{"_id":"5c89456ebdec2260e22abc7c","slug":"181552500078-roorkee-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर पांच लाख की ठगी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सरकारी विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर पांच लाख की ठगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
महिला समेत तीन लोगों ने ग्रामीण को बेटी की सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों की ठगी कर डाली। नौकरी नहीं लगने पर ग्रामीण ने रुपये वापस मांगे तो उन्होंने इनकार कर दिया। एक साल से रकम वापस पाने के लिए भटक रहे ग्रामीण ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
झबरेड़ा क्षेत्र के सुल्तानपुर साबतवाली निवासी कीरत सिंह पेशे से किसान हैं। बुधवार को पुलिस को दी तहरीर में उन्होंने बताया कि पिछले साल रुड़की में एक जान पहचान के व्यक्ति ने उनकी एक महिला और दो लोगों से जान पहचान कराई थी। बताया था कि तीनों सरकारी विभाग में अच्छी जान पहचान रखते हैं। कुछ दिन बाद महिला और दोनों लोगों ने सरकारी विभाग में कीरत सिंह की बेटी की नौकरी लगवाने की बात कही। तीनों लोगों ने बताया कि नौकरी लगवाने के लिए पांच लाख की रकम देनी होगी। उनके झांसे में आए कीरत सिंह ने बेटी की नौकरी के लिए पांच लाख रुपये जमीन बेचकर तीनों लोगों को दे दिए। रुपये लेने के बाद तीनों ने एक महीने बाद विभाग से नियुक्तिपत्र आने की बात कही। एक महीने बाद तीनों ने एक नियुक्तिपत्र दिया, जिसे लेकर कीरत सिंह का बेटा हरिद्वार स्थित एक सरकारी विभाग में पहुंचा तो पता चला कि वह फर्जी है। इसके बाद उसने घर आकर पिता को पूरी जानकारी दी। कीरत सिंह ने तीनों से संपर्क कर नौकरी न लगने पर अपने रुपये वापस मांगे। आरोप है कि उन्होंने इनकार कर दिया। तभी से वह अपनी रकम वापस को भटक रहे हैं। सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। महिला और दोनों लोगों की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
महिला समेत तीन लोगों ने ग्रामीण को बेटी की सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों की ठगी कर डाली। नौकरी नहीं लगने पर ग्रामीण ने रुपये वापस मांगे तो उन्होंने इनकार कर दिया। एक साल से रकम वापस पाने के लिए भटक रहे ग्रामीण ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
झबरेड़ा क्षेत्र के सुल्तानपुर साबतवाली निवासी कीरत सिंह पेशे से किसान हैं। बुधवार को पुलिस को दी तहरीर में उन्होंने बताया कि पिछले साल रुड़की में एक जान पहचान के व्यक्ति ने उनकी एक महिला और दो लोगों से जान पहचान कराई थी। बताया था कि तीनों सरकारी विभाग में अच्छी जान पहचान रखते हैं। कुछ दिन बाद महिला और दोनों लोगों ने सरकारी विभाग में कीरत सिंह की बेटी की नौकरी लगवाने की बात कही। तीनों लोगों ने बताया कि नौकरी लगवाने के लिए पांच लाख की रकम देनी होगी। उनके झांसे में आए कीरत सिंह ने बेटी की नौकरी के लिए पांच लाख रुपये जमीन बेचकर तीनों लोगों को दे दिए। रुपये लेने के बाद तीनों ने एक महीने बाद विभाग से नियुक्तिपत्र आने की बात कही। एक महीने बाद तीनों ने एक नियुक्तिपत्र दिया, जिसे लेकर कीरत सिंह का बेटा हरिद्वार स्थित एक सरकारी विभाग में पहुंचा तो पता चला कि वह फर्जी है। इसके बाद उसने घर आकर पिता को पूरी जानकारी दी। कीरत सिंह ने तीनों से संपर्क कर नौकरी न लगने पर अपने रुपये वापस मांगे। आरोप है कि उन्होंने इनकार कर दिया। तभी से वह अपनी रकम वापस को भटक रहे हैं। सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। महिला और दोनों लोगों की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन