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झोपड़ी में लगी आग, दो बच्चे जिंदा जले
अमर उजाला ब्यूरो मंगलौर
Updated Wed, 25 Jan 2017 11:01 PM IST
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हाथ तापने के लिए बच्चों की ओर से जलाई गई आग की एक चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई। इसकी चपेट में आने से तीन-तीन वर्ष के दो बच्चों की अंदर जिंदा जलकर मौत हो गई। जबकि तीसरा बच्चा भागने में कामयाब रहा। दिल दहला देने वाला यह हादसा उस परिवार में हुआ जहां कल शुक्रवार को बेटी की शादी होनी है।
मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के घोसीपुरा निवासी नकली कश्यप की बेटी की कल शुक्रवार को शादी होनी है। इसके लिए घर में काफी रिश्तेदार आदि आए हुए थे। बुधवार शाम नकली कश्यप का तीन वर्षीय पोता कन्हैया (पुत्र शेर सिंह) और एक रिश्तेदार की बेटी शमा (पुत्री कृष्णा) घर के समीप एक झोपड़ी में बैठकर खेल रहे थे। इन दोनों के साथ एक और बच्चा भी खेल रहा था। खेल-खेल में बच्चों ने हाथ तापने के लिए आग जला दी। इसी बीच आग की एक चिंगारी झोपड़ी के फूस में पड़ी और उसने तुरंत आग पकड़ ली। आग देखकर एक बच्चा झोपड़ी से किसी तरह बाहर निकलने में कामयाब हो गया।
जबकि कन्हैया और शमा आग की चपेट में आ गए। परिजन और अन्य ग्रामीण आग की लपटें देखकर मौके की ओर दौड़े और आग बुझाने में जुट गए। कुछ देर बाद किसी तरह आग पर काबू पाया गया। अंदर जाकर देखा तो दो बच्चों की जिंदा जलकर मौत हो चुकी थी। इस दर्दनाक हादसे से परिजनों में कोहराम मच गया। जिस घर में शादी के गीत और ढोल बज रहे थे। वहां रोने चिल्लाने की चीखे सुनाई देने लगी। इससे पूरे गांव में मातम छा गया। ग्राम प्रधानपति अनिल कुमार ने बताया कि हादसे की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई।
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मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के घोसीपुरा निवासी नकली कश्यप की बेटी की कल शुक्रवार को शादी होनी है। इसके लिए घर में काफी रिश्तेदार आदि आए हुए थे। बुधवार शाम नकली कश्यप का तीन वर्षीय पोता कन्हैया (पुत्र शेर सिंह) और एक रिश्तेदार की बेटी शमा (पुत्री कृष्णा) घर के समीप एक झोपड़ी में बैठकर खेल रहे थे। इन दोनों के साथ एक और बच्चा भी खेल रहा था। खेल-खेल में बच्चों ने हाथ तापने के लिए आग जला दी। इसी बीच आग की एक चिंगारी झोपड़ी के फूस में पड़ी और उसने तुरंत आग पकड़ ली। आग देखकर एक बच्चा झोपड़ी से किसी तरह बाहर निकलने में कामयाब हो गया।
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जबकि कन्हैया और शमा आग की चपेट में आ गए। परिजन और अन्य ग्रामीण आग की लपटें देखकर मौके की ओर दौड़े और आग बुझाने में जुट गए। कुछ देर बाद किसी तरह आग पर काबू पाया गया। अंदर जाकर देखा तो दो बच्चों की जिंदा जलकर मौत हो चुकी थी। इस दर्दनाक हादसे से परिजनों में कोहराम मच गया। जिस घर में शादी के गीत और ढोल बज रहे थे। वहां रोने चिल्लाने की चीखे सुनाई देने लगी। इससे पूरे गांव में मातम छा गया। ग्राम प्रधानपति अनिल कुमार ने बताया कि हादसे की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई।
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