फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   307 को लेकर भाजपा-कांग्रेस में होती रही जोर आजमाइश

307 को लेकर भाजपा-कांग्रेस में होती रही जोर आजमाइश

Tue, 06 Mar 2018 12:12 AM IST
Updated Tue, 06 Mar 2018 12:12 AM IST
विज्ञापन
307 को लेकर भाजपा-कांग्रेस में होती रही जोर आजमाइश
रुड़की। मेयर यशपाल राणा की गिरफ्तारी के मामले में धारा 307 को लेकर भाजपा-कांग्रेस पार्टी के नेताओं की पूरे दिन जोर आजमाइश चलती रही। कांग्रेसी नेता जहां 307 को हटाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे थे, वहीं भाजपा नेता किसी भी सूरत में धारा 307 नहीं हटाए जाने को लेकर जोर आजमाइश करते रहे। उनकी यह कोशिश रुड़की और हरिद्वार में बैैठे अधिकारियों तक ही सीमित नहीं रही बल्कि देहरादून तक भी जोर लगाया गया।
विज्ञापन

मेयर यशपाल राणा पर मुकदमा दर्ज कराने से लेकर उनकी गिरफ्तारी के लिए भी भाजपाइयों की राजनीति रात से ही गरमाने लगी थी। मेयर के धुर विरोधी समझे जाने वाले भाजपा विधायक प्रदीप बतरा सबसे पहले अस्पताल पहुंचे थे और उन्होंने हमले में घायल हुए पार्षद के परिजनों को आश्वास्त किया था कि इस मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा। रात से ही भाजपा नेता जहां मेयर पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाने लगे थे। वहीं मेयर को अहसास भी नहीं था कि पुलिस उनकी गिरफ्तारी कर सकती है, इसीलिए वे तहरीर लेकर सीधे कोतवाली पहुंच गए और आज सुबह उनकी गिरफ्तारी की खबर आई तो कांग्रेसी भी सक्रिय हो गए। इस पूरे प्रकरण में खास बात यह थी कि कांग्रेसी जहां गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे वहीं पार्टी के दिग्गजों का प्रयास था कि मेयर के खिलाफ लगाई गई धारा 307 मुकदमे से हटा दी जाए ताकि उन्हें जेल न जाना पड़े और उन्हें बाहर से बाहर ही जमानत मिल सके। भाजपाई भी पीछे नहीं थे भाजपा नेताओं ने भी इस सूरत में इसके लिए पूरा जोर लगा दिया कि किसी भी सूरत में धारा 307 नहीं हटनी चाहिए। इसके लिए प्रशासनिक भवन में बैठक कर पूरे प्रकरण पर न केवल भाजपाइयों ने चर्चा की बल्कि पुलिस अधिकारियों पर फोन कर दबाव बनाया। इस बैठक में भाजपा के जिलाध्यक्ष डॉ जयपाल सिंह चौहान, विधायक प्रदीप बत्रा, मयंक गुप्ता, अरविंद गौतम, सुनील साहनी समेत बड़ी संख्या में भाजपा नेता मौजूद रहे। इसके बाद भाजपाइयों का एक प्रतिनिधि मंडल एसपी देहात कार्यालय में बैठक के बाद एसएसपी कृष्ण कुमार वीके से भी मिला और बताया कि हमले में घायल हुए पार्षद चंद्रप्रकाश बाटा और उनके भांजे निखिल वर्मा को गंभीर चोटें आई है। इसलिए हल्की धाराएं न लगाई जाएं। बाद में धारा 307 लगाए जाने पर ही भाजपाई संतुष्ट हुए, हालाकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया से की जा रही है, जो भी चोटें सामने आई है उस तरह की धाराएं लगाई गई है।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed