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कौड़ी के दाम बेच दी लाखों की फसल
Updated Fri, 07 Dec 2018 11:58 PM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, खानपुर
धर्मपुर गांव के किसानों ने तहसील प्रशासन के कुछ अधिकारियों पर सोलानी नदी किनारे अब्दीपुर ग्राम पंचायत और नदी की जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल की नीलामी न कर उसे सस्ते दामों पर बेचने का आरोप लगाया है। आरोप है कि अधिकारियों ने नियमों के खिलाफ कब्जा धारकों को 1100 रुपये प्रति बीघा की धनराशि के बदले फसल काटने की अनुमति दे दी है। किसानों ने मिलीभगत का आरोप लगाते हुए एसडीएम लक्सर से शिकायत की है।
खानपुर ब्लॉक के अब्दीपुर ग्राम पंचायत के रकबे के किनारे से सटकर सोलानी नदी बहती है। सोलानी नदी की तकरीबन पांच सौ बीघा जमीन खाली पड़ी थी। नदी की इस भूमि और ग्राम समाज की भूमि पर अब्दीपुर और आसपास के कुछ दबंग किसानों ने अवैध कब्जे कर फसल उगा ली थी। पिछले दिनों धर्मपुर के किसान राजपाल ने इस बाबत नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने हरिद्वार जिला प्रशासन को ग्रामसभा और नदी की जमीन तीन महीने के भीतर अतिक्रमण मुक्त कराने के आदेश दिए थे। आदेश पर लक्सर तहसील प्रशासन ने जमीन पर खड़ी अब्दीपुर, धर्मुपुर, गोवर्धनपुर, सिकंदरपुर व राजपुर के कुल 24 किसानों की धान व गन्ने की फसल कुर्क कर दी थी। आरोप है कि कब्जा धारकों ने धान की फसल चुपचाप काटकर बेच दी। बाद में राजपाल और अन्य किसानों ने गन्ने की फसल नीलाम किए जाने की मांग की थी। अब ग्रामीणों ने दोबारा एसडीएम को शिकायती पत्र भेजा है। किसानों का आरोप है कि तहसीलदार ने फसल की विधिवत नीलामी कराए बिना कब्जा धारकों को बुलवाकर उन्हीं से सरकारी खाते में 1100 रुपये प्रति बीघा जमा कराकर गन्ना काटने की अनुमति दे दी है। जबकि मौके पर एक बीघे खेत पर औसतन 18 हजार रुपये मूल्य की गन्ने की फसल खड़ी है।
कृषि उपज की नीलामी का प्रावधान नहीं है। किसानों से क्षतिपूर्ति ली गई है। ग्रामीण जो आरोप लगा रहे हैं उनकी भी जांच कराई जाएगी। कौस्तुभ, मिश्र एसडीएम लक्सर
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धर्मपुर गांव के किसानों ने तहसील प्रशासन के कुछ अधिकारियों पर सोलानी नदी किनारे अब्दीपुर ग्राम पंचायत और नदी की जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल की नीलामी न कर उसे सस्ते दामों पर बेचने का आरोप लगाया है। आरोप है कि अधिकारियों ने नियमों के खिलाफ कब्जा धारकों को 1100 रुपये प्रति बीघा की धनराशि के बदले फसल काटने की अनुमति दे दी है। किसानों ने मिलीभगत का आरोप लगाते हुए एसडीएम लक्सर से शिकायत की है।
खानपुर ब्लॉक के अब्दीपुर ग्राम पंचायत के रकबे के किनारे से सटकर सोलानी नदी बहती है। सोलानी नदी की तकरीबन पांच सौ बीघा जमीन खाली पड़ी थी। नदी की इस भूमि और ग्राम समाज की भूमि पर अब्दीपुर और आसपास के कुछ दबंग किसानों ने अवैध कब्जे कर फसल उगा ली थी। पिछले दिनों धर्मपुर के किसान राजपाल ने इस बाबत नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने हरिद्वार जिला प्रशासन को ग्रामसभा और नदी की जमीन तीन महीने के भीतर अतिक्रमण मुक्त कराने के आदेश दिए थे। आदेश पर लक्सर तहसील प्रशासन ने जमीन पर खड़ी अब्दीपुर, धर्मुपुर, गोवर्धनपुर, सिकंदरपुर व राजपुर के कुल 24 किसानों की धान व गन्ने की फसल कुर्क कर दी थी। आरोप है कि कब्जा धारकों ने धान की फसल चुपचाप काटकर बेच दी। बाद में राजपाल और अन्य किसानों ने गन्ने की फसल नीलाम किए जाने की मांग की थी। अब ग्रामीणों ने दोबारा एसडीएम को शिकायती पत्र भेजा है। किसानों का आरोप है कि तहसीलदार ने फसल की विधिवत नीलामी कराए बिना कब्जा धारकों को बुलवाकर उन्हीं से सरकारी खाते में 1100 रुपये प्रति बीघा जमा कराकर गन्ना काटने की अनुमति दे दी है। जबकि मौके पर एक बीघे खेत पर औसतन 18 हजार रुपये मूल्य की गन्ने की फसल खड़ी है।
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कृषि उपज की नीलामी का प्रावधान नहीं है। किसानों से क्षतिपूर्ति ली गई है। ग्रामीण जो आरोप लगा रहे हैं उनकी भी जांच कराई जाएगी। कौस्तुभ, मिश्र एसडीएम लक्सर
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