तहसील क्षेत्र में मगरमच्छों के आबादी में घुसने का सिलसिला जारी है। रविवार सुबह भी एक विशालकाय मगरमच्छ खेड़ी कलां गांव में घर के दरवाजे तक आ गया। ग्रामीणों ने किसी तरह उसे गांव से बाहर खदेड़ा। इसके बाद वह तालाब में घुस गया। सूचना पर गांव पहुंची वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को काबू में करने के बाद सुरक्षित गंगा नदी में छोड़ दिया।
बरसात खत्म होने के बाद मगरमच्छों ने आबादी का रुख कर लिया है। तीन दिन पहले पंडितपुरी गांव में 13 वर्षीय बच्ची को एक विशालकाय मगरमच्छ ने तालाब में खींच लिया था। इसके बाद उसका शव बरामद हुआ था। अगले दिन सेठपुर गांव की आबादी में भी मगरमच्छ घुस आया था। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचती कि वह तालाब में घुस गया था। वहीं, रविवार सुबह करीब छह बजे खेड़ी कलां गांव में तालाब से निकालकर विशालकाय मगरमच्छ ग्रामीण सोनू के घर के पास पहुंच गया। मगरमच्छ देखते ही उन्होंने शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास के कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मगरमच्छ को गांव से बाहर खदेड़ा। साथ ही वन विभाग को सूचना दी गई। वन बीट अधिकारी सोनी पवार, जाति राम, देवेंद्र, भोपाल और सतेंद्र मौके पर पहुंचे। टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद मगरमच्छ को काबू कर लिया और अपने साथ ले गए। वन रेंजर गौरव कुमार अग्रवाल ने बताया कि मगरमच्छ को भोगपुर गंगा नदी में छोड़ दिया गया है।