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मेयर यशपाल राणा जमानत पर रिहा, स्वागत में उमड़ा हुजूम
Updated Wed, 07 Mar 2018 12:20 AM IST
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रुड़की। भाजपा पार्षद चंद्रप्रकाश बाटा और उसके भांजे पर प्राणघातक हमले के आरोप में गिरफ्तार मेयर यशपाल राणा मंगलवार शाम जमानत पर रिहा हो गए। इससे उत्साहित कांग्रेसियों ने आतिशबाजी कर जुलूस निकाला।
रविवार रात गंगनहर पुलिस ने मेयर यशपाल राणा को गिरफ्तार कर लिया गया था। सोमवार को कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। तब से भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक रस्साकस्सी चल रही थी। पुलिस ने मेयर की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे कांग्रेसियों को आश्वस्त किया था कि यदि चिकित्सकों की सप्लीमेंट्री रिपोर्ट में धारा-307 लगाने के समुचित तथ्य नहीं पाए गए तो उन पर लगी धारा हटा दी जाएगी। मंगलवार सुबह देहरादून से आई चिकित्सकों की रिपोर्ट में प्रभावी तथ्य नहीं पाए गए, लेकिन गंभीर चोटें होने पर धारा-325 बढ़ा दी गई है। इसके कागजात कोर्ट में पेश किए गए। इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट द्वितीय अनूप सिंह की अदालत ने मेयर यशपाल राणा की जमानत मंजूर कर ली। दूसरी और मेयर यशपाल राणा के बेटे लवी राणा की ओर से दी गई तहरीर पर गंगनहर कोतवाली पुलिस ने भाजपा पार्षद चंद्रप्रकाश बाटा, उसके भांजे निखिल वर्मा और दो अन्य के खिलाफ मारपीट, लूट, छेड़खानी आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। साथ ही दलित समाज के दो साथियों को जाति सूचक शब्द कहकर अपमानिक करने का भी आरोप लगाया है। मेयर की ओर से हरिद्वार के वरिष्ठ अधिवक्ता उत्तम सिंह चौहान, रुड़की बार संघ के सचिव अनित चौधरी, प्रदीप वर्मा, अनुज कपिल, उत्तम सिंह चौहान ने पैरवी की।
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रविवार रात गंगनहर पुलिस ने मेयर यशपाल राणा को गिरफ्तार कर लिया गया था। सोमवार को कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। तब से भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक रस्साकस्सी चल रही थी। पुलिस ने मेयर की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे कांग्रेसियों को आश्वस्त किया था कि यदि चिकित्सकों की सप्लीमेंट्री रिपोर्ट में धारा-307 लगाने के समुचित तथ्य नहीं पाए गए तो उन पर लगी धारा हटा दी जाएगी। मंगलवार सुबह देहरादून से आई चिकित्सकों की रिपोर्ट में प्रभावी तथ्य नहीं पाए गए, लेकिन गंभीर चोटें होने पर धारा-325 बढ़ा दी गई है। इसके कागजात कोर्ट में पेश किए गए। इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट द्वितीय अनूप सिंह की अदालत ने मेयर यशपाल राणा की जमानत मंजूर कर ली। दूसरी और मेयर यशपाल राणा के बेटे लवी राणा की ओर से दी गई तहरीर पर गंगनहर कोतवाली पुलिस ने भाजपा पार्षद चंद्रप्रकाश बाटा, उसके भांजे निखिल वर्मा और दो अन्य के खिलाफ मारपीट, लूट, छेड़खानी आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। साथ ही दलित समाज के दो साथियों को जाति सूचक शब्द कहकर अपमानिक करने का भी आरोप लगाया है। मेयर की ओर से हरिद्वार के वरिष्ठ अधिवक्ता उत्तम सिंह चौहान, रुड़की बार संघ के सचिव अनित चौधरी, प्रदीप वर्मा, अनुज कपिल, उत्तम सिंह चौहान ने पैरवी की।
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