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भतीजे ने ही लूट की साजिश रच चाचा को लगाई थी चपत
Updated Thu, 01 Feb 2018 12:32 AM IST
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रुड़की। चाचा के ट्रैक्टर को किराए पर चलाने वाले भतीजे ने पहले ट्रैक्टर को एक लाख 90 हजार में बेच दिया और फिर उसके झबरेड़ा-मानकपुर मार्ग पर लूटने की झूठी सूचना दे दी। पुलिस को भतीजे की लूट की कहानी पर तब शक हुआ जब ग्रामीणों से की गई पूछताछ में पता चला कि ट्रैक्टर एक सप्ताह से नहीं दिख रहा है। कड़ाई से पूछताछ की गई तो भतीजे ने राज उगल दिया। उसके बाद पुलिस ने आरोपी भतीजे दीपक को घर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
बुधवार को एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने सिविल लाइंस कोतवाली में घटना का खुलासा किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि दीपक (मूल निवासी सहारनपुर, हाल निवासी कृष्णानगर, कोतवाली गंगनहर रुड़की) अपने चाचा रविंद्र कुमार (निवासी धर्मपुर, थाना झबरेड़ा, हाल निवासी कृष्णानगर, रुड़की) का ट्रैक्टर किराए पर चलाता था। 29 जनवरी को दीपक ने अपने परिजनों को सूचना दी थी कि झबरेड़ा-मानकपुर मार्ग पर बदमाश उसका ट्रैक्टर लूटकर फरार हो गए हैं। झबरेड़ा थानाध्यक्ष सुखपाल सिंह टीम के साथ घटना की छानबीन में जुटे। थानाध्यक्ष सुखपाल सिंह ने गांव में लगे सीसीटीवी फुटेज की तस्दीक की तो पता चला कि ट्रैक्टर एक सप्ताह से गायब है। इसके बाद दीपक से पूछताछ की गई तो वह अपने झूठ के जाल में फंसता चला गया। आखिरकार उसने पूरी सच्चाई उगल दी। 30 जनवरी को चाचा रविंद्र कुमार की ओर से भतीजे दीपक के खिलाफ अमानत में खयानत कर ट्रैक्टर गायब करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। उसके बाद पुलिस ने आरोपी दीपक को उसके घर से ही गिरफ्तार किया और बुधवार को उसे जेल भेज दिया। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि दीपक ने मुजफ्फरनगर के थाना भवन रोड जलालाबाद के एक व्यक्ति से पांच लाख में ट्रैक्टर का सौदा तय कर एक लाख 90 हजार रुपये ले लिए थे। दीपक की निशानदेही पर पुलिस ने ट्रैक्टर को बरामद किया। साथ ही नगदी भी बरामद की।
चाचा के बिस्तर में छिपाई रकम
भतीजे ने फिल्मी कहानी की तरह ट्रैक्टर को बेचकर प्राप्त एक लाख 90 हजार की रकम चाचा रविंद्र कुमार के बिस्तर में छिपाई। हैरत इस बात की है कि चाचा को बिस्तर के नीचे पड़ी रकम का पता तक नहीं चला। इतना ही नहीं ट्रैक्टर पर तीन लाख 54 हजार रुपये फाइनेंस के थे। इस पर भतीजे ने एक लाख 90 हजार रुपये लेकर ट्रैक्टर खरीदने वाले को सौंप दिया।
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दो माह में 12 से अधिक मामले आए
पुलिस की मानें तो दो माह में 12 से अधिक ऐसे मामलों में वादियों को जेल भेजा जा चुका है। जिन्होंने झूठी सूचना देकर खुद षड्यंत्र रचा। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि ट्रैक्टर लूट की झूठी सूचना के मामले में चाचा और भतीजे के बीच समझौता हो गया था लेकिन, पुलिस ने सख्ती करते हुए मुकदमा दर्ज किया। ताकि झूठी सूचना देकर अपराध करने वाले लोगों पर शिकंजा कसा जा सके। उन्होंने बताया कि विगत दिनों लक्सर क्षेत्र में भी बाइक लूट का एक ऐसा ही मामला सामने आया था। जिसमें बाइक लूटने की जानकारी देने वाले को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, क्योंकि उसने जुए में हारने पर अपनी बाइक दे दी थी और पुलिस को बाइक लूटने की सूचना दी थी। पिछले दो माह में इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों में पुलिस अब सख्त कार्रवाई कर रही है।
