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हाथी ने दौड़ाया, दहशत से एक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो बुग्गावाला
Updated Wed, 01 Mar 2017 09:38 PM IST
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बंजारेवाला गांव के जंगल में लकड़ी बीनने गए तीन ग्रामीणों को बुधवार की दोपहर में हाथी ने दौड़ा लिया। दहशत में एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा पेड़ से जा टकराया और तीसरे की काफी देर तक बोलती बंद रही। हादसे से ग्रामीणों में दहशत है। उन्होंने वनविभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग उठाई है।
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क से सटे बंजारेवाला गांव के जंगल में बुधवार को दोपहर करीब एक बजे महेंद्र, ज्ञानचंद और इशमसिंह लकड़ी बीनने गए थे। वह जंगल में लकड़ियों को एकत्रित कर रहे थे। तभी हाथी की चिघाड़ सुनकर उनके हाथ पांव फूल गए। सामने जंगली हाथी देखकर तीनों बदहवास होकर भागने लगे। हाथी ने भी तीनों दौड़ा लिया। थोड़ी दूर पीछा करने के बाद हाथी तो जंगल में लौट गया, लेकिन दहशत में महेंद्र पुत्र किरपा की जान चली गई। बेहोशी की हालत में परिजन और ग्रामीण उसे लेकिन निजी चिकित्सक के पास पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। वहीं ज्ञानचंद भी भागते समय एक पेड़ से टकराकर जख्मी हो गया। सिर में चोट लगने से उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक अन्य ग्रामीण इशम सिंह पुत्र रमन सिंह भी हाथी के हमले से बाल-बाल बच गया। भागकर जान बचाने वाले इशम सिंह की भी दहशत के मारे काफी देर तक बोलती बंद हो गई। उसकी आंखों में हाथी का खौफ साफ नजर आया। मालूम हो कि इससे पहले 15 फरवरी को भी जंगली हाथी ने बंजारेवाला क्षेत्र में ही एक ग्रामीण पर हमलाकर उसकी जान ले ली थी। एक पखवाड़े के भीतर ही हाथी के हमले से मौत की दूसरी घटना से क्षेत्रवासियों में भी दहशत है। गुस्साए ग्रामीणों ने वनविभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक परिवार के लिए मुआवजे की मांग उठाई है। इस संबंध में बुग्गावाला थाना प्रभारी एनके बचकोटि का कहना है कि सूचना पर पुलिस टीम मौके पर गई थी, जहां लोगों से पूछताछ भी की गई। उन्होंने बताया कि हाथी के चिघाड़ने और दौड़ाने से दशहत में एक ग्रामीण की जान चली गई, हालांकि परिजनों ने कानूनी कार्रवाई करने से इंकार कर दिया है।
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क से सटे बंजारेवाला गांव के जंगल में बुधवार को दोपहर करीब एक बजे महेंद्र, ज्ञानचंद और इशमसिंह लकड़ी बीनने गए थे। वह जंगल में लकड़ियों को एकत्रित कर रहे थे। तभी हाथी की चिघाड़ सुनकर उनके हाथ पांव फूल गए। सामने जंगली हाथी देखकर तीनों बदहवास होकर भागने लगे। हाथी ने भी तीनों दौड़ा लिया। थोड़ी दूर पीछा करने के बाद हाथी तो जंगल में लौट गया, लेकिन दहशत में महेंद्र पुत्र किरपा की जान चली गई। बेहोशी की हालत में परिजन और ग्रामीण उसे लेकिन निजी चिकित्सक के पास पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। वहीं ज्ञानचंद भी भागते समय एक पेड़ से टकराकर जख्मी हो गया। सिर में चोट लगने से उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक अन्य ग्रामीण इशम सिंह पुत्र रमन सिंह भी हाथी के हमले से बाल-बाल बच गया। भागकर जान बचाने वाले इशम सिंह की भी दहशत के मारे काफी देर तक बोलती बंद हो गई। उसकी आंखों में हाथी का खौफ साफ नजर आया। मालूम हो कि इससे पहले 15 फरवरी को भी जंगली हाथी ने बंजारेवाला क्षेत्र में ही एक ग्रामीण पर हमलाकर उसकी जान ले ली थी। एक पखवाड़े के भीतर ही हाथी के हमले से मौत की दूसरी घटना से क्षेत्रवासियों में भी दहशत है। गुस्साए ग्रामीणों ने वनविभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक परिवार के लिए मुआवजे की मांग उठाई है। इस संबंध में बुग्गावाला थाना प्रभारी एनके बचकोटि का कहना है कि सूचना पर पुलिस टीम मौके पर गई थी, जहां लोगों से पूछताछ भी की गई। उन्होंने बताया कि हाथी के चिघाड़ने और दौड़ाने से दशहत में एक ग्रामीण की जान चली गई, हालांकि परिजनों ने कानूनी कार्रवाई करने से इंकार कर दिया है।
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