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एंटी करप्शन के नाम पर ब्लैकमेल करने के आरोप में दो गिरफ्तार

Thu, 07 Feb 2019 11:49 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 07 Feb 2019 11:49 PM IST
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एंटी करप्शन के नाम पर ब्लैकमेल करने के आरोप में दो गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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खुद को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) का अधिकारी बताने वाले दो युवकों को पुलिस ने धर दबोचा। दोनों कोतवाली से फैक्ट्रियों में छापेमारी के लिए पुलिस फोर्स मांगने पहुंचे थे। इस दौरान कोतवाल पर ही रौब गालिब करने लगे। शक होने पर कोतवाल ने दोनों को पकड़कर हवालात में बंद कर दिया। पुलिस ने धोखाधड़ी और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का केस दर्ज कर दोनों का चालान कर दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, गंगनहर कोतवाली में बृहस्पतिवार सुबह दो युवक पहुंचे। उन्होंने कोतवाली प्रभारी राजेश शाह से कहा कि वे एसीबी से हैं। पता चला है कि रुड़की के आसपास फैक्ट्रियों में फर्जी काम चल रहा है और फैक्ट्रियों में छापेमारी करनी है। इसके लिए पुलिस फोर्स चाहिए। कोतवाल ने दोनों को बैठने के लिए कहा। कुछ देर बाद दोनों फिर कोतवाल के चैंबर में गए। इस पर कोतवाल ने कहा कि फोर्स की कमी है तो दोनों रौब गालिब करने लगे। शक होने पर कोतवाल ने आई कार्ड मांगा तो दोनों आनाकानी करने लगे। कोतवाल ने किसी तरह उनसे आई कार्ड ले लिया। इसके बाद जब आई कार्ड के विषय में पूछताछ की गई तो वे सही जवाब नहीं दे सके।
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पुलिस ने दोनों की तलाशी ली तो एक 46 लाख चेक बरामद हुआ। सख्ती से पूछताछ में दोनों बताया कि वे पैसे के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो का सहारा लेते हैं। कोतवाल की तहरीर पर दोनों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया। कोतवाल राजेश शाह ने बताया आरोपियों की पहचान ईश्वर चंद शर्मा पुत्र वेदपाल निवासी मुजफ्फरनगर हाल निवासी कृष्णानगर रुड़की और ईश्वर दयाल पुत्र अतर सिंह निवासी सुनहरा रोड मकतूलपुरी के रूप में हुई है। केस दर्ज करने के बाद दोनों का चालान कर दिया गया।
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कार्ड पर छपाई थी अशोक की लॉट
आरोपियों ने आई कार्ड पर अपनी फोटो के साथ ही अशोक की लॉट भी लगाई गई थी ताकि वे खुद को गृह मंत्रालय से संबंधित संगठन साबित कर सकें और रौब गालिब कर पैसे ऐंठ सकें। माना जा रहा है कि आरोपी पुलिस का छापा मरवाकर फैक्ट्री मालिकों से रकम वसूलने की फिराक में थे। आरोपी कभी खुद को गृह मंत्रालय से जुड़े संगठन के अधिकारी तो कभी राष्ट्रीय संस्था के कार्यकर्ता बता रहे थे।
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