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बोर्ड बैठक चंद घंटे पहले स्थगित होने पर भड़के पार्षद, मेयर के खिलाफ नारेबाजी
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रुड़की नगर निगम में मेयर द्वारा बोर्ड की बैठक निरस्त किए जाने के विरोध में आयोजित बैठक के दौरान न?
- फोटो : ROORKEE
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बोर्ड बैठक से चंद घंटे पहले मेयर की ओर से इसे स्थगित किए जाने पर भड़के पार्षदों ने मेयर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद विधायक प्रदीप बत्रा भी निगम पहुंच गए। उन्होंने पार्षदों के साथ बैठक कर बिना ठोस कारण के बैठक निरस्त किए जाने को गलत बताया। उन्होंने निगम एक्ट के अनुसार जल्द बैठक आयोजित कराने के निर्देश दिए। बाद में बोर्ड बैठक को निरस्त किए जाने के संबंध में पार्षदों की ओर से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को ज्ञापन भी सौंपा गया। बोर्ड बैठक में सालाना बजट के साथ ही 64 विकास कार्यों के प्रस्ताव भी चर्चा के लिए रखे जाने थे।
नगर निगम रुड़की की मंगलवार को बोर्ड बैठक होनी थी लेकिन मेयर गौरव गोयल ने सोमवार रात को अपरिहार्य कारण बताते हुए नगर आयुक्त विजय नाथ शुक्ला को बोर्ड बैठक स्थगित करने के लिए पत्र जारी कर दिया। इसके बाद नगर अयुक्त ने निर्धारित समय से दो घंटे पहले मंगलवार को यह पत्र पार्षदों को जारी किया। इसपर पार्षद भड़क गए और नगर निगम पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। पार्षदों ने मेयर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मेयर पर तानाशाही करने का आरोप लगाया। पार्षद दल के नेता राकेश गर्ग ने कहा कि बोर्ड बैठक को इस तरह से स्थगित नहीं किया जा सकता है। बाद में विधायक प्रदीप बत्रा भी नगर निगम पहुंच गए। उन्होंने सभाकक्ष में पार्षदों के साथ बैठक की। विधायक बत्रा ने कहा कि बोर्ड बैठक को अकारण इस तरह से स्थगित किया जाना गलत है।
पार्षद दल के नेता राकेश गर्ग ने कहा कि मेयर की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मेयर पर गंभीर आरोप लगाए। पार्षद विवेक चौधरी ने कहा कि मेयर व्यक्तिगत एजेंडे को महत्व देते हैं। बोर्ड में बहुमत नहीं होने पर मेयर व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए बैठक स्थगित करने के अधिकार को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। पार्षद प्रतिनिधि संजीव तोमर ने नगर आयुक्त पर कार्य में पारदर्शिता न बरतने का आरोप लगाया। पार्षद नितिन त्यागी ने कहा कि 11 बजे बोर्ड बैठक के लिए बुलाया गया था और साढ़े ग्यारह बजे उन्हें सूचना दी गई कि बैठक निरस्त कर दी गई है। यह पूरी तरह गलत है। इस मौके सहायक नगर आयुक्त एसपी गुप्ता, पार्षद प्रतिनिधि जेपी शर्मा, संजय कश्यप, पार्षद शक्ति राणा, पार्षद प्रतिनिधि हरीश शर्मा, पार्षद आशु, नितिन त्यागी, नामित पार्षद अमित प्रजापति आदि मौजूद रहे।
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एजेंसी के कार्यों को बोर्ड पर चस्पा न करने का मामला उठा
बैठक में आरोप लगाया कि गया कि नगर निगम चोरी छिपे एजेंसी जारी कर रहा है। इसकी सूचना सार्वजनिक रूप से बोर्ड पर चस्पा की जानी चाहिए। आरोप लगाया कि चहेते लोगों को मनमर्जी से एजेंसी देने की कोशिश की जा रही है। इस पर विधायक प्रदीप बत्रा ने एजेंसी के कार्यों को बोर्ड पर चस्पा करने के निर्देश दिए।
पार्षद और नगर आयुक्त में नोकझोंक
