{"_id":"57f7eb4b4f1c1bcd4026fae0","slug":"dengue-deaths-awakened-administration","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू से हुई मौतों पर जागा प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेंगू से हुई मौतों पर जागा प्रशासन
ब्यूूराो/ अमर उजाला रुड़की
Updated Sat, 08 Oct 2016 12:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुड़की। डेंगू से हो रही लगातार मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की नींद अब जाकर टूटी है। शुक्रवार को नगर निगम में बैठक कर जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुग ने सभी विभागों को मिल-जुलकर डेंगू पर नियंत्रण पाने के निर्देश दिए। इसके तहत तीन दिन तक प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए सरकारी मशीनरी के साथ व्यापारियों, आम लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग की अपील की गई है।
विज्ञापन
इस बार अस्पतालों में अगस्त माह से ही डेंगू के केस आने शुरू हो गए थे। सितंबर में डेंगू से मरने वालों की संख्या में इजाफा हुआ। अभी तक पीड़ितों का आंकड़ा एक हजार से भी अधिक पहुंच चुका है। पिछले एक सप्ताह में 11 मौतें डेंगू से हुई हैं। हालांकि सरकारी आंकड़ों में जिले में केवल अभी तक 365 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। जबकि एक की मौत दर्शाई गई है। लेकिन बेकाबू हो चुके डेंगू को लेकर प्रशासन अब हरकत में आता नजर आ रहा है। शुक्रवार को जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ ने डेंगू के खिलाफ अभियान चलाने और क्षेत्र को पूरी तरह से डेंगू मुक्त कराने को लेकर नगर निगम में एक बैठक ली। इसमें स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम रुड़की, पुलिस, पंचायत विभाग, शिक्षा विभाग, सिंचाई विभाग आदि अधिकारियों ने भाग लिया।
विज्ञापन
डीएम ने कहा कि डेंगू एक बड़ी चुनौती बन चुका है। इससे निपटने के लिए सभी लोगों को प्रयास करने होंगे। सभी विभागीय अधिकारी और कर्मचारी फिलहाल अपने कार्यों को रोककर डेंगू के खात्मे के लिए कार्य करें। डोर-टू-डोर जाकर डेंगू के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। दवाओं का छिड़काव कराकर, घर में जहां भी पानी रुका हो उसे गिराकर लार्वा भी नष्ट करवाएं। उन्होंने सरकारी विभागों के साथ-साथ आम जनता, कारोबारियों और जनप्रतिनिधियों से तीन दिन तक चलने वाले अभियान में सहयोग करने की अपील की। साथ ही इसे विजयदशमी तक खत्म करने को कहा। अभियान रुड़की के साथ-साथ कलियर, मंगलौर और लंढौरा में भी चलाया जाएगा।
विज्ञापन
रणनीति के तहत चलेगा अभियान
शनिवार से डेंगू के खिलाफ चलने वाले अभियान के लिए तीन रणनीति बनाई गई। इसके तहत घर-घर जाकर पंपलेट बांटने और लोगों को जागरूक किया जाएगा। सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों, कारोबारियों और जनता का सहयोग लेना होगा। जबकि तीसरी रणनीति में टीमें बनाई जाएंगी। यह टीमें घर-घर और खाली स्थानों पर भरे पानी आदि में दवाओं का छिड़काव करेगी। अभियान में एएनएम और आशाओं की अहम भूमिका रहेगी। इनकी अलग-अलग टीमें बनाई जाएंगी। जो घर-घर जाकर सर्वे करेंगी। साथ ही लोगों को डेंगू से बचाव और उसको कैसे नष्ट किया जा सकता है। इसके बारे में बताया जाएगा। सीएमओ बीएस जंगपांगी ने कहा कि डेंगू का जड़ से सफाया करना होगा। इसके लिए जरूरी है कि डेंगू का एक भी मच्छर या फिर उसका लार्वा न रहे। तभी इस पर काबू पाया जा सकता है।
डेंगू और इंसानों की पसंद एक...
रुड़की। स्वास्थ्य विभाग देहरादून की एडिशनल डायरेक्टर डा. किरण बिष्ट ने बैठक के दौरान डेंगू मच्छर के बारे में जानकारी दी। बताया कि डेंगू यानी डेंगी मच्छर मादा है। इसे वह सब पसंद है जो इंसानों को पसंद आता है। इसे साफ पानी पसंद, 20-25 डिग्री सेल्सियस तापमान में यह रहता है। घर के भीतर रहना इसे बेहद पसंद है। डेंगू का एक मच्छर एक हजार से अधिक लोगों को संक्रमित कर सकता है। उन्होंने कहा कि घर में एक-दो दिन पुराना यदि पानी है तो उसे गिरा दें। बाहर यदि पानी भरा है उस पर मिट्टी का तेल डाल दें।
जब सीएमओ पर भड़के मेयर
डेंगू से निपटने को लेकर आयोजित बैठक में विचार विमर्श चल रहा था। उसी दौरान नगर निगम मेयर यशपाल राणा भी बैठक में पहुंच गए। इन्हें आते देखकर मेयर यशपाल राणा ने सीएमओ बीएस जंगपांगी को कड़े लहजे में कहा कि स्वास्थ्य अधिकारी कब मिलेगा। इस पर सीएमओ ने सफाई देने की कोशिश की। लेकिन मेयर ने कहा कि जनता जवाब मांगती है। शहर में डेंगू फैला हुआ है। ऐसे में उन्हें स्वास्थ्य अधिकारी चाहिए। मेयर के तेवर देखते हुए जिलाधिकारी ने उन्हें शांत कराया।
यह अधिकारी रहे मौजूद
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित, अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. एसके अग्रवाल, एएसडीएम गोपाल सिंह चौहान, नगर निगम एमएनए प्रेमलाल, सीएमएस डा. संजय कंसल, सीओ रुड़की स्वप्न किशोर सिंह, आईएमए अध्यक्ष डा. एसके कौशिक, डीपीआरओ मोहित चौधरी, जिला मलेरिया अधिकारी डा. गुरनाम सिंह, डा. रजत सैनी, डा. सुषमा गुप्ता, नगर निगम एसएनए उत्तम सिंह नेेगी आदि सहित विभिन्न विभागों के कई अधिकारी मौजूद रहे।