कुछ दस्तावेजों की जांच
इलाहाबाद भेजे गए सभी 11 शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच रिपोर्ट विभाग को मिली गई है। लेकिन, सूत्र बताते हैं कि कुछ दस्तावेजों की जांच रामनगर बोर्ड से कराने की संस्तुति की है। माना जा रहा है कि वर्ष 2002 के बाद भर्ती हुए शिक्षकों की जांच अब रामनगर बोर्ड से कराई जा सकती है। दरअसल, उत्तराखंड बनने से पहले भर्ती हुए शिक्षकों के दस्तावेज वर्ष 2000 से पूर्व यानी यूपी के जमाने के हैं। ऐसे में इलाहाबाद से उनके असली-नकली होने का खुलासा तो हो चुका है। लेकिन, उत्तराखंड बनने के बाद बीटीसी करने और भर्ती होने वाले शिक्षकों की जांच रामनगर बोर्ड से कराई जा सकती है।
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रिटायर्ड शिक्षक की कटेगी पेंशन
विभाग ने जिन दो शिक्षकों को सुनवाई का अंतिम मौका दिया था। उनमें एक शिक्षक चंद्रपाल लक्सर के निवादा, मुबारकपुर से पिछले साल दिसंबर में रिटायर्ड हो चुके हैं। जबकि दूसरा शिक्षक योगेंद्र कुमार कुआंखेड़ा, लक्सर में अभी तक तैनात है। रिटायर्ड शिक्षक को निलंबित या बर्खास्त नहीं किया जा सकता है। ऐसे में उनकी पेंशन रोककर मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा सकती है। 
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