पार्षद पंकज सतीजा ने नगर आयुक्त पर आरोप लगाया कि वह मेयर के कहने पर ही कार्य कर रहे हैं। उन्होंने नगर आयुक्त पर उनकी अनदेखी का भी आरोप लगाया। नगर आयुक्त विजय नाथ शुक्ला ने कहा कि वह अपने कार्यालय में रहते हैं। कोई शिकायत मिलती है तो वह तत्काल उस पर संज्ञान लेते हैं। यह सही है कि बैठक जरूरी थी लेकिन महापौर को बैठक स्थगित करने का अधिकार है। पार्षद बोर्ड बैठक बुलाने के लिए उन्हें पत्र दें। वह 15 दिन के भीतर बैठक बुलवाएंगे।
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नगर निगम रुड़की की मंगलवार को बोर्ड बैठक होनी थी लेकिन मेयर गौरव गोयल ने सोमवार रात को अपरिहार्य कारण बताते हुए नगर आयुक्त विजय नाथ शुक्ला को बोर्ड बैठक स्थगित करने के लिए पत्र जारी कर दिया। इसके बाद नगर अयुक्त ने निर्धारित समय से दो घंटे पहले मंगलवार को यह पत्र पार्षदों को जारी किया। इसपर पार्षद भड़क गए और नगर निगम पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। पार्षदों ने मेयर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मेयर पर तानाशाही करने का आरोप लगाया। पार्षद दल के नेता राकेश गर्ग ने कहा कि बोर्ड बैठक को इस तरह से स्थगित नहीं किया जा सकता है। बाद में विधायक प्रदीप बत्रा भी नगर निगम पहुंच गए। उन्होंने सभाकक्ष में पार्षदों के साथ बैठक की। विधायक बत्रा ने कहा कि बोर्ड बैठक को अकारण इस तरह से स्थगित किया जाना गलत है।
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पार्षद दल के नेता राकेश गर्ग ने कहा कि मेयर की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मेयर पर गंभीर आरोप लगाए। पार्षद विवेक चौधरी ने कहा कि मेयर व्यक्तिगत एजेंडे को महत्व देते हैं। बोर्ड में बहुमत नहीं होने पर मेयर व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए बैठक स्थगित करने के अधिकार को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। पार्षद प्रतिनिधि संजीव तोमर ने नगर आयुक्त पर कार्य में पारदर्शिता न बरतने का आरोप लगाया। पार्षद नितिन त्यागी ने कहा कि 11 बजे बोर्ड बैठक के लिए बुलाया गया था और साढ़े ग्यारह बजे उन्हें सूचना दी गई कि बैठक निरस्त कर दी गई है। यह पूरी तरह गलत है। इस मौके सहायक नगर आयुक्त एसपी गुप्ता, पार्षद प्रतिनिधि जेपी शर्मा, संजय कश्यप, पार्षद शक्ति राणा, पार्षद प्रतिनिधि हरीश शर्मा, पार्षद आशु, नितिन त्यागी, नामित पार्षद अमित प्रजापति आदि मौजूद रहे।
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एजेंसी के कार्यों को बोर्ड पर चस्पा न करने का मामला उठा
बैठक में आरोप लगाया कि गया कि नगर निगम चोरी छिपे एजेंसी जारी कर रहा है। इसकी सूचना सार्वजनिक रूप से बोर्ड पर चस्पा की जानी चाहिए। आरोप लगाया कि चहेते लोगों को मनमर्जी से एजेंसी देने की कोशिश की जा रही है। इस पर विधायक प्रदीप बत्रा ने एजेंसी के कार्यों को बोर्ड पर चस्पा करने के निर्देश दिए।
पार्षद और नगर आयुक्त में नोकझोंक
पार्षद पंकज सतीजा ने नगर आयुक्त पर आरोप लगाया कि वह मेयर के कहने पर ही कार्य कर रहे हैं। उन्होंने नगर आयुक्त पर उनकी अनदेखी का भी आरोप लगाया। नगर आयुक्त विजय नाथ शुक्ला ने कहा कि वह अपने कार्यालय में रहते हैं। कोई शिकायत मिलती है तो वह तत्काल उस पर संज्ञान लेते हैं। यह सही है कि बैठक जरूरी थी लेकिन महापौर को बैठक स्थगित करने का अधिकार है। पार्षद बोर्ड बैठक बुलाने के लिए उन्हें पत्र दें। वह 15 दिन के भीतर बैठक बुलवाएंगे।