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‘जिंदों को छोड़ मुर्दों’ पर कार्रवाई में जुटा वक्फ बोर्ड
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Tue, 16 Feb 2016 12:08 AM IST
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रुड़की। प्रोसिडिंग रजिस्टर जैसा अहम अभिलेख गायब होने के मामले में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड भले ही कोई कदम नहीं उठा पा रहा है लेकिन दस्तावेज गायब होने के दूसरे मामले में मृतक के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। सीईओ ने बाकायदा जिलाधिकारी को इसके लिए पत्र भेज दिया है। बहरहाल वक्फ बोर्ड ‘जिंदों पर रहम और मुर्दो पर सितम’ दोनों मामलों से चर्चाओं में है।
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आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना में हाल ही में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड का प्रोसिडिंग रजिस्टर गायब होने का खुलासा हुआ है। इसके पीछे जहां तत्कालीन सीईओ की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं कार्रवाई न होने पर मौजूदा अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं। ऐसे ही एक दूसरे मामले में अधिकारियों की अति गंभीरता का मामला सामने आया है। लक्सर के पथरी क्षेत्र में काठापीर का प्रबंधन वक्फ बोर्ड मुतवल्ली अकबर अली के माध्यम से कर रहा था। अकबर अली का 15 अक्तूबर 2015 को देहांत होने के बाद खाते की पास बुक, चेक बुक और एफडीआर बोर्ड को नहीं मिल रही है। प्रबंध संचालन से जुड़े अन्य लोगों से जानकारी लेने पर भी इन दस्तावेजों का पता नहीं चल पा रहा है। लिहाजा वक्फ बोर्ड सीईओ अहमद अली की तरफ से एक पत्र जिलाधिकारी को भेजा गया है। जिसमें दस्तावेज गायब होने के मामले में एफआईआर कराने के लिए कहा गया है। मामला चूंकि मृतक मुतवल्ली से जुड़ा है। ऐसे में साफ है कि कार्रवाई होने का सवाल ही नहीं है। लेकिन प्रोसिडिंग रजिस्टर के गायब होने को गंभीरता से लिया जाए तो वक्फ संपत्तियों से जुड़े महत्वपूर्ण अभिलेख वापस मिलने के साथ कई खुलासे हो सकते हैं।
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