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एक दूसरे दुकानदारों को बेचते थे चोरी का सामान
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Sun, 06 Dec 2015 11:10 PM IST
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नारसन। कस्बे में तीन दुकानों पर लगे नौकरों ने महीनों तक सामान चोरी कर मालिकों को खूब चपत लगाई। मजेदार बात यह है कि एक दूसरे की दुकानों से चुराया गया माल तीनों दुकानदार ही कौड़ियों के दामों में खरीदते रहे। रविवार को एक नौकर रंगेहाथ पकड़े जाने पर इसकी टोपी उसके सर रखने के इस मकड़जाल का खुलासा हुआ। दुकानदारों ने तीनों की पिटाई की। बाद में माफी मांगने पर उन्हें भगा दिया।
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कस्बे की एक परचून की दुकान से वाशिंग पाउडर चुरा रहे नौकर को उसके मालिक ने रंगेहाथ दबोच लिया। बगल के दो दुकानदार को भी अपने नौकरों पर शक हुआ। पूछताछ में चोरी की बात कुबूल करने पर तीनों नौकरों की धुनाई शुरू कर दी। मगर चोरी का सामान बेचने के बाबत जब नौकरों से पूछा गया तो उन्होंने एक दूसरे के मालिकों की तरफ उंगली कर दी। इससे दुकानदारों के होश फाख्ता हो गए। राज खुला तो पता चला कि नौकर ने काजू जैसे सूखे मेवे 75 रुपये किलो के भाव में बगल के दुकानदार को बेचे। वहीं उसके नौकर ने महंगे जूते औने पौने दामों में दूसरे दुकानदार को दिए। पिटाई के बाद अलग अलग गांव के तीनों नौकरों ने गिड़गिड़ाकर माफी मांगी। ये मामला कस्बे में चर्चा का विषय बना रहा।
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