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बुधवार को एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने सिविल लाइंस कोतवाली में घटना का खुलासा किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि दीपक (मूल निवासी सहारनपुर, हाल निवासी कृष्णानगर, कोतवाली गंगनहर रुड़की) अपने चाचा रविंद्र कुमार (निवासी धर्मपुर, थाना झबरेड़ा, हाल निवासी कृष्णानगर, रुड़की) का ट्रैक्टर किराए पर चलाता था। 29 जनवरी को दीपक ने अपने परिजनों को सूचना दी थी कि झबरेड़ा-मानकपुर मार्ग पर बदमाश उसका ट्रैक्टर लूटकर फरार हो गए हैं। झबरेड़ा थानाध्यक्ष सुखपाल सिंह टीम के साथ घटना की छानबीन में जुटे। थानाध्यक्ष सुखपाल सिंह ने गांव में लगे सीसीटीवी फुटेज की तस्दीक की तो पता चला कि ट्रैक्टर एक सप्ताह से गायब है। इसके बाद दीपक से पूछताछ की गई तो वह अपने झूठ के जाल में फंसता चला गया। आखिरकार उसने पूरी सच्चाई उगल दी। 30 जनवरी को चाचा रविंद्र कुमार की ओर से भतीजे दीपक के खिलाफ अमानत में खयानत कर ट्रैक्टर गायब करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। उसके बाद पुलिस ने आरोपी दीपक को उसके घर से ही गिरफ्तार किया और बुधवार को उसे जेल भेज दिया। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि दीपक ने मुजफ्फरनगर के थाना भवन रोड जलालाबाद के एक व्यक्ति से पांच लाख में ट्रैक्टर का सौदा तय कर एक लाख 90 हजार रुपये ले लिए थे। दीपक की निशानदेही पर पुलिस ने ट्रैक्टर को बरामद किया। साथ ही नगदी भी बरामद की।
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चाचा के बिस्तर में छिपाई रकम
भतीजे ने फिल्मी कहानी की तरह ट्रैक्टर को बेचकर प्राप्त एक लाख 90 हजार की रकम चाचा रविंद्र कुमार के बिस्तर में छिपाई। हैरत इस बात की है कि चाचा को बिस्तर के नीचे पड़ी रकम का पता तक नहीं चला। इतना ही नहीं ट्रैक्टर पर तीन लाख 54 हजार रुपये फाइनेंस के थे। इस पर भतीजे ने एक लाख 90 हजार रुपये लेकर ट्रैक्टर खरीदने वाले को सौंप दिया।
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दो माह में 12 से अधिक मामले आए
पुलिस की मानें तो दो माह में 12 से अधिक ऐसे मामलों में वादियों को जेल भेजा जा चुका है। जिन्होंने झूठी सूचना देकर खुद षड्यंत्र रचा। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि ट्रैक्टर लूट की झूठी सूचना के मामले में चाचा और भतीजे के बीच समझौता हो गया था लेकिन, पुलिस ने सख्ती करते हुए मुकदमा दर्ज किया। ताकि झूठी सूचना देकर अपराध करने वाले लोगों पर शिकंजा कसा जा सके। उन्होंने बताया कि विगत दिनों लक्सर क्षेत्र में भी बाइक लूट का एक ऐसा ही मामला सामने आया था। जिसमें बाइक लूटने की जानकारी देने वाले को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, क्योंकि उसने जुए में हारने पर अपनी बाइक दे दी थी और पुलिस को बाइक लूटने की सूचना दी थी। पिछले दो माह में इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों में पुलिस अब सख्त कार्रवाई कर रही